400 प्रतिशत तक बढ़ा स्टांप शुल्क,छोटे दस्तावेजों से लेकर संपत्ति अनुबंध तक महंगे-जियो टैगिंग बनी सबसे बड़ी समस्या
400 प्रतिशत तक बढ़ा स्टांप शुल्क,छोटे दस्तावेजों से लेकर संपत्ति अनुबंध तक महंगे-जियो टैगिंग बनी सबसे बड़ी समस्या
शपथ पत्र से लेकर एग्रीमेंट तक सब महंगा-मध्यमवर्गीय परिवार परेशान
झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक। प्रदेश सरकार ने 11 साल बाद स्टांप शुल्क में भारी बढ़ोतरी कर दी है। जमीन या प्रॉपर्टी के अनुबंध, शपथ पत्र,पावर ऑफ अटॉर्नी,दान पत्र और किराया एग्रीमेंट जैसे 12 प्रकार के दस्तावेज अब पहले से कई गुना महंगे हो गए हैं। आमतौर पर 50 रुपए में होने वाला शपथ पत्र अब 200 रुपए में मिलेगा,जबकि संपत्ति खरीद के अनुबंध पर 1000 के स्थान पर 5000 रुपए स्टांप शुल्क देना होगा। इसी तरह अन्य दस्तावेजों पर भी 100 से लेकर 400 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है।
जियो टैगिंग बनी सबसे बड़ी समस्या
सब रजिस्टार कार्यालय झाबुआ में पक्षकारों ने बताया कि रजिस्ट्री के दौरान सबसे अधिक समस्या जियो टैगिंग पर आ रही है। संपदा 2.0 व्यवस्था में सभी रजिस्ट्री अनिवार्य की गई हैं। ऐसे में करीब 50 प्रतिशत भूखंडों की लोकेशन सटीक नहीं मिल रही है,जिससे पक्षकार और सर्विस प्रोवाइडर दोनों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। हालांकि नई व्यवस्था में अब गवाहों को पंजीयक कार्यालय आने की जरूरत नहीं है।
मध्यमवर्गीय पर बढ़ा आर्थिक बोझ
स्टांप ड्यूटी बढ़ऩेे का सीधा असर मध्यम और निम्न वर्गीय परिवारों पर पड़ा है। शपथ पत्र,किराए के अनुबंध और छोटे-छोटे सरकारी कार्यों के लिए आवश्यक दस्तावेज अब कई गुना महंगे हो गए हैं। इससे नौकरीपेशा और किरायेदार वर्ग सबसे अधिक परेशान है।
कर रहे लोग दबी आवाज में फैसले का विरोध
स्टांप ड्यूटी में वृद्धि के साथ ही रजिस्ट्री अधिनियम में भी संशोधन किया गया है। अब होम लोन और कृषि ऋण खत्म होने के बाद बैंक को दस्तावेज ऑनलाइन भेजने की जिम्मेदारी दी गई है,जिससे पक्षकार को दोबारा रजिस्ट्री कराने की जरूरत नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया ई-फाइलिंग के जरिए संपन्न होगी। सरकार का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना बताया जा रहा है,लेकिन मध्यमवर्गीय परिवारों पर बोझ बढऩे से लोगों में नाराजगी है। कई पक्षकारों का कहना है कि पहले जो दस्तावेज आसानी से हो जाते थे,अब उनकी लागत कई गुना हो गई है। कई लोग दबी आवाज में इस फैसले का विरोध कर रहे हैं।
नई दरें 9 सितम्बर 2025 से लागू हो गई
-रजिस्ट्री सुधार-पहले 1000,अब 5000- 400 प्रतिशत बढ़ोतरी
-संपत्ति एग्रीमेंट-पहले 1000,अब 5000- 400 प्रतिशत बढ़ोतरी
-सहमति विलेख-पहले 1000,अब 5000- 400 प्रतिशत बढ़ोतरी
-शपथ पत्र-पहले 50,अब 200- 300 प्रतिशत बढ़ोतरी
-अन्य हथियार अनुज्ञप्ति-पहले 2000,अब 5000- 150 प्रतिशत बढ़ोतरी
-50 लाख का एग्रीमेंट-पहले 500,अब 1000- 100 प्रतिशत बढ़ोतरी
-किराया एग्रीमेंट-पहले 500,अब 1000- 100 प्रतिशत बढ़ोतरी
जेब खाली करने वाला स्टांप संशोधन विधेयक
स्टांप ड्यूटी बढ़ाने पर लोगों पर बोझ बढ़ेगा। उन्होंने इसे जनता की जेब खाली करने वाला विधेयक बताया।
कांग्रेस विधायक- बाला बच्चन
क्या राय ली गई ?
जो लोग स्टांप ड्यूटी भरते हैं,क्या उनसे राय ली गई ....? एक तरफ कहा जाता है कि हम टैक्स नहीं बढ़ा रहे हैं,दूसरी तरफ इस तरह से शुल्क बढ़ाया जा रहा है। सरकार कर्ज लेने पर कहती है कि हम विकास के लिए कर्ज ले रहे हैं,तो फिर यह शुल्क क्यों बढ़ाया जा रहा है....?
नेता प्रतिपक्ष-उमंग सिंघार
सोच-समझकर बढ़ाया है
जो बढ़ाया है वह सोच-समझकर बढ़ाया है। एससी,एसटी और ओबीसी के लिए एफिडेविट मुफ्त है। यह संशोधन 11 साल के बाद आए हैं,जो 64 बिंदु में से 12 बिंदु में प्रभावी होंगे।
उपमुख्यमंत्री-जगदीश देवड़ा
नई दरें 9 सितम्बर 2025 से लागू हो गई
प्रदेश सरकार ने 9 सितम्बर 2025 से जमीन,प्रॉपर्टी अनुबंध, शपथ-पत्र और अन्य दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी बढ़ाई गई है। यह उच्च स्तरीय निर्देशन है,जिसका पालन किया जा रहा है।
जीआय मंडलोई- रजिस्ट्रार, झाबुआ

