प्रदेश की प्रशासनिक नोक-झोक पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से

दमोह कलेक्टर इतने कंगाल भी नहीं, पल दो पल के करोड़पति, 2 लाख लखपति बने हुए थे गरीब, हमारे रुपए वापस दो, खाद की बोरी की,एक आरती ऐसी भी, व्यापारी ने समझा केला उत्पादकों का दर्द

 

दमोह कलेक्टर इतने कंगाल भी नहीं
 

झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। अपने जिले के वरिष्ठजनों को मोबाइल से आर्थिक मदद के लिए कलेक्टर अनुरोध करें,किसी भी जिले का कलेक्टर इतना कंगाल तो हो ही नहीं सकता है। उल्लेखनीय है कि जालसाजों ने दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर की तस्वीर का इस्तेमाल कर एक फर्जी अकाउंट बनाया। शुरुआती बातचीत के बाद, जालसाज कलेक्टर के नाम पर पैसों की मांग करने लगता था। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। यह मामला तब उजागर हुआ,जब कई लोगों ने खुद कलेक्टर सुधीर कोचर से संपर्क कर,इन संदेशों के बारे में बताया।

पल दो पल के करोड़पति

धामनोद-धार के स्कूल संचालक वकील विनोद डोंगले बस पल दो पल के लिए ही करोड़पति हो गए और इस दौरान उन्होंने ये प्लॉनिंग भी कर ली कि इस अकूत संपत्ति का कैसे उपयोग करना है.....? विनोद डोंगले के डिमैट अकाउंट में अचानक अ_ाईस सौ सत्रह 28 अरब17 करोड़ रुपये दिखने लगे,लेकिन जब डोंगले ने अपने डिमैट अकाउंट में लॉगिन किया,तो उन्होंने देखा कि उनके खाते में हर्सिल एग्रो लिमिटेड कंपनी के 1 हजार 312 शेयर हैं,जो प्रति शेयर 2 करोड़ 14 लाख 74 हजार रुपए की कीमत पर दर्ज थे। इस तरह कुल वैल्यू 28 अरब 17 करोड़ 41 लाख 29 हजार 408 रुपए दिख रही थी। यह सब एक टेक्निकल गड़बड़ी का परिणाम था । शेयर की वैल्यू जल्द ही अपने मूल भाव पर लौट भी आई।

2 लाख लखपति बने हुए थे गरीब

छतरपुर में गरीबों के हिस्से का अनाज लूटने वाले रईसों की पोल खुल गई है। आयकर और जीएसटी विभाग की जांच में सामने आया है कि जिले में दो लाख से अधिक संपन्न परिवार बीपीएल-गरीबी रेखा से नीचे सूची में फर्जी तरीके से शामिल होकर मुफ्त राशन और सरकारी सुविधाएं ले रहे हैं। इस खुलासे के बाद जिला आपूर्ति कार्यालय ने एक्शन मोड अपनाया है। अब तक एक हजार अपात्र उपभोक्ताओं ने अपनी पात्रता पर्ची सरेंडर कर दी है। यह बड़ा फर्जीवाड़ा तब सामने आया जब आयकर और जीएसटी विभाग ने जिला आपूर्ति कार्यालय को इनपुट भेजा कि कई बीपीएल कार्डधारकों की वार्षिक आय छह लाख रुपए से अधिक है और उनमें से कई कारोबारी,सरकारी कर्मचारी और फर्म संचालक हैं।

हमारे रुपए वापस दो

मंदसौर जिलें में सुवासरा के किसान फसल मुआवजा राशि के नाम पर धोखाधड़ी के तनाव से गुजर रहे हैं। करीब 100 किसानों को फसलों की मुआवजा राशि लौटाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में  कहा गया है कि रोग, कीट आदि के कारण खराब हुई फसल की मुआवजा राशि त्रुटिवश आपके खातों में डाल दी गई है,इसे तुरंत लौटाएं अन्यथा कुर्की की जाएगी। नोटिस के साथ ही कई किसानों के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं,जिससे किसान परेशान हो उठे हैं। सुवासरा तहसील के टोकड़ी गांव के किसानों के साथ यह वाकया हुआ है। किसानों से मुआवजा राशि तुरंत वापस करने को कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि तकनीकी त्रुटि के कारण ऐसा हुआ है। जिन किसानों को ज्यादा राशि दी जानी थी,उन्हें कम पैसे दिए गए और जिन्हें कम मुआवजा मिलना था उन्हें ज्यादा पैसे डाल दिए गए।

खाद की बोरी की,एक आरती ऐसी भी

विदिशा के सिरोंज में डीएपी खाद की कमी से जूझ रहे किसानों ने खाद की बोरी की आरती उतारी। यही नहीं किसानों ने प्रार्थना की कि उन्हें आसानी से खाद उपलब्ध हो सके। किसान नेता सुरेंद्र रघुवंशी के नेतृत्व में सिरोंज के बासौदा नाके पर यह पूजा कार्यक्रम आयोजित किया गया,जिसमें रघुवंशी ने बताया कि पूरे विदिशा जिले में खाद के लिए मारामारी मची हुई है। इस अवसर पर किसानों ने मुख्यमंत्री से सद्बुद्धि की मांग की और खाद की निरंतर उपलब्धता के लिए प्रार्थना की।

व्यापारी ने समझा केला उत्पादकों का दर्द

बुरहानपुर में इस साल करीब 22 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में केला लगाया गया है। हरियाणा और पंजाब सहित कई अन्य राज्यों में बाढ़ का पानी आ गया था,इस वजह से सप्लाई कम हुई थी। केला उत्पादक किसानों की परेशानी को सरकार से पहले नेपानगर के डाबिया खेड़ा गांव के एक केला व्यापारी ने समझा। केला व्यापारी रवि महाजन ने केला उत्पादक किसानों को बाजार भाव से प्रति क्विंटल 200 रुपए अधिक दाम देकर 10 गाड़ियां केला खरीदा। गांव से केले से लोड वाहन को गाजे-बाजे के साथ बारात या किसी धार्मिक आयोजन की तरह धूमधाम से निकाला गया। यह नजारा देख हर कोई दंग रह गया। स्थानीय लोगों ने व्यापारी की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की है।