प्रदेश की नोक-झोक पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से
प्रदेश की नोक-झोक पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से
कागज पर भूखंड आवंटन के 23 साल, छोटे दुकानदारों से टैक्स वसूली, डिजिटल डेटोनेटर का असर, नींद खराब कर रखी है अलार्म ने, टाइगरों के टाइगर
कागज पर भूखंड आवंटन के 23 साल
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। सरदार सरोवर बांध के विस्थापित किसानों के लिये दशकों से मेधा पाटकर जमीनी और अदालती लड़ाई लड़ रही है। दूसरी तरफ सरकार किस तरह काम करती है ...? यह मप्र हाईकोर्ट में 23 साल से चल रहे प्रकरण की सुनवाई में सामने आया है कि प्रभावितों को भूखंड सिर्फ कागज पर ही आवंटित किये गये हैं। जिनमें नंबर और साइज तो है,लेकिन नामांतरण,बिक्री,सीमांकन नहीं हो पा रहा है। कोर्ट की पिछली सुनवाई में शामिल हुए एसीएस डॉ. राजेश राजौरा ने परियोजना का ड्रोन मॉडल दिखाते हुए जो कुछ कहा,उससे यह भी उजागर हुआ कि कई विस्थापितों को तो 23 साल बाद भी आज तक भूखंड ही नहीं मिले हैं।
छोटे दुकानदारों से टैक्स वसूली
सिवनी शहर के मठ मंदिर,तालाब के किनारे विभिन्न क्षेत्रों में कुम्हार और माटी के दीये व बर्तन बेचने वाले छोटे-छोटे दुकानदारों से नगर पालिका प्रशासन दुकान लगाने का टैक्स वसूल रही है। जबकि इससे पहले तक प्रशासन इनको दुकान लगाने पर टैक्स वसूली से राहत देता रहा है। भाजपा जिला अध्यक्ष मीना बिसेन और स्थानीय भाजपा नेता व पार्षद इन दुकानों पर खरीदारी के लिए पहुंचे तो,दुकानदारों ने उनसे वसूले जा रहे टैक्स को लेकर नाराजगी जताई। भाजपा जिला अध्यक्ष ने कलेक्टर से फोन पर बात कर टैक्स माफी की मांग की, ताकि स्वदेशी उत्पाद बेचने वाले इन दुकानदारों को राहत मिल सके।
डिजिटल डेटोनेटर का असर
डिजिटल डेटोनेटर के पालन के लिये छिंदवाड़ा जिले की पेंच तथा कन्हान क्षेत्र की भूमिगत खदानों के उत्पादन पर बुरा असर पड़ा है। पेंच की नेहरिया,विष्णुपुरी, महादेवपुरी, धनकशा और कन्हान की शारदा कोयला खदान में एक अक्टूबर से अंडरग्राउंड में ब्लास्टिंग नहीं होने से उत्पादन रुक गया है। जिसके कारण उनका प्रतिदिन लाखों रुपए का नुकसान भी हो रहा है। खदानों में डिपिलरिंग का कोयला अथवा स्टॉक का कोयला ही परिवहन किया जा रहा है,वह भी खत्म होने के कगार पर है। डायरेक्टर जनरल माइंस सेफ्टी डिजीएमएस द्वारा इलेक्ट्रिक डेटोनेटर की जगह डिजिटल डेटोनेटर का उपयोग करने के आदेश के बाद यह स्थिति निर्मित हुई है। कोल इंडिया की देशभर में स्थित 300 अंडरग्राउंड माइंस में उत्पादन या तो प्रभावित हो गया है या पूरी तरह से ठप पड़ गया है। यह प्रतिबंध पिछले एक वर्ष से लगाया जा रहा है और कोल कंपनियां बार-बार एक्सटेंशन ले रही थीं। 30 सितंबर को अवधि खत्म हो गई,कोल कंपनियों को उम्मीद थी कि इस बार भी डीजीएमएस उन्हें एक्सटेंशन दे देगा,लेकिन डीजीएमएस ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी और एक्सटेंशन देने से इनकार कर दिया। इसके बाद कोल कंपनियों के समक्ष संकट पैदा हो गया है।
नींद खराब कर रखी है अलार्म ने
विदिशा के खरी फाटक रोड स्थित एक बैंक के रात में चाहे जब बजने वाले अलार्म से आसपास के रहवासी परेशान हैं। शुरुआत में जब अलार्म बजा था,तो इलाके में हड़कंप मच गया था और पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। जांच में पता चला कि बैंक की तिजोरी के आसपास अत्यधिक सुरक्षा व्यवस्था है,जो छोटे जीवों या चूहों के गुजरने पर भी सक्रिय हो जाती है।
टाइगरों के टाइगर
भारतीय वन सेवा के अधिकारी प्रदेश के उप वन संरक्षक रितेश सरोठिया को टाइगरों के टाइगर यूं ही नहीं कहा जाता। एमपी को टाइगर स्टेट का खिताब दिलाने में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की सक्रियता को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। सरोठिया टाइगर बचाने की इस मुहिम में जुटे रहते हैं। उनके नेतृत्व में वन और वन्य-जीव अपराधों में लिप्त एक हजार से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वन और वन्यजीव अपराध की रोकथाम के लिए केवल राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उन्हें उत्कृष्ट कार्य के लिए जाना जा रहा है। इसके लिए उप वन संरक्षक रितेश सिरोठिया को यूनाइटेड नेशन द्वारा द एशिया एनवायरमेंट इन्फोर्समेंट रिकग्निशन ऑफ एक्सीलेंस अवॉर्ड 2024-25 प्रदान किया गया है। उन्हें यह अवॉर्ड यूएनईपी द्वारा 17 अक्टूबर को थाईलेंड के बैंकाक में हुए वर्चुअल समारोह में दिया गया। खास बात यह है कि इससे पूर्व भी आईएफएस रितेश सिरोठिया को 3 बार अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।

