प्रदेश की नोक-झोक पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से
देश की नोक-झोक पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से
लाइट गुल,जनरेटर में डीजल भी नहीं.मनमानी का जवाब भी मनमानी से आतंकवाद के बाद जातंकवाद आप पार्टी को स्कूलों की याद आई सुवासरा के हैं -ओ सजनी रे गीत-वाले प्रशांत पांडे इस बार रतलाम के दो मंदिर सजें,करोड़ों के नोटों से
लाइट गुल,जनरेटर में डीजल भी नहीं
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। पिछले दिनों भोपाल के जेपी अस्पताल में लाइट गुल होने पर डॉक्टरों को ओटी में टॉर्च जलाकर काम करना पड़ा था। मरीज को एनेस्थीसिया देकर टेबल पर लिटाया ही था कि लाइट चली गई। डॉक्टर चीरा लगाने वाले ही थे और बिजली गई,तब ओटी में सिर्फ मॉनिटर की हल्की रोशनी ही बची थी। कुछ मिनट तक इंतजार किया गया,फिर टॉर्च ऑन करनी पड़ी थी। यह तो गनीमत रही थी कि ऑपरेशन शुरू ही नहीं हुआ था,वरना स्थिति और गंभीर हो सकती थी। अस्पताल के हालात का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि जब जनरेटर चालू किया,तो पता चला उसमें डीजल ही नहीं था और पूरा अस्पताल लगभग एक घंटे से ज्यादा अंधेरे में डूबा रहा। अस्पताल प्रशासन से जब डीजल जनरेटर में ना होने का कारण पूछा गया तो बताया गया कि डीजल चोरी होने की आशंका रहती है,इसलिए इसे भरकर नही रखते हैं। मजेदार बात तो यह है कि आखिरी बार जिस तारीख को डीजल भरना बताया गया,उस तारीख का भी रजिस्टर में रिकॉर्ड ही नहीं मिला।
मनमानी का जवाब भी मनमानी से
उज्जैन में गत दशहरा पर्व पर निकलने वाली महाकाल की सवारी का मार्ग बदलने पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंगदल कार्यकर्ताओं का गुस्सा भाजपा नेताओं की समझ में अब तक नहीं आ रहा है। वे जिस तरह मंदिर की बैरिकेडिंग तोड़कर 50 दोपहिया वाहनों से महाकाल लोक में घुसकर मंदिर प्रशासक के ऑफिस में पहुंच गए थे,बावजूद इसके किसी पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो इसे आमजन भी नहीं समझ पा रहे हैं। जिस रास्ते से वीएचपी और बजरंग दल के कार्यकर्ता अपनी बाइक लेकर महाकाल लोक में घुसे थे,वहां अब किसी भी अधिकारी की गाड़ी नहीं जाती है। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम एलएन गर्ग को ज्ञापन देते हुए सवारी मार्ग बदलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने हेतु मांग की है। विहिप के प्रांत प्रमुख महेश तिवारी का तर्क है,हम नहीं चाहते थे कि मंदिर में इस तरह का एकत्रीकरण हो,लेकिन जब से महाकाल लोक बना है,तभी से मंदिर में मनमानी चल रही है।
आतंकवाद के बाद जातंकवाद
हाई कोर्ट बार एसोसिएशन जबलपुर के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अनिल मिश्रा द्वारा डॉ.भीमराव अंबेडकर के खिलाफ टिप्पणी करने पर लगातार दलित आदिवासी उत्पीड़न के विरोध में रतलाम में दलित आदिवासी संगठनों ने प्रदर्शन किया,उनका पुतला भी जलाया। आपको बता दे कि ग्वालियर के अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर अपने बयान में डॉ.अंबेडकर को अंग्रेजों का जासूस बताया था और उनके अस्तित्व को खत्म करने की बात भी कही थी। डॉ.भीमराव अंबेडकर सर्कल पर किए इस प्रदर्शन में पुतला दहन करने वाले आंबेडकर समर्थकों ने इसे जातंकवाद नाम भी दिया है। अब जातंकवाद को लेकर ऐसे प्रदर्शन प्रदेश के विभिन्न जिलों में किए जा रहे हैं।
आप पार्टी को स्कूलों की याद आई
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी जितेन्द्र सिंह तोमर का दावा है कि पार्टी ने तीन महीने पहले एक हजार स्कूलों का सर्वे कराकर उनके वीडियो बनवाए थे। उन स्कूलों में से 990 स्कूलों की स्थिति बहुत खराब है। बरसात का मौसम था छतें गिर रहीं थीं। 98 प्रतिशत स्कूलों में डेस्क नहीं थे। बच्चे नीचे जमीन पर बैठे हैं। तोमर का कहना है मप्र में जो भी चुनाव पार्टी के सिंबल पर होंगे,हमारी पार्टी भी 29 लोकसभा सीटों और 230 विधानसभा सीटों पर लड़ेगी। उसके लिए एक्सरसाइज शुरु कर दी है।
सुवासरा के हैं -ओ सजनी रे गीत-वाले प्रशांत पांडे
मंदसौर जिले के सुवासरा निवासी गीतकार प्रशांत पांडे को अहमदाबाद में आयोजित 70 वें हुंडई फिल्म फेयर अवॉर्ड 2025 में बेस्ट लिरिक्स का सम्मान मिला है। उन्हें यह पुरस्कार फिल्म लापता लेडीज के लोकप्रिय गाने ओ सजनी रे सजनी के लिए प्रदान किया गया। यह समारोह गुजरात टूरिज्म के सहयोग से आयोजित किया गया था। फिल्म लापता लेडीज ने इस समारोह में कुल 13 पुरस्कार जीते, जिसमें प्रशांत पांडे का सम्मान भी शामिल है। यह उनकी पहली बॉलीवुड फिल्म के लिए मिला दूसरा बड़ा सम्मान है। इससे पहले,मार्च 2025 में आयोजित नेक्सा आईफा अवार्ड्स 2025 में भी उन्हें इसी गाने के लिए बेस्ट लिरिक्स का अवार्ड मिल चुका है। सजनी गाने को अरिजीत सिंह ने अपनी आवाज दी है,जबकि इसका संगीत राम संपथ ने तैयार किया है। आपको बता दे कि प्रशांत पांडे ने अपने स्कूल के दिनों में सामाजिक विज्ञान की कक्षा में गीत लेखन की शुरुआत की थी।
इस बार रतलाम के दो मंदिर सजें,करोड़ों के नोटों से
दीपावली के मौके पर इस बार रतलाम के दो महालक्ष्मी मंदिर करोड़ों रुपए के नोटों से सजाए गए। माणकचौक स्थित प्रसिद्ध श्री महालक्ष्मी मंदिर के साथ ही, पहली बार कालिका माता मंदिर क्षेत्र में स्थित श्री महा लक्ष्मीनारायण मंदिर को भी नोटों और जेवरातों से सजाया गया। दोनों मंदिरों में भक्तों ने खुले दिल से नोटों की गड्डियां दी। पिछले साल हुए विवादों के बाद इस बार माणकचौक मंदिर में ऑनलाइन एंट्री और बंदूकधारी गार्ड्स की तैनाती,जैसे कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए। मंदिर में 10 रुपए से लेकर 500 रुपए तक के नोटों की नई गड्डियां लेकर श्रद्धालु पहुंचे थे।

