अति का अंत करोड़ों की नकदी,सोना और जमीन निकली भ्रष्ट भदौरिया के घर छापे में,विदेशी धन भी मिला-गुजरात सीमा से लगे आलीराजपुर में रसूख के दम पर पोस्टिंग करवाकर की करोड़ों की कमाई.
अति का अंत करोड़ों की नकदी,सोना और जमीन निकली भ्रष्ट भदौरिया के घर छापे में,विदेशी धन भी मिला-गुजरात सीमा से लगे आलीराजपुर में रसूख के दम पर पोस्टिंग करवाकर की करोड़ों की कमाई
क्या अब उन अधिकारियों की भी जांच होगी,जिन्होंने भदौरिया को पाक-साफ बता दिया था?
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। इंदौर में लोकायुक्त की टीम दो चार पहिया वाहनों से पलासिया स्थित कैलाश कुंज अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 201 में पहुंची। टीम ने आलीराजपुर से अगस्त 2025 में सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के 8 ठिकानों पर छापा मारा। लोकायुक्त की टीम साथ में एंबुलेंस भी लेकर गई थी। जानकारी अनुसार इंदौर संभागीय मुख्यालय की लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को गोपनीय शिकायत के आधार पर सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी भदौरिया के 8 ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की। इनमें से 7 ठिकाने इंदौर और एक ठिकाना ग्वालियर है। इंदौर में कैलाश कुंज,बिजनेस स्काई पार्क सहित 7 ठिकाने और ग्वालियर में इंद्रमणि नगर स्थित घर पर सर्चिंग की जा रही है। कई छापे के दौरान परिजन इनकी बीमारी का बहाना लगे,लेकिन उनकी यह चाल कामयाब नहीं हो पाई क्योंकि लोकायुक्त टीम पूर्व तैयारी के साथ एंबुलेंस भी लेकर गई थी।
मिले आय से कई गुना अधिक संपति होने के सबूत
लोकायुक्त की टीम बुधवार की सुबह सबसे पहले इंदौर के ओल्ड पलासिया स्थित फ्लैट पर पहुंची और सर्चिंग शुरू कर दी। टीम ने फ्लैट में रखे दस्तावेजों की जांच शुरू की और लाखों रुपये नगद,आभूषण,सोना,चांदी,विदेशी मुद्रा और लाइसेंसी हथियार आदि जब्त किए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इंदौर स्थित फ्लैट की संपत्ति की कीमत ही लगभग 2 से 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है साथ ही आय से कई गुना अधिक संपति होने के सबूत भी मिले है।
बरामद की छापे में,करोड़ों की जमीन,नकदी,सोना और एक रिवाल्वर
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक निरंजनलाल शर्मा ने इस छापे की पुष्टि कर बताया कि यह कार्यवाही बुधवार तड़के की गई और अभी सर्चिंग जारी है। भदौरिया के इस मकान में उनके भाई एवं परिजन रहते है। प्रारंभिक कार्यवाही के दौरान लोकायुक्त टीम ने करीबन 75 लाख रुपए नगद,ढाई किलो सोने के बिस्कुट, आभूषण,चांदी के आभूषण,कई जमीनों के कागज,कई महंगी गाड़िया,परफ्यूम और एक रिवाल्वर बरामद की है। इनके दो फ्लैट के अलावा करोड़ों के निर्माणाधीन बंगले के साथ कई अचल संपतिया,जो कि इंदौर सहित इटावा और ग्वालियर में भी है। भदौरिया के द्वारा काउंटी बाग में 4700 स्क्वायर फीट क्षेत्र में आलीशान बंगला बनाने का काम किया जा रहा है। मनोरमा गंज में उनके पास में तीन बेडरूम हॉल किचन का आलीशान फ्लैट भी हैं। इसके साथ ही उनके घर की तलाशी के दौरान 500 यूरो के 10 नोट मिले हैं। इस तरह से उनके पास में 5000 यूरो विदेशी मुद्रा,जिसकी कीमत लगभग साढ़े चार लाख है,उसे भी बरामद किया गया है।
इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने भी की थी कार्यवाही
रिटायर आबकारी अधिकारी भदौरिया फाइव स्टार में मुफ्त पार्टी कर भी काफी चर्चित हुए थे। गौरतलब है कि तब तत्कालीन इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने इन पर कार्यवाही भी की थी। आगे बताया यह भी जा रहा है कि आगे जांच में करोड़ों की और कई बेनामी संपति का खुलासा हो सकता है। इसी छापे की कडी में लोकायुक्त टीम ग्वालियर के विवेक नगर स्थित भदौरिया के निवास पर भी पहुंची। जहाँ अभी दस्तावेजों और संपत्ति की जांच की जा रही है। लोकायुक्त की यह कार्रवाई इनके कुल 8 ठिकानों पर एक साथ की जा रही है। हर ठिकाने पर टीम दस्तावेजों,बैंक खातों और घर में रखी संपत्ति की बारीकी से जांच कर रही है। जांच में जुटे लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न बैंकों में उनके कई खाते और पांच बैंक लाकर की जानकारी भी सामने आयी है। जांच में कई गाडिया भी सामने आयी है। जिनकी यह जांच भी की जा रही कि ये गाड़िया किन-किनके नाम पर दर्ज है...? जांच में यह भी सामने आया है कि उनके बेटे सूर्यांश भदौरिया ने फिल्मों में काफी निवेश किया हुआ है,साथ ही उनकी बेटी का भी फिल्मों में पैसा लगाने से जुड़ा लिंक भी सामने आया है।
क्या अब उन अधिकारियोंकी भी जांच होगी,जिन्होंने भदौरिया को पाक साफ बता दिया था?
धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया रिटायर्ड जिला आबकारी अधिकारी अलीराजपुर- एडीईओ ही कहें तो ठीक होगा,के विरुद्ध विभाग को प्राप्त शिकायतों पर,विभाग के जिन अधिकारियों (गुप्ता बंधु ) ने भदौरिया को पाक-साफ बता दिया था,क्या प्रतिवेदन देने वाले उन जांच अधिकारियों को भी,अब आरोपी बनाया जाएगा.....? उल्लेखनीय है कि लोकायुक्त छापे के बाद तो,अब शिकायतें प्रमाणित भी हो गई है और जांच अधिकारी की सांठगांठ भी साबित हो गई है,फिर तो इनको भी आरोपी बनाना ही चाहिए। फिर शायद आगे देखे पडोसी झाबुआ जिले के उच्च अधिकारी और कर्मचारी भी लोकायुक्त की रडार में आ जाएंगे, ऐसा हमारा मानना है।
अति का अंत तो होता ही है
धर्मेंद्र सिंह भदौरिया 1987 में आबकारी विभाग में उपनिरीक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। अभी हाल ही में वो अगस्त 2025 को अलीराजपुर के जिला आबकारी अधिकारी के पद से सेवानिवृत हुए था। इससे पहले 2020 में शराब ठेकों की नीलामी समय पर नहीं होने के चलते, उनको निलंबित भी किया गया था। इस छापे की कार्रवाई के बाद अलीराजपुर नगर के लोगो से हमारी टीम ने चर्चा की तो कुछ लोगो ने बताया कि इसने अवैध शराब सिंडिकेट गिरोह की छत्र छाया में ही इतने करोड़ों की काली कमाई अर्जित की है। कुछ लोगो ने कहा कि वो आमजन और पत्रकारों को तो कुछ मानता ही नही था,अति का अंत तो होता ही है। हमारा आलीराजपुर जिला गुजरात सीमा से सटा हुआ है,इसलिए उसने अपने रसूख के दम पर सुनियोजित और खास मकसद को भुनाने के लिए अपनी पोस्टिंग करवाकर करोड़ों की अवैध कमाई की है। इसके साथ तो इसके सभी माफिया साथियों और कर्मचारियों की भी जांच की जानी चाहिए। कुछ लोगो ने तो यह भी बताया कि इसके साथ अधिकतर रहे गनमेन और फारुख जो निजी तौर पर भदौरिया के साथ ही रहते थे,उनके नाम से कई अवैध संपतिया भी क्रय की गई हो सकती है, इसकी भी बारीकी से जांच की जानी चाहिए।

