प्रशासनिक इतिहास में पहली बार-आईएएस पति-पत्नी एक ही जिले में पदस्थ-उड़द की दाल ना खाएं आईएएस-आईएएस एसोसिएशन का हैप्पी-इनीश्एिटिव- उपन्यास-615 पूर्वांचल हॉस्टल-पहली बार एसडीएम को लड्डुओं से तौल कर विदाई दी
 

खंडवा के प्रशासनिक इतिहास में पहली बार-आईएएस पति-पत्नी एक ही जिले में पदस्थ

झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक।  खंडवा के प्रशासनिक इतिहास में ऐसा संयोग पहली बार ही देखने को मिला है जब आईएएस पति-पत्नी एक ही जिले में पदस्थ हुए हैं। हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल के तहत आईएएस अधिकारी सृष्टि देशमुख ने अपर कलेक्टर खंडवा के पद पर ज्वाइन किया है। खास बात ये कि उनके पति नागार्जुन बी.गोड़ा पहले से ही खंडवा में जिला पंचायत के सीईओ हैं। अब दोनों पति-पत्नी एक ही जिले में अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी संभालते नजर आएंगे। जहां एक ओर तो नागार्जुन बी.गोड़ा ग्रामीण विकास और जनकल्याण योजनाओं की निगरानी में जुटे हैं,वहीं सृष्टि देशमुख जिला प्रशासन की नीतियों को लागू करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। देशमुख का नाम देशभर में तब सुर्खियों में आया था,जब उन्होंने 2018 की संघ लोकसेवा आयोग परीक्षा में पांचवी रैंक हासिल की थी। एमपी कैडर सृष्टि देशमुख पहली बार में ही आईएएस बन गई थी,वहीं नागार्जुन बी.गौड़ा मणिपुर कैडर के थे,लेकिन शादी से पहले उन्होंने कैडर ट्रांसफर करवा लिया था और वे मध्य प्रदेश आ गए।

उड़द की दाल ना खाएं आईएएस

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज-सागर के प्रोफेसर डॉ.सर्वेश जैन के पत्र पर आईएएस लॉबी को ध्यान देना चाहिए। वॉयरल हुए इस पत्र में डॉ.जैन ने लिखा है कि आईएएस अधिकारी उड़द की दाल से परहेज करें,क्योंकि यह गुस्सा,अहंकार,वासना और धन की लालसा जैसे तामसिक भावनाओ को बढ़ाती है। यह पत्र उन्होंने पूर्व कमिश्नर और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत पर पर निशाना साधते हुए लिखा है। डॉ.जैन रीढ़ की हड्डी और पुराने दर्दों के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने यह पत्र अपने फेसबुक अकाउंट पर स्वयं पोस्ट किया है। उन्होंने यह पत्र रिटायर्ड आईएएस अधिकारी रावत को संबोधित करते हुए लिखा है,जिसमें उनकी वेतनवृद्धि रोके जाने को,पद का दुरुपयोग बताया है।

आईएएस एसोसिएशन का हैप्पी-इनीशिएटिव

मध्य प्रदेश आईएएस एसोसिएशन ने अपने सदस्यों के लिए नई पहल शुरू की है। अब सदस्यों के जन्मदिन पर स्नेह और सम्मान प्रदर्शित करने के लिए संगठन की तरफ  से केक और एक उपयोगी किताब भेंट की जाने लगी है। यह पहल पिछले माह सितंबर से शुरू कर दी गयी है और जब सदस्य के निवास पर केक और किताब लेकर कोई पहुंचता है,तो वह सदस्य आश्चर्यचकित हो जाता है। सितंबर माह में जन्म दिन वाले सदस्यों में नवनीत कोठारी,अरुण भट्ट और राहुल धोते शामिल थे। इसके साथ ही संगठन के व्हाट्सएप ग्रुप पर जन्मदिन का उल्लेख किया जाता है,ताकि अन्य सदस्य भी जन्मदिन की बधाई दे सकें। इस संबंध में यह भी बताया गया है कि अगर किसी सदस्य को अपने जन्मदिन की निजता को बनाए रखना है,तो वह पहले से संगठन को सूचित कर भी सकता है।

उपन्यास-615 पूर्वांचल हॉस्टल

जबलपुर के कलेक्टर नियुक्त हुये राघवेन्द्र सिंह का लिखा पहला उपन्यास 615 पूर्वांचल हॉस्टल*चर्चा में है। जबलपुर कलेक्टर सिंह जेएनयू से पढ़े लिखे हैं। कहा जा रहा है कि जेएनयू में बिना पढ़े यात्रा करना चाहते हैं,तो उपन्यास *615 पूर्वांचल हॉस्टल को पढ़ लेना चाहिए।

प्रशासनिक इतिहास में पहली बार एसडीएम को लड्डुओं से तौलकर विदाई दी

रीवा के प्रशासनिक इतिहास में यह अवसर पहला था कि जब किसी एसडीएम को अधिवक्ता संघ ने लड्डुओं से तौलकर विदाई दी गयी। कड़े निर्णयों के लिए मशहूर एसडीएम वैशाली जैन की ईमानदारी और साहसिक कार्यों की अभिभाषकों ने सराहना भी की। अब उनका ट्रांसफर जिला पंचायत सीईओ पद पर रतलाम में हुआ है। वैशाली जैन ने रीवा में अपने कार्यकाल के दौरान कई उल्लेखनीय कार्रवाई भी की थी। आरटीओ की अवैध वसूली पर छापामारी,खाद्य विभाग की कालाबाजारी पर रोक और भू-अर्जन घोटाले के खिलाफ  कार्रवाई उनकी तेज-तर्रार छवि को दर्शाती हैं। इन प्रयासों ने उन्हें प्रशासनिक हलकों में एक सशक्त अधिकारी के रूप में स्थापित कर दिया है। वैशाली जैन और उनकी बहन गोंडा की सीडीओ अंकिता जैन की जोड़ी आईएएस लॉबी में जैन सिस्टर्स के नाम से जानी जाती हैं। दिल्ली की रहने वाली दोनों बहनों ने यूपीएससी में शानदार प्रदर्शन किया। अंकिता ने चौथे प्रयास में 21 वीं रैंक हासिल की थी,जबकि वैशाली ने दूसरे प्रयास में तीसरी रैंक के साथ कीर्तिमान स्थापित किया था।