मुहूर्त प्रदान अवसर पुण्य सम्राट के थे,पुण्य सम्राट के है ओर रहेंगे
मुहूर्त प्रदान अवसर पुण्य सम्राट के थे,पुण्य सम्राट के है ओर रहेंगे
झाबुआ/राणापुर। संजय जैन-सह संपादक। धर्म दिवाकर आचार्य श्रीमद विजय नित्यसेन सुरीश्वरजी महाराज से जीर्णोद्धारित मंदिर की प्रतिष्ठा का मुहूर्त लेने ओसवाल समाज मुंबई पहुंचा था। समाज की विनती के पश्चात 26 अप्रैल 26 का मंगल मुहूर्त प्रदान किया गया। मुहूर्त प्राप्त होते ही उपस्थित समाज जन एवं राणापुर निवासी के हृदय में हर्ष की लहर दौड़ गयी।
आपकी उदारता है
मुहूर्त संघ अध्यक्ष दिलीप सकलेचा,सचिव प्रदीप भंसाली,रमेश नाहर, अनिल सेठ ,सुरेश समीर ,शांतिलाल बी सकलेचा,राजेंद्र सिंयाल आदि ने ग्रहण किया। साथ ही संघ को मुंबई तक ले जाने की व्यवस्था में अपनी अहम भूमिका का निर्वाह करने वाले तरुण सकलेचा ने पूज्य श्री को विश्वास दिलाया कि आपके जन्म नगर के अनुरूप ही भव्य प्रतिष्ठा कार्यक्रम भी सम्पन्न होगा। हम भाग्यवान है कि पहली विनती में ही हमें मुहूर्त मिल गया,यह आपकी उदारता ही हे। अध्यक्ष दिलीप सकलेचा ने समाज की ओर से हृदय सम्राट को विश्वास दिलाया कि हम पुण्य सम्राट के भक्त थे,है और रहेंगे भी। किसी भी तरह के भ्रामक समाचारों पर विश्वास न करे,जहां तक समाज का कोई सदस्य आपसे प्रत्यक्ष में इसकी बात न कहे।
पुण्य सम्राट के अनेकों उपकार है
वरिष्ठ सुरेश समीर ने कहा कि पुण्य सम्राट के अनेकों उपकार है कि हम उनसे उऋण हो ही नहीं सकते है,उनके चरण और शरण ही मेरे लिए पालीताणा और गिरनार तीर्थ है। कुछ समय पहले जो विकृत हवा चली थी, वह अब पूरी तरह शांत हो गयी है।वर्तमान में पुण्य सम्राट के पुण्य नित्यसेन सूरी ही हमारे माइ बाप है।।
प्रतिष्ठा व अन्य समारोह भव्य और गरिमा पूर्ण होंगे
उपस्थित सदस्यों ने बताया कि करीब 800 वर्ष पुरानी प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ परमात्मा की प्रतिमा , गौतम स्वामी,दादा गुरुदेव के मंदिर का जीर्णोद्धार के कार्य की प्रेरणा पुण्य सम्राट से ही प्राप्त हुई थी । अब 2026 में मंदिर की प्रतिष्ठा, सभी समारोह भव्य और गरिमा पूर्ण होंगे।
संघ पति का बहुमान किया गया
मुंबई यात्रा के संघपति बनने का लाभ तेजमल सकलेचा ने लिया था। पूज्य गच्छाधिपति जी के समक्ष संघ पति का बहुमान किया गया। भारत नगर(मुंबई) में विराजित मुनि श्री सिद्धारत्न विजय जी,श्री प्रशम सेन विजय जी के वंदन कर,उन्हें भी प्रतिष्ठा में पधारने की विनती की गयी।
प्रतिष्ठा समारोह में अपनी निश्रा देंगे
आचार्य श्रीमद नित्यसेन सुरीश्वरजी अपने मुनि और साध्वी वृंद के साथ मुंबई के शाहपुर,भायंदर और बोरीवली में समारोह सम्पन्न कर,रानी बेल्लूर, चित्र दुर्गा (कर्नाटक ) होते हुए अप्रैल के प्रथम सप्ताह में मोहनखेड़ा पधारेंगे। यहां वे अक्षय तृतीया के समारोह को सम्पन्न करवा कर, राणापुर पधारेंगे। पश्चात वे दिए गए गए मुहर्त नुसार 22 अप्रैल से 26 अप्रैल 2026 तक प्रतिष्ठा समारोह में अपनी निश्रा देंगे।
पुष्प और गुलाल उड़ाकर सबका भव्य स्वागत किया
मुहूर्त लेकर राणापुर पहुंचने पर कोषाध्यक्ष विक्की सकलेचा, मांगीलाल सकलेचा, मनोहर सकलेचा,शैलेश सेठ,मुकेश चौधरी, कमलेश नाहर,हेमेंद्र सेठ,अवि सकलेचा,कमल बाठिया,अमित सियाल, विपुल सेठ,ईशान भंसाली,राजेश जैन व महिला परिषद ने पुष्प ओर गुलाल उड़ाकर सबका भव्य स्वागत किया।।
इनकी भी रही भूमिका अहम?
मुहूर्त लेने के लिए संघ प्रमुख के साथ विमल बाठिया,राजेंद्र तलेरा, मनीष सकलेचा,पीयूष जैन और हार्दिक सकलेचा ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई है।

