शनिवार को तो लोकमाता देवी अहिल्या बाई की प्रतिमा का अनावरण किया वही दूसरी ओर जिसने दो-दो बार मां अहिल्या बाई होलकर को अपमानित किया है उनके विभाग की अधिकारी पर कोई कार्यवाही नहीं की

झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक। झाबुआ जिले के मां अहिल्या बाईं होलकर की स्टेट के एक पुराने शहर थांदला में 4 अक्टूबर 2025 को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय थांदला पहुंचे ओर उन्होंने यहां लोकमाता देवी अहिल्याबाई की प्रतिमा का अनावरण किया और अमृत 2.0 एवं स्वच्छ भारत मिशन 2.0 योजना के तहत कुल 832.32 लाख रुपए के 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया।

अनावरण काशी विश्वनाथ मंदिर में किया

यह अनावरण लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर मां पद्मावती नदी के तट पर स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में किया गया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग सुश्री निर्मला भूरिया भी उपस्थित थी।उनके ही विधान सभा क्षेत्र के पेटलावद शहर में थांदला रोड पर 23 मार्च 2025 को एक दिल दहला देने वाला दर्दनाक हादसा ही नहीं हुआ था,बल्कि दो परिवार भी बुरी तरह से तहस नहस हो गए, उनके घर परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाने मंत्री जी भी गई थी।

कही सीएमओ को आखिर संरक्षण सरकार या प्रशासन का तो नहीं?

उक्त घटना में सीएमओ आशा जितेन्द्र भंडारी को हकीकत में सब कुछ आंखों के सामने होते हुए भी शायद उन्हें कुछ भी दिखाई नहीं दिया या देखकर भी वे अंजान तो नहीं बनी रही? सीएमओ की इतनी अधिक अक्षम्य लापरवाही के बावजूद भी प्रशासन सिर्फ  जांच का आदेश जारी कर भूल तो नहीं गया? वे अपने गृह जिले में सारी मर्यादा को भूलकर लगातार जिले को अपमानित करने का कार्य कर रही है। वे जब से नगरीय प्रशासन की अधिकारी बनी है,तब से लेकर आज तक उनकी  हरकतों से नगरीय प्रशासन विकास एवं आवास विभाग की छवि धूमिल ही हुई है। कही सीएमओ को आखिर संरक्षण सरकार या प्रशासन का तो नहीं....?

क्या विभागीय मंत्री ऐसी सीएमओ को माफ कर देंगे?

क्या नगरीय प्रशासन विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ऐसी पेटलावाद सीएमओ आशा भंडारी को माफ कर देंगे...?  जिसने एक बार नहीं दो-दो बार मां अहिल्या बाई होलकर को जन्म जयंती और पुण्यतिथि पर अपमानित किया है। पेटलावद में निवास न कर अन्य जिले से रोजाना अप-डाउन करने वाली सीएमओ,पूर्व में बदनावर में भी काफी विवादों में रह चुकी हैं। इतना ही नहीं,बदनावर में एक पत्रकार के खिलाफ  भोपाल अजजा आयोग में झूठी शिकायत कर एससी/एसटी प्रकरण दर्ज कराने की कोशिश का मामला भी सामने आया था। महेश्वर में भी वे नगर परिषद में दो बार सीएमओ पद पर पदस्थ रही,वहाँ भी वे विवादित ही रही। वही दूसरी ओर वे अपने आप को ईमानदार बताती है और कर्मचारियों को दबाकर रखती है। महेश्वर में भी इनकी शिकायत हुई थी,जिसकी जांच अभी भी चल रही है। अब अंत मे पेटलावद में भी इनके द्वारा बड़े ही शातिराना अंदाज से यही खेल खेला जा रहा है।

कार्यवाही की है दरकार-सीएमओ पेटलावद पर

आदेशों का लगातार अपमान ही करना जिसकी फितरत बन गयी हो,तो ऐसी पेटलावाद सीएमओ आशा भंडारी के खिलाफ  अब तक कार्यवाही क्यो नही कर पा रहा प्रशासन? जबकि मातृ शक्ति दो आयएएस,एक तो कलेक्टर नेहा मीना और दूसरी पेटलावद एसडीएम तनुश्री मीना जिले में पदस्थ भी है। मजेदार बात तो पहली बार संसदीय क्षेत्र से 3 विधायक भी मंत्री तक है। आखिरकार सीएमओ को किसका संरक्षण मिल रहा है.? इसी समाचार पत्र ने पेटलावद अवैध निर्माण के हादसे के बाद से लगातार सीएमओ के अक्षम्य कृत्यों की लगातार खबरें प्रकाशित कर प्रशासन को अवगत भी कराया है।