बैतूल: बोर्देही थाना क्षेत्र में मंगलवार की अल सुबह एक परिवार की खुशियों को ना जाने किसकी नजर लग गई. महिला ने घर में बच्चे को सकुशल जन्म दिया था. परिजन की खुशियों का ठिकाना न था. परिवार के लोग एक दूसरे को बधाइयां दे रहे थे, लेकिन ये खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी. जननी एंबुलेंस से अस्पताल जाने के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें नवजात की मौत हो गई और मां गंभीर रूप से घायल हो गई. बच्चे की शव को बरामद करने के लिए घंटों तक ऑपरेशन चलाना पड़ा.

एंबुलेंस पलटने से बच्चे की मौत

दीपा मंडई निवासी दिलीप इवनाती ने बताया, "सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात मेरी पत्नी कलस्या बाई को प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी. तब मैंने जननी आशा कार्यकर्ता को कॉल कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने जल्द जननी एंबुलेंस लेकर घर पहुंचने की बात कही, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची. महिला की घर में ही डिलीवरी हो गई थी और जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित थे. इसी बीच जननी 108 एंबुलेंस घर पहुंची और जच्चा-बच्चा को लेकर बोर्देही अस्पताल जाने के लिए निकली. वाहन में पत्नी कलस्या बाई, नवजात शिशु, मेरी मां और सास सवार थी."

सीट में घंटो फंसा रहा नवजात

दिलीप के अनुसार, "एंबुलेंस चालक अंधेरे में वाहन तेज रफ्तार से चला रहा था. दीपा मंडई रेलवे गेट के पास नाली में फंसकर एंबुलेंस अनियंत्रित होकर पलट गई और नवजात बच्चा एंबुलेंस सीट के नीचे कहीं दब गया था, जो अंधेरा होने के कारण नहीं मिल सका. वहीं वाहन में सवार कलस्या बाई सहित अन्य लोगों को बाहर निकालकर सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया. इधर करीब 1 घंटे तक नवजात का पता नहीं चला. इसके लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, नवजात के मिलने तक बहुत देर हो चुकी थी. सिर में चोट लगने से उसकी मौत हो गई थी."

नशे में था एंबुलेंस चालक

परिजन का आरोप है कि एंबुलेंस चालक नशे में तेज गति से वाहन चला रहा था, जिस वजह से यह हादसा हुआ. वहीं बोरदेही अस्पताल में घायल नवजात की मां सहित अन्य का इलाज किया गया. फिलहाल, घायलों की हालत बेहतर है उन्हें सिविल अस्पताल आमला भेज दिया गया है. इस घटना के बाद से ग्रामीणों और परिजनों में आक्रोश है. उन्होंने पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई की मांग की है.