सिंधिया को करना था,कर दिखाया संकेत ने-लेकिन अभी तक शिवपुरी पालिका अध्यक्ष और झाबुआ जिले की पेटलावाद सीएमओ आशा भंडारी के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं-सिंगरौली निगम कमिश्नर ने ज्वाइन करते ही तहलका मचा दिया- मतलब चल तो रही है,विजय शाह की-एक व्यक्ति,एक पद लेकिन कब से..?-स्वयंभू सनातनी विधायक और महापौर भार्गव के पुत्र ने नाम अच्छा रोशन किया-मां खुश नहीं थी,भार्गव के वकील बनने से-सतना जिले के तेज-तर्रार कलेक्टर का फटाफट एक्शन

सिंधिया को करना था,कर दिखाया संकेत ने- लेकिन अभी तक शिवपुरी पालिका अध्यक्ष और झाबुआ जिले की पेटलावाद सीएमओ आशा भंडारी के खिलाफ  कोई भी कार्रवाई नहीं

झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। गत दिनों शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा पर पर भाजपा के पार्षदों ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए और ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रमाण भी सौंपे थे।सिंधिया ने तो अनसुना कर दिया,जबकि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग आयुक्त संकेत भोंडवे ने बीते 3 सालों में हुए 57 करोड़ 80 लाख रुपए के घोटाला कांड में शिवपुरी नपा के वर्तमान सीएमओ इंशाक धाकड़ सहित पूर्व सीएमओ केशव सगर-इंदौर नगर निगम में पदस्थ और शैलेष अवस्थी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को भी दोषी माना गया है लेकिन अभी तक उनके खिलाफ  झाबुआ जिले की पेटलावाद सीएमओ आशा भंडारी की तरह ही कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है।

सिंगरौली निगम कमिश्नर ने ज्वाइन करते ही तहलका मचा दिया

सिंगरौली नगर पालिका निगम में आईं कमिश्नर सविता प्रधान ने आते ही तहलका मचा दिया है । गूगल मीट के दौरान एक अधिकारी की अभद्र भाषा,जब निगम कमिश्नर ने सुन ली तो उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया। जानकारी नुसार गूगल मीट के दौरान एक अधिकारी का माइक ऑन था और उनके द्वारा अभद्र भाषा बोली गई,जिसे निगम कमिश्नर ने सुन लिया और उन्होंने कड़ा एक्शन लेते हुए अनुशासनहीनता पर बड़ी कार्रवाई कर दी।

सतना जिले के तेज-तर्रार कलेक्टर का फटाफट एक्शन

सतना जिले के तेज-तर्रार कलेक्टर डॉ.सतीश कुमार एस ने एक बार फिर कर्मचारियों की लापरवाही पर ऑन-द-स्पॉट एक्शन लिया है। गत शुक्रवार को औचक निरीक्षण पर स्वास्थ्य विभाग पहुंचे कलेक्टर ने मौके से नदारद रहीं मेडिकल ऑफिसर को बर्खास्त करने का प्रस्ताव कमिश्नर को भेजने के निर्देश दिए। इसके अलावा विभाग के प्राचार्य और बीआरसी सहित आधा दर्जन कर्मचारियों की एक वेतन वृद्धि रोकने का आदेश भी जारी कर दिया।

मतलब चल तो रही है,विजय शाह की

मंत्री विजय शाह की बयानबाजी से जिन्हें नाराज रहना है वे नाराज होते रहे ,आज भी संगठन में तो उनकी पहले की तरह ही चल रही है। भाई धनंजय शाह के तबादले के लिए मंत्री शाह ने मुख्यमंत्री को नोटशीट लिखी थी,जिसके बाद तबादला सूची में उनका नाम जोड़ा गया था। धनंजय शाह पहले ईओडब्ल्यू इंदौर में पदस्थ रहे चुके हैं। मंत्री विजय शाह ने भाई का इंदौर तबादले के लिए दो महीने पहले नोटशीट लिखी थी। परिणाम स्वरूप जारी तबादला आदेश में धनंजय शाह को पीएचक्यू सीआईडी से एएसपी सीआईडी इंदौर पदस्थ किया गया।

एक व्यक्ति,एक पद लेकिन कब से ?

सत्ता-संगठन में अपना भाग्य खुलने की बाट जोह रहे दावेदारों को प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के इस फैसले से बेहद खुशी भी हो रही है। जिनके पिता विधायक- सांसद-मंत्री-पार्टी पदाधिकारी हैं,उनके बेटों के लिए नियुक्ति के रास्ते बंद कर दिए गए हैं यानी एक व्यक्ति-एक पद की सख्ती लागू कर दी हैं। देखना अब यह है कि नियुक्ति का मुहूर्त कब निकलेगा...?जो तय भी नहीं है,वैसे भी अब श्राद्ध पक्ष जो लग गया है।

स्वयंभू सनातनी विधायक और महापौर भार्गव के पुत्र ने नाम अच्छा रोशन किया

रातों-रात किसका,कैसे नाम चमकता है? इसे इंदौर से बेहतर कौन समझ सकता है? स्वयंभू सनातनी विधायक के पुत्र ने देवास वाली माता से लेकर खजराना गणेश और महाकाल मंदिर तक में,कैसे अपना नाम रोशन किया है...?यह सब को पता ही है। वायरल हुए एक वीडियो से इस शहर को पहली बार पता चला कि संघ मित्र,महापौर पुष्यमित्र भार्गव के पुत्र हैं। वाद विवाद स्पर्धा में संघमित्र के भाषण के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव, विधानसभा स्पीकर नरेन्द्र सिंह तोमर और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय चश्मदीद भी थे,जिससे उन्हें तो तारीफ  करना ही थी,कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने भी संघमित्र की सराहना की है।

मां खुश नहीं थी,भार्गव के वकील बनने से

बेटे के वकील बन जाने से पुष्यमित्र भार्गव की मां जरा भी खुश नहीं थीं। वकील बेटे को वो जज बनते देखना चाहती थीं,क्योंकि उनका मानना था जज बन जाएगा तो अच्छा वेतन मिलने लगेगा,शादी के लिए अच्छे रिश्ते भी आएंगे। जज भले ही नहीं बन पाए,लेकिन अतिरिक्त महाधिवक्ता बन कर भार्गव ने अपनी मां की दिली ख्वाहिश तो पूरी कर ही दी,अच्छा रिश्ता,अच्छी बहू भी मिल गई और अब तो वो नगर पिता जैसे पद पर भी हैं।