14 आईएएस अफसरों का तबादला-जिसमें 5 जिलो-इंदौर,जबलपुर,कटनी,बड़वानी,आगर-मालवा के कलेक्टर बदले गए

झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। राज्य सरकार ने देर रात 14 आयएएस के तबादला आदेश जारी करते हुए कलेक्टर आशीष सिंह को मुख्यमंत्री के गृह नगर उज्जैन में संभागायुक्त पदस्थ कर दिया है। नए कलेक्टरों की नियुक्ति में शिवम वर्मा इंदौर के नए कलेक्टर बने ,राघवेंद्र सिंह-जबलपुर,आशीष तिवारी-कटनी ,जयति सिंह-बड़वानी ,प्रीति यादव-आगर मालवा कलेक्टर बनाया गया है। दिलीप यादव इंदौर नगर पालिक निगम के आयुक्त बनाए गए हैं,साथ ही उन्हें मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड इंदौर का अतिरिक्त प्रभार मिला है। डॉ.परिक्षित संजयराव झाड़े को मुख्य कार्यपालन अधिकारी-इंदौर विकास प्राधिकरण,रामप्रकाश अहिरवार-जबलपुर नगर पालिक निगम आयुक्त, आयुक्त जनसंपर्क सुदाम खाड़े-संभागायुक्त इंदौर का दायित्व संभालेंगे, कमिश्नर दीपक सिंह को राज्य निर्वाचन आयोग भेजा गया है। निजी स्कूलों पर कार्रवाई को लेकर चर्चित हुए कलेक्टर जबलपुर दीपक सक्सेना अब सीपीआर पदस्थ किए गए हैं। अभिषेक सिंह प्रदेश के नए गृह सचिव बनाए गए हैं। कटनी कलेक्टर की जिम्मेदारी निभा रहे दिलीप यादव अब इंदौर नगर निगम के कमिश्नर होंगे। आगर मालवा के कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को जबलपुर का कलेक्टर बनाया गया है। उन्हें इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ रहते आरपी अहिरवार के कार्यों ने जबलपुर कलेक्टर पदस्थ कराया है। प्राधिकरण के कार्यों में आईएसबीटी, कुमेड़ी सहित विभिन्न फ्लायओवर का समय सीमा में निर्माण कराना एक बड़ी उपलब्धि है।  

बहुत पहले ही मिल गया था,सीएम का आशीष

जारी हुई सूची में एकमात्र आशीष सिंह का ही नाम ऐसा है जिनके अगले नियुक्ति आदेश की प्रशासनिक खेमे में पहले से जानकारी थी। गौरतलब है कि 5 माह पहले ही आशीष को मिलेगा मुख्यमंत्री का आशीष शीर्षक से हमने शुक्रवार 25 अप्रैल को खबर भी प्रकाशित की थी। आशीष सिंह एक मात्र ऐसे कलेक्टर रहे,जिनके पास उज्जैन सिंहस्थ मेला अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी था। उज्जैन कमिश्नर गुप्ता की सेवानिवृति के बाद से यह पद आशीष सिंह के लिए खाली रखा गया था। 2028 के सिंहस्थ में सिंह की भूमिका,इसलिए भी महत्वपूर्ण रहेगी कि वो उज्जैन निगमायुक्त रहने के साथ ही 2012 के सिंहस्थ में भी सेवा दे चुके हैं।  

यह रहेगी प्राथमिकता

कलेक्टर शिवम वर्मा कहना है कि सीएम की जो प्राथमिकता हैं वही हमारी भी रहेंगी। वो जिले के प्रभारी हैं तो हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। प्रदेश में इंदौर कई मामलों में रोल मॉडल भी रहा है,इस दिशा में और बेहतर करना प्रमुखता होगी। पहले मार्च 24 में ज्वाइन किया था। इस सवा साल में इंदौर को समझा है.उससे भी बढ़ी बात यह कि शहर के नागरिक हर विकास कार्य में सहयोग को तत्पर रहते हैं,यह इस शहर की यूएसपी(खासियत)भी है। सबके सहयोग से ही सरकार की प्राथमिकताओं को पूरा कर सकते हैं।

नहीं करेंगे नकेल कसने में जरा भी विलंब 

महापौर से निगमायुक्त का जो तालमेल रहा है,उसका लाभ भी जनहित से जुड़े मामलों में मिलना ही है। बारिश के चलते शहर की बदहाल हुई सड़कों के कारण इंदौर की बिगड़ी छवि को बेहतर करना कलेक्टर की प्राथमिकता रहना तय इसलिए भी है कि महापौर द्वारा 5 दिन पूर्व सर्विस रोड की मरम्मत के लिये संबंधित विभागों की बैठक में दिए निर्देशों को अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया था। कलेक्टर इन विभागों की नकेल कसने में जरा भी विलंब नहीं करेंगे।