सीएम ने दिल्ली में गधे गुलाब जामुन खा रहे,इसका असली किस्सा सुनाया

झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक।  जिस ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आए दिन आने वाले वीआईपी के कार्यक्रम से पहले मुख्य मार्गों को चकाचक करने का जिम्मा,जिन सफाई मित्रों का रहता है,यदि उनमें से कुछ का चयन मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के साथ बैठ कर भोजन करने के लिये किया गया हो,तो सोचा जा सकता है उनकी क्या हालत होगी.....?मुख्यमंत्री ने जिस हॉल में भोजन किया था,उनके साथ तीन महिला सफाई मित्र की भी प्लेट लगी थी। टेबल के ठीक सामने की पंक्ति में महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित सांसद, विधायक, पूर्व सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता भी बैठे थे।

एक तो प्लेट भारी और उसमें भोजन सामग्री रखने से और भी हो गयी भारी
मुख्यमंत्री की प्लेट में एक रोटी,आलू की सब्जी,दही बड़ा,सलाद और छाछ का गिलास रखा हुआ था। वही तीनों दीदियों की प्लेट में इस सामग्री के साथ दाल,सब्जी,खीर,मूंग का हलवा आदि था। सकुचाती सी बैठीं इन दीदियों से मुख्यमंत्री ने ही बात शुरू की तो इनकी झिझक टूटी और उन्होंने अपने घर-परिवार और काम संबंधी परेशानियां को गिनाना शुरु कर दिया। इससे इनको सजी हुई प्लेट भी खाली करना है,इसका ध्यान भी नहीं रहा था। इस दौरान सीएम से दूरी पर बैठे जनप्रतिनिधि आपस में बतिया रहे थे। सीएम ने जितना अन्न थाली में लिया था,उसे पूरा खाये बिना ही निकल गए। सीएम को निकलना था,यह उनकी बॉडी लैंग्वेज से बाकी जनप्रतिनिधि समझ चुके थे। कुर्सियां खिसकाने की खड़खड़ाहट हुई,सीएम उठे,दीदियों को नमस्कार किया और अपने काफिले के साथ चल पड़े। ये दीदियां भी बड़े-बड़े निवाले लेकर हाथ धोने के लिए इधर.-उधर देखते हुए उठ गईं। कार्यक्रम में जो बाकी सैकड़ों सफाई मित्र एकत्र थे,वो सब महिला-पुरुष नीचे हॉल में बुफे सिस्टम वाली व्यवस्था में प्लेटें थामे हुए थे। एक तो प्लेट भारी और उसमें भोजन सामग्री रखने से प्लेट का वजन और भी बढ़ गया था। कई दीदियों ने हॉल में बैठ कर खाने की जगह तलाश ली थी।

ढाई घंटे लेट आए सीएमए,आते-आते बड़ी देर भई नंद लाला
मुख्यमंत्री को आना था 11 बजे लेकिन वे चले-चले आए ढाई घंटे लेट। इस दौरान भजनों के साथ आदिवासी नर्तक मंडली के कलाकार लुभाते रहे। मुख्यमंत्री पहुंचे और विलंब आने का कारण उन्होंने बीती रात से उज्जैन में भी हो रही जोरदार बारिश को बताया। मुख्य कार्यक्रम तो सफाई मित्रों के साथ सहभोज का था,लेकिन साथ में इतने कार्यक्रम जुड़ गए थे कि खुद सीएम को ही कहना पड़ गया था कि एक साथ कई कार्यक्रम होने से ऐसा लग रहा है कि आज तो आकाशवाणी का पंचरंगी प्रोग्राम है। उन्होंने स्वच्छता का महागुरु लोगो का लोकार्पण भी किया। सहभोज में हो रहे विलंब को लेकर सीएम ने कहा कि भोज पर बुलाओ और भाषण भी सुनाते रहो,साथ ही दिन भर नी खिलाओ तो गाली अलग से पड़ती है। भूखे पेट भजन ना हो,गोपाल संभालो अपनी कंठी माला। उनकी इस साफ गोई का सफाई मित्रों ने तालियां बजाकर समर्थन भी किया। जैसी ही उनका भाषण खत्म हुआ,सफाई मित्र भोजन वाले हॉल की तरफ  दौड़ पड़े। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सीएम का आभार माना कि छोटे से अनुरोध पर मुख्यमंत्री समरसता भोज में शामिल हुए ।

2050 तक पेयजल की समस्या से इंदौर चिंतामुक्त रहेगा
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा सीएम के सहयोग से नर्मदा के चौथे चरण की मंजूरी से इंदौर जो 2050 तक पेयजल की समस्या से चिंतामुक्त रहेगा। हर बार नवाचार से हम सफाई में नंबर वन आते हैं। सफाई मित्रों की कर्मठता और नागरिकों की जनभागीदारी के इस मॉडल को हमने इनोवेशन में बदला है। सीएम ने स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षदों,वार्डों को पुरस्कृत और देश के पहले जीरो वेस्ट-जू-प्राणी संग्रहालय का शुभारंभ किया। इंदौर की लोक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 60 करोड़ रुपये की लागत की 50 नई इलेक्ट्रिक बसों का लोकार्पण भी किया। इंदौर को 150 नई इलेक्ट्रिक बसें मिलने वाली है,इनमें से उक्त 50 बसों का लोकार्पण किया गया। रणजीत हनुमान मंदिर के पुनर्विकास कार्यों पर 7 करोड़ रु. खर्च किए जाएंगे।

दिल्ली में गधे गुलाब जामुन खा रहे,इसका असली किस्सा सुनाया
 इंदौर-मनमाड़ ब्राडगेज लाईन को केंद्र सरकार द्वारा दी गई मंजूरी के साथ सीएम ने कहा कि उन्हें फतियाबाद के गुलाब जामुन भी याद आते रहते हैं। औरंगजेब ने सत्ता हथियाने के लिए अपने पिता,भाई,बेटे आदि परिजनों का कत्ल किया था,तब से फतियाबाद के गुलाब जामुन काफी प्रख्यात भी है। दिल्ली में गधे गुलाब जामुन खा रहे हैं,ये किस्सा भी दिल्ली की सल्तनत हथियाने के लिए औरंगजेब के वक्त किये गए परिजनों के कत्लेआम से जुड़ा है।