जमशेदपुर। टाटा स्टील ने कार्यस्थल पर लैंगिक समानता और समावेशिता को बढ़ावा देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। कंपनी ने ऐलान किया है कि अब महिला कर्मचारी तीनों शिफ्ट में काम करेंगी।

ओडिशा के कलिंगनगर प्लांट के आउटबाउंड लॉजिस्टिक विभाग में महिला कर्मचारियों की तैनाती सफलतापूर्वक की गई है। कंपनी का कहना है कि महिला स्टाफ को सुरक्षा, गुणवत्ता, प्रेषण प्रक्रियाओं, इन्वेंट्री प्रबंधन और डिजिटल उपकरणों का प्रशिक्षण दिया गया है।

महिला प्रशिक्षुओं की बढ़ी भागीदारी

टाटा स्टील के कलिंगनगर प्लांट में ट्रेड अप्रेंटिस 2023 बैच से 39 प्रशिक्षु शामिल हुए, जिनमें से 26 महिलाएं थीं। इनमें से 18 महिलाओं को आउटबाउंड लॉजिस्टिक विभाग में शामिल किया गया। प्रशिक्षण में कक्षा सत्र और कार्यस्थल पर प्रैक्टिकल दोनों शामिल रहे।

प्रबंधन का बयान

कलिंगनगर प्लांट के महाप्रबंधक (ऑपरेशन) करमवीर सिंह ने कहा: "हमने माइंस और लॉजिस्टिक के सभी शिफ्ट में महिला कर्मचारियों की तैनाती कर कार्यस्थल पर समावेशिता की दिशा में अहम कदम उठाया है। मैन्युफैक्चरिंग जैसे पुरुष प्रधान क्षेत्रों में अब महिलाएं भी बराबरी से अवसर पा रही हैं।"

पहले भी बना था रिकॉर्ड

कंपनी प्रबंधन ने बताया कि टाटा स्टील भारत की पहली कंपनी है, जिसने सितंबर 2019 से नोआमुंडी माइंस में महिला माइनिंग इंजीनियरों को सभी शिफ्ट में तैनात किया था।

वर्ष 2025 में भी टाटा स्टील ने कई पहलें की हैं, जिनमें Women @ Mines, तेजस्विनी कार्यक्रम, और Flames of Change शामिल हैं। इसके तहत टाटा स्टील भारत की पहली स्टील कंपनी बनी है जिसने महिला अग्निशमन दल को शामिल किया।

समावेशी कार्यस्थल की दिशा में प्रयास

कंपनी का कहना है कि ये पहल न सिर्फ महिला कर्मचारियों को नए अवसर प्रदान करती है, बल्कि कार्यस्थल पर समान प्रतिनिधित्व और विविधता को भी मजबूत करती है।