प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक नोक-झोक पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश : संजय जैन-सह संपादक की कलम से
फिश पॉट की मछली हो गई मगरमच्छ- प्रेमानंद महाराज को किडनी देना चाहता है, इटारसी का आरिफ खान-माइक,मिश्रा,महापौर-एमपीसीए में रामू काका-विधायक ने नाम दिया,धमकी हेल्प लाइन-करें तो क्या करे.?-जाना तो कलेक्टर को ही पड़ेगा
फिश पॉट की मछली हो गई मगरमच्छ
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। डा.मोहन यादव मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना की वैचारिक समझ का ही नतीजा रहा है कि ड्रग कारोबार,हिंदू युवतियों के देह शोषण,हथियारों की तस्करी और सरकारी जमीनों पर कब्जे जैसे आरोपों में घिरे मछली ब्रदर्स के रसूख को मिट्टी में मिलाया जा सका। जिस भोपाल में हर दूसरे तीसरे दिन करोड़ों की ड्रग्स पकड़ी जा रही है,उस शहर में 2005 से मछली ब्रदर्स को फिश पॉट में मगरमच्छ बनाने में भाजपा नेताओं की भूमिका भी तब सामने आने लगी थी,जब उसके मकान,तलघर आदि ध्वस्त किए जा रहे थे। पूर्व सीएम के वक्त इवेंट और टेंट के कारोबार में यदि भोपाल के किसी एक का एक छत्र राज था,तो 2005 से मछली की दावतों में,ईदमिलन समारोह में शामिल होने वाले वर्तमान सरकार के दो मंत्रियों, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व सीएम के फोटो भी सोशल मीडिया पर वॉयरल हो गए हैं।
खुलता है मछली पालन का टेंडर दिल्ली से
मछली का साम्राज्य ध्वस्त कर के सीएम ने तो दिल्ली तक अपने नंबर बढ़ा लिए हैं। डीजीपी कैलाश मकवाना तो पहले से ही साफ सुथरे माने जाते हैं। भोपाल में एक्शन के बाद अब कार्रवाई की गेंद दिल्ली के नेताओं-संघ नेतृत्व के पाले में है हैं। जिन मंत्रियों के फोटो वायरल हुए हैं उनकी मंत्रिमंडल से छुट्टी करने का संकेत सीएम को कब देते हैं......? यदि ऐसा नहीं होता है तो कार्यकर्ता यह मानने को मजबूर होंगे कि मछली पालन का टेंडर दिल्ली से खुलता है।
प्रेमानंद महाराज को किडनी देना चाहता है, इटारसी का आरिफ खान
वृंदावन के प्रेमानंद महाराज के वचनों से प्रभावित लेकिन उनकी किडनी संबंधी समस्या से विचलित नर्मदापुरम जिले के इटारसी निवासी मुस्लिम युवक आरिफ खान चिश्ती ने वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज को एक किडनी दान करने की पेशकश की है। उन्होंने कलेक्टर सोनिया मीणा के माध्यम से महाराज को पत्र लिखकर अपनी इच्छा जताई है। उसने चि_ी में लिखा है मैं आपके आचरण और व्यवहार को देख कर बहुत ज्यादा प्रसन्न हूं । प्रेमानंद महाराज की आयु लंबी हो और वे देश में प्रेम-मोहब्बत और कौमी एकता का संदेश देते रहे,मैं रहूं या ना रहूं,पर ऐसे संतों की बहुत आवश्यकता है,इस नफरत के माहौल में। आप हिंदुस्तान में हिन्दू मुस्लिम एकता के प्रतीक हैं,मैं आपको स्वेच्छा से अपनी किडनी डोनेट करना चाहता हूं । मेरे इस छोटे से तुच्छ से उपहार को स्वीकार करने की कृपा करें।
माइक,मिश्रा,महापौर
भाजपा के इंदौर नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा को यह भ्रम हो गया है कि तारीफों के पुल बांधने में वो जो कुछ भी बोलेंगे उसे गांधी जी के बंदर समान कार्यकर्ता और पार्टी के बाकी नेता समर्थन करेंगे ही। महापौर की तारीफ करते हुए मंच से उन्होंने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया,उससे प्रथम नागरिक दंपति की गरिमा को तार-तार करने की बेहूदगी अधिक नजर आई। भाजपा में भी उनके इस मजाक पर थू-थू हो रही है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मुलताई के विधायक के खिलाफ असंसदीय भाषा बोलने वाले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पटवारी को तो मुंहतोड़ जवाब दे दिया,पता नहीं उन्हें भाजपा नगर अध्यक्ष मिश्रा के महापौर की तारीफ वाले भाषण का वीडियो किसी भी ने भेजा या नहीं ?
एमपीसीए में रामू काका
मप्र क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष की जिस कुर्सी पर पहले महाराज,फिर श्रीमंत विराजे,अब तीसरी पीढ़ी के महाआर्यमन सिंधिया युवराज के हाथों में इसकी कमान आ गई है। अध्यक्ष सिंधिया घराने से हैं,बाकी तो फिल्मों की तरह कई रामू काका पीढ़ियों से चले आ रहे रस्मो-रिवाज के जानकार हैं। महाआर्यमन के अध्यक्ष बनने का एक फायदा यह भी हुआ है कि विजयवर्गीय परिवार की दूसरी पीढ़ी की सिंधिया परिवार से प्रगाढ़ता मजबूत हो गई है।
विधायक ने नाम दिया,धमकी हेल्प लाइन
विधानसभा में सौंसर से कांग्रेस विधायक विजय चौरे ने सीएम हेल्प लाईन में की जाने वाली शिकायतों संबंधी प्रश्न पूछा,लेकिन राज्यमंत्री राधा सिंह बस आंकड़े गिनाती रहीं। विधायक चौरे का कहना था कि हेल्पलाइन में शिकायतों को वापस लेने के लिए प्रशासनिक-पुलिस अधिकारी आवेदक को धमकाने के हथकंडे अपना रहे है। जिससे इसे अब धमकी हेल्प-लाइन कहा जाने लगा है । लाखों शिकायतें पेंडिंग हैं लेकिन सीएम को समीक्षा करने का वक्त ही नहीं मिल रहा है।
जाना तो कलेक्टर को ही पड़ेगा
अगले कुछ दिनों में डिंडोरी कलेक्टर नेहा मारव्या का यहां से तबादला हो जाए,तो जिले के लोगों को आश्चर्य नहीं होगा। शाहपुरा विधायक-पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे को तो यहीं राजनीति करना है। विधायक की डिंडोरी कलेक्टर से तनातनी चल रही है। सोशल मीडिया पर कलेक्टर को निशाना बना रखा है,कलेक्टर तो ऐसा कर नहीं सकतीं। कलेक्टर ने हाल ही में 438 शिक्षकों और हॉस्टल अधीक्षकों के तबादले किए थे। विधायक धुर्वे ने भी शासन तक अपनी बात पहुंचाई और सरकार ने कलेक्टर के ये तबादला आदेश निरस्त कर दिए,विधायक धुर्वे ने जिला भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डाली और इसे अपनी जीत बता दिया।
करें तो क्या करें ?
नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न किए जाने को लेकर सार्वजनिक मंचों से नाराजगी जाहिर करने वाले मंत्री की चिंता है कि नशे के कारोबार को प्रोत्साहन देने वाले अपने समर्थकों पर कैसे लगाम लगाएं...? एक समर्थक का पुत्र हर दो-चार महीने में कोई कांड कर ही देता है। इंदौर आजाद नगर पुलिस ने रात्रि चेकिंग के दौरान एक बड़े कारोबारी को शराब के नशे में गाड़ी चलाते पकड़ा तो वह भी धमकाने लगा। पहले मंत्री ने,फिर नगर अध्यक्ष और क्षेत्रीय विधायक ने भी दबाव बनाया। समर्थक तो थाने भी पहुंच गए,लेकिन पुलिस ने गाड़ी जप्त करने के साथ हल्की धाराओं में ही सही,कार्रवाई तो कर ही दी।

