लगातार-सराफा चौपाटी इंदौर पर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश.........संजय जैन-सह संपादक की कलम से
इंदौर की पहचान विवाद का कारण बन गया,महापौर और व्यापारी आमने- सामने-अदालत तक पहुंच सकता है मामला
अब व्यापारी रात दस बजे तक दुकानें खुली रखेंग-े चौपाटी वाली दुकानों की परेशानी बढ़ेगी,सराफा चौपाटी हुई बेस्वाद
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। इंदौर का सराफा बाज़ार एक अनोखा स्थान है जहाँ दिन में सोने-चांदी के आभूषणों का व्यापार होता है और रात में यह स्ट्रीट फ़ूड का लोकप्रिय केंद्र बन जाता है। यहाँ सोने-चांदी के साथ-साथ गरमा गरम समोसे, कचौरी,गुआवा शॉट,मोमो और तरह-तरह के स्ट्रीट फ़ूड मिलते हैं,जो इसे पर्यटकों के बीच बेहद खास बनाते हैं। शाम ढलते ही यह बाज़ार रात्रिकालीन स्ट्रीट फ़ूड कोर्ट में बदल जाता हैे। लेकिन इंदौर की इस पहचान अब विवाद का कारण बन गया हैे। महापौर और व्यापारी आमने-सामने आ गए हैं,अब मामला अदालत तक पहुंच सकता हैे।
चौपाटी की पारंपरिक दुकानें तो लगेंगी ही
इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सराफा चौपाटी को लेकर बुलाई संयुक्त बैठक में दोनों पक्षों को सुनने के बाद हर समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया था,लेकिन सराफा व्यापारी चौपाटी की पारंपरिक दुकानें तो लगेंगी ही उनके इस निर्णय से सहमत नहीं हैं। व्यापारियों ने सराफा दुकान रात दस बजे तक चालू रखने के साथ ही,यह भी निर्णय लिया है कि जिन दुकानदारों ने चौपाटी दुकानों के लिए ओटले किराए से दिए हैं,वे सभी भी किराएदारी समाप्त कर रहे हैं। दूसरी तरफ सराफा चौपाटी एसोसिएशन का कहना है सराफा व्यापारियों की बदौलत ही हमारा रोजगार चल रहा है,आपसी चर्चा से समस्या हल हो जाएगी। हम सराफा एसोसिएशन पदाधिकारियों से मिल कर निवेदन करेंगे। संयुक्त बैठक में महापौर ने चर्चा दोनों पक्षों से की थी,साथ ही उनकी समस्याओं के निराकरण का आश्वासन देने के साथ ही निगमायुक्त शिवम वर्मा को निर्देश भी दिए थे।
महापौर बोले चौपाटी तो सराफा में ही लगेगी,ओटले नहीं तो सड़क पर देंगे जगह
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सोना-चांदी जवाहरात एसोसिएशन के ताजा निर्णय पर यह कहा है कि दोनों पक्षों से जब चर्चा की थी,तब सराफा व्यापारियों ने एक सितंबर से अगले कदम की बात कही थी। मैं फिर स्पष्ट कर रहा हूं चौपाटी तो उसी सराफा में ही लगेगी,रही समय की बात तो इसका भी रास्ता निकाला जा सकता है। जब हमने दोनों पक्षों के साथ बैठक की थी तब भी यह मुद्दे उठे थे। चौपाटी को अन्यत्र स्थानांतरित करने पर,सराफा चौपाटी जो एक धरोहर है उसका महत्व रह ही नहीं जाएगा। अब सराफा कारोबारियों और चौपाटी व्यवसाइयों से फिर चर्चा की गुंजाइश नहीं है। पिछले दिन चर्चा हो चुकी है, नगर निगम ने अपना निर्णय भी सराफा व्यवसाइयों को स्पष्ट कर दिया था। यदि वे कोई अपने निर्णय ले रहे हैं,तो वे स्वतंत्र हैं। सराफा की तरह चौपाटी भी धरोहर है,इसे शहर के लोग भली भांति समझते भी हैं। व्यापारी एसोसिएशन को आश्वस्त किया था कि सुरक्षा और सफाई कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। हमारे सफाई मित्र वहां तैनात भी रहेंगे और सड़कें धुलनाने के लिए हम टैंकर भेजेंगे साथ ही फायर ब्रिगेड भी तैनात रहेगा।
कोई और मन माना निर्णय कैसे ले सकता है? - मालिनी गौड़
उल्लेखनीय है कि सराफा चौपाटी का मामला अब चार नंबर विधानसभा की भाजपा की राजनीति में बुरी तरह से उलझ गया है। विधायक मालिनी गौड़ और महापौर भी इसी विधानसभा क्षेत्र में ही रहते हैं। गौरतलब है कि सांसद शंकर लालवानी का नाम,चार नंबर क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिये उछला भी था। एक ओर तो महापौर चौपाटी सराफा में ही रखने पर आमादा हैं तो दुसरी ओर विधायक मालिनी गौड़ ने भी अब अपने तेवर दिखाते हुए यह कह दिया है कि मेरे विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मामले में कोई और मन माना निर्णय कैसे ले सकता है...........?
खुली रहेंगी सराफा की दुकानें,अब रात 10 बजे तक
महापौर के साथ हुई संयुक्त बैठक में सराफा चौपाटी नहीं हटेगी यह निर्णय सुनने के बाद सराफा एसोसिएशन के व्यापारी भड़क गए हैं। सोना-चांदी जवाहरात एसोशिएशन इंदौर के अध्यक्ष हुकम सोनी ने तुरत बैठक बुलाई। जिसमें एक ऐतिहासिक और साहसिक फैसला लिया गया। एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि सराफा बाजार में अब चाट- चौपाटी नहीं लगेगी। साथ ही सराफा की दुकानें,जो पहले शाम 7-8 बजे बंद हो जाती थीं,अब रात 10 बजे तक खुली रहेंगी। इस संबंध में सराफा थाने को भी विधिवत सूचना देकर सुरक्षा की मांग करेंगे। हुकम सोनी ने व्यापारियों का मौलिक अधिकार बताते हुए कहा कि सराफा बाजार की अस्मिता सोने-चांदी और जवाहरात के व्यापार से है। कोई भी हम पर अपनी मर्जी नहीं थोप सकता हैं। हम अपनी अस्मिता की लड़ाई हर स्तर पर लड़ेंगे। चौपाटी व्यापारियों के लिए पिछले कई सालों से विवाद का कारण रही है। साथ ही, गैस सिलेंडरों का बड़े पैमाने पर उपयोग रात में आगजनी का खतरा तो पैदा करता है और ट्रैफिक जाम की समस्या भी बढ़ती है। हम कोर्ट जाएंगे,जरूरत पड़ी तो सड़क पर भी उतरेंगे। एसोसिएशन के सदस्यों ने अध्यक्ष हुकम सोनी ने कारोबार हित में लिए जाने वाले हर निर्णय का समर्थन किया। जिन 70-80 व्यापारियों ने सराफा चौपाटी के लिए अपने ओटले किराए पर दे रखे हैं,उनसे शपथ पत्र भरवा रहे हैं कि ओटले वाली सभी किराएदारी खत्म कर रहे हैं। सदस्य व्यापारियों ने आमसभा के निर्णय मान्य किए हैं,यदि पालन नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
अवश्य निकल जाएगा,सम्मानजनक हल
सराफा चौपाटी एसोसिएशन इंदौर के अध्यक्ष राम गुप्ता का कहना है कि सराफा व्यापारियों के सहयोग से ही हमारा कारोबार चल रहा है,उन्हें पूरा सहयोग करने को हम तैयार हैं। संयुक्त बैठक में महापौर ने आश्वस्त किया था कि जो पारंपरिक दुकानें दशकों से चल रही हैं उन्हें ही अनुमति देने के निर्णय से हम सहमत हैं। दुकानों के समय,सड़कों की सफाई,अग्निशमन प्रबंध को लेकर महापौर ने आश्वस्त भी किया है, हम भी ऐसे हर प्रयास में सहयोग को तत्पर हैं। सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों से मुलाकात कर निवेदन करेंगे कि हमारे परिवारों की रोजी-रोटी का भी ध्यान रखें। हमसे जो सहयोग चाहेंगे,हम देने को तत्पर हैं। हमें विश्वास है कि आपसी चर्चा से सम्मानजनक हल अवश्य निकल जाएगा।
मेरा विधानसभा क्षेत्र है,कोई मनमर्जी से फैसला नहीं कर सकता
विधानसभा 4 की विधायक मालिनी गौड़ ने कहा कि मैंने दोनों पक्षों के व्यापारियों को बुलाकर उनसे बात की है। दोनों के बीच में समन्वय बैठाकर काम करेंगे। मेरे पास चौपाटी दुकानदार मिलने आए थे,उसके बाद महापौर के पास मिलने गए थे,यह मेरा विधानसभा क्षेत्र है। मेरी विधानसभा में कोई भी अपने मन से कुछ भी फैसला नहीं ले सकता है। मेरा विधानसभा क्षेत्र है,इसे में ही देखूंगी। जो बाहर के लोग यहां पर घुस गए हैं उनको और असामाजिक तत्वों को भी जल्द ही हटाएंगे और दोनों का समन्वय बैठाकर फिर से बात करेंगे।
मालिनी गौड़- विधायक,इंदौर-4
सराफा व्यापारियों का फैसला सही
भाजपा सरकार चौपाटी को बढ़ावा देकर व्यापारियों का नुकसान कर रही है,सराफा व्यापारियों का फैसला सही है। भाजपा सरकार चौपाटी के नाम पर वोट की सियासत कर रही है। इसे व्यवस्थित करें ताकि सराफा व्यापारियों को नुकसान न हो।
संजय शुक्ला-कांग्रेस विधायक,इंदौर

