आज भव्याती भव्य रूप से श्री भगवान महावीर स्वामी जी का जन्म वाचन मनाया जाएगा
कल पूज्य साध्वीजी भगवन्त को लाभार्थी परिवार ने कल्पसूत्र जी वोहराया तथा जगावत परिवार ज्ञान का वधावणा का लाभ लिया
झाबुआ।संजय जैन-जिला ब्यूरो। झाबुआ स्थानीय पौषध भवन में कल लाभार्थी परिवार सुबोध राठौड़ एवं प्रकाश मुथा परिवार ने पूज्य साध्वी भगवत रत्न रेखा श्री जी को काफी हर्षो उल्लास के साथ कल्पसूत्र जी वाेहराया। बोली लेने वाले परिवार संजय जितेंद्र जगावत परिवार मुम्बई वाले ने ज्ञान का पंच रत्नों से वधावणा किया । 5 वासक्षेप पूजा के लाभार्थी पंकज कोठारी, जितेन्द्र भूपेन्द्र बाबेल ,लीलाबेन शांतिलाल भंडारी ,यशवंत निखिलजी भंडारी,राजेन्द्र जैन शुभम परिवार ने उमंग के साथ पूजा की । अष्टप्रकारी पूजन मांगुबेन शान्तिलाल सकलेचा परिवार ने की । अंत मे राकेश राजेन्द्र मेहता परिवार ने आरती उतारी।
साध्वी जी की प्रेरणा से कल्पसूत्र जी वोहराने की ऐतिहासिक बोली गाथा कंठस्थ करने से हुई ना कि रुपयो से...
साध्वी रत्ना रेखा श्री जी की अदभुत प्रेरणा से कल्पसूत्र जी वोहराने की ऐतिहासिक बोली गाथा कंठस्थ करने से हुई न की रुपयो में लगायी गयी। बोली की इस साध्वीजी की अद्भत प्रेरणा और नयी प्रथा को श्री संघ द्वारा काफी सराहा गया। प्रेरणा के तहत संगीता सुबोध राठौर ने वर्ष भर में तय किये गए शास्त्रों की 851 गाथा कण्ठस्थ करने की सर्वोच्च बोली बोल कर,कल्पसूत्रजी को वोहरने का लाभ प्राप्त किया ।
कल्प से कल्पसूत्र जी का वाचन हुआ प्रारंभ
वर्षाकाल में साधु– साध्वी भगवंत को वर्षावास अर्थात चातुर्मास क्यों करना चाहिए...? इस बिंदु पर विस्तृत रूप से समझाया गया, कि इन दिनों में असंख्य जीवों की स्वत: उत्पत्ति हो जाती है, जो हमारे पैरों के नीचे आने से मृत्यु को प्राप्त होते हैं। जिससे हमें कर्म बंध होता है।कल्प सूत्र को सुनने वाला शाश्वत सुख को प्राप्त करता है। साधु साध्वी भगवंत का कल्याण होता है। 8 दिनों में सुपात्रों को दान देना, जप, तप करना जप से समकित प्राप्त होता है। तब से भव की प्रारंभ होना माना गया है।
मोक्ष तभी घटित होगा जब हम कामना रहित होंगे
सम्यक दृष्टि का अर्थ हमें अपने आपको तटस्थ बनाना है। हमें अपने भीतर झांककर आत्म अवलोकन करना है। ताकि हम अपने दोषों को देख सके एवं उन्हें दूर करने का प्रयास प्रारंभ कर सके। धर्म कभी भी फल की कामनाओं को ध्यान में रखकर नहीं किया जाता है। मोक्ष तभी घटित होगा जब हम कामना रहित होंगे। मोक्ष की परिभाषा यह है कि वर्तमान की वह जीवन शैली है, जिससे भविष्य का निर्माण हो। यह उद्गार पूज्य साध्वी भगवान श्री कल्पदर्शिता श्री जी महाराज साहेब ने अपने प्रवचन में व्यक्त किए।
पानाजी कल्पसूत्र की शोभायात्रा निकाली गयी
कल परम पूज्य साध्वी श्री रत्नरेखा श्री जी म. सा. ठाणा 3 की पावनकारी शुभ मिश्रा में श्री संघ की समस्त श्राविकाओं द्वारा अपने सिर पर श्री कल्पसूत्र जी एवं 14 स्वप्न जी को लेकर शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा 52 जिनालय से प्रारंभ हुई नगर के विभिन्न मार्ग पर होते हुए पुनः बावन जिनालय पर शोभायात्रा पहुँची।
कल यहाँ चलाया गया था दर्शन वन्दन अभियान
भगवान के दर्शन वन्दन के अंतर्गत आज शांतिबाई कोठारी, योगेंद्र नाहर की माता जी मोहनबाई नाहर, निलेश लोढ़ा के निवास स्थान पर उनकी माताजी श्रीमती मानक बाई लोढ़ा, भभूतमल गोखरू वेवाईजी के निवास पर चंदनबाला भभूतमल के निवास पर भगवान जी लेकर दर्शन, वंदन, पूजन करवाने का लाभ लिया गया।
आज भव्याती भव्य रूप से श्रीभगवान महावीर स्वामी का जन्म वाचन मनाया जाएगा
आज वीर जन्म वाचन का समय सुबह 11 बजे है। जन्म वाचन के पश्चात भगवान महावीर स्वामी की भव्य रथ यात्रा प्रारंभ होगी। रथयात्रा के पश्चात मंदिर जी में सभी भगवान की आरती उतारी जाएगी। साथ ही साधर्मी वात्सल्य का आयोजन भी रखा गया है। श्री संघ के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र मेहता, मनोहरलाल भंडारी, मुकेश रूनवाल निर्मल मेहता, श्री संघ अध्यक्ष संजय मेहता, अशोक कटारिया, मुकेश लोढा, अनिल राठौर, तेजप्रकाश कोठारी, अंकित रुनवाल, प्रतिक मोदी, भारत बाबेल, ओएल जैन, कमलेश भंडारी, कमलेश कोठारी, रिकूं रूनवाल और संजय जगावत आदि ने समस्त बंधुओं से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पधारने की अपील की हैं। प्रति वर्षानुसार पंजेरी की प्रभावना शामुबाई रतनलाल रुनवाल परिवार की ओर से वितरित की जाएगी।

