शिक्षक ने तार-तार किया गुरु-शिष्य का रिश्ता- मारसाब अपने मंसूबे में कामयाब होते,उसके पहले ही बच्चियों की हिम्मत से लगा ब्रेक
हुए निलंबित-क्या हो सकती एफआईआर भी ? ताकि भविष्य में कोई पुनरावृति न कर सके
झाबुआ। संजय जैन-जिला ब्यूरो। जिले की शासकीय हाईस्कूल भैरूगढ में मारसाब बच्चों को पढ़ाने की बजाय कुछ हसीन वादियों की सैर करने लग गया था। उसने कक्षा 8वीं एवं कक्षा 9 वीं की भोलीभाली मासूम छात्राओं के साथ अभ्रद,अशिष्टता और छेड़-छाड़,उसके ग़लत मंसूबों को पूरा करने के इरादे से कर बैठा। लेकिन बच्चियों की हिम्मत से इसके नापाक इरादो का भंडाफोड़ हो गया। जिसकी शिकायत विभाग तक पहुंची फिर क्या था...? प्रशासन ने आनन-फ़ानन में माध्यमिक शिक्षक विकास डामोर को निलंबित कर दिया।
प्रतिवेदन में अभद्र एवं अशिष्टता किये जाने का उल्लेख
प्राचार्य सांदीपनि विद्यालय खवासा विकास खण्ड, थांदला जिला झाबुआ ने एक पत्र शासकीय हाईस्कूल भैरूगढ में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक विकास डामोर द्वारा संस्था की नाबालिग छात्राओं के साथ अभ्रद,अशिष्टता, छेड़-छाड़ की जाने के संबंध में पंचनामा तैयार कर कलेक्टर कार्यालय को भेजा। कलेक्टर ने तत्काल शिकायत की जांच हेतु 03 सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया था। उक्त गठित जांच दल समिति ने कल अपना प्रतिवेदन कलेक्टर को प्रस्तुत किया। उक्त प्रतिवेदन में गठित जांच समिति ने शिक्षक का व्यवहार विद्यालय की छात्राओं के प्रति अत्यन्त अभद्र एवं अशिष्टता पूर्ण किया जाना पाया गया।
कर दिया तत्काल प्रभाव से निलंबित
इस प्रकरण को कलेक्टर ने छात्राओं की सुरक्षा से संबंधित होकर,अत्यन्त ही गंभीर एवं संवेदनशील माना ओर आरोपी विकास डामोर को म प्र सिविल सेवा-वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के नियम 9/1-क के प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और साथ ही उनके मुख्यालय खण्ड शिक्षा कार्यालय विख झाबुआ में संलग्न कर दिया। निलंबन काल में जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
इसकी पुनरावृति न कर सके
एक शिक्षक का अपने शिष्यों के साथ अमर्यादित,अशोभनीय और नेक इरादे नहीं होने का मामला उजागर हुआ,जो की एक गंभीर अपराध की श्रेणी में तो आता है,जिसकी पुष्टि जांच समिति ने भी की है। ऐसे शिक्षक को सबक सिखाना भी जरूरी है,ताकि भविष्य में इसकी कोई पुनरावृति न कर सके,इसके लिए उक्त शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज भी कराना चाहिए,ऐसा हमारा मानना है।
पंचनामा बनाया गया
शिकायत के बाद पंचनामा बनाया गया था,जो कार्यालय को प्राप्त भी हो गया था। हमने सहायक आयुक्त से चर्चा की और जांच समिति का गठन किया।
आर एस बामनिया-जिला शिक्षा अधिकारी,झाबुआ
तत्काल प्रभाव से निलंबित
मामले में कलेक्टर ने 3 सदस्यीय जांच समिति की गठन किया था। जांच प्रतिवेदन में शिक्षक का व्यवहार विद्यालय की छात्राओं के प्रति अभद्र एवं अशिष्टतापूर्ण किया जाना पाया गया। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है ओर साथ ही उन्हें खण्ड शिक्षा कार्यालय विख. झाबुआ में संलग्न कर दिया है।
सुप्रिया बिसेन सहायक आयुक्त,जनजातीय विभाग-झाबुआ।

