रील वाले उप पंजीयक की हो गई फजीहत--- दोस्त ने पूरी की अंतिम इच्छा----करणी सेना के आंदोलन पर पानी डाल दिया---आवास मिलेगा तो ही बनेगा अस्पताल- ---अब राजा रघुवंशी के भाई की नई मुसीबत आयी सामने---नाचे- झूमेअधिकारी,तो जिले के दोनो मुखिया कैसे पीछे रहते---आखिर में किसान किसे दोष दें---यह कैसी जनसुनवाई-मोहन सरकार में...?

झाबुआ/इंदौर। संजय जैन सह-संपादक। सरकार प्रदेश के विकास संबंधी योजनाओं की रील बनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु इनाम देने की घोषणा कर चुकी है। खरगोन के जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में पदस्थ रीलबाज उप-पंजीयक हरजीत ठाकुर को लगा कि यह तो उनके हुनर के सम्मान देने वाली पहल ही है। जैसा कि विदित है कि उन्हें मोबाइल से रील बनाने का ऐसा जुनून है कि वे कभी कार्यालयीन समय,कार, मॉल तो कभी जिम में भी इस हुनर का वे प्रदर्शन करते रहते हैं। उनके इस जुनून को डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार रूप नारायण शर्मा ने सब रजिस्ट्रार को शो-कॉज नोटिस जारी करने के साथ ही उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत भी करा दिया हैं। कलेक्टर भव्या मित्तल ने भी इस तरह के कृत्य को गलत ठहराते हुए कार्रवाई की बात कही है।

दोस्त ने पूरी की अंतिम इच्छा

ओशो ने मौत को भी महोत्सव कहा है। ऐसा ही कुछ मंदसौर के ग्राम जवासिया निवासी बुजुर्ग सोहनलाल जैन की अंतिम यात्रा में लोगों ने देखा भी। जैन ने 8 महीने पहले अपने दोस्त अंबालाल प्रजापत को लिखे पत्र में अपनी अंतिम इच्छा जताई थी कि मेरी मौत पर कोई न रोए, मेरी शव यात्रा में डांस करते हुए आना। उनकी अंतिम इक्षा अनुसार जैन की अंतिम यात्रा निकली, तो उनके दोस्त अंबालाल ने डांस करते हुए विदाई दी थी।

करणी सेना के आंदोलन पर पानी डाल दिया

हरदा में करणी सेना के आंदोलन और प्रशासन की सख्ती को लेकर भड़की चिंगारी कहीं आग बन जाती,इससे पहले ही सरकार ने राजपूत छात्रावास में पुलिस द्वारा किए लाठीचार्ज पर एक्शन लेते हुए एएसपी, एसडीएम,एसडीओपी सहित पांच अधिकारियों पर एक्शन लेकर आग पर पानी डालने की तत्परता दिखा दी थी। पहले भी शिवराज सरकार ने माई का लाल की गंभीरता नहीं समझी थी,तो भुगतना पड़ा भी था।

ये कैसी जनसुनवाई.? मोहन सरकार में

ग्वालियर में कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में एक तहसीलदार अपना आपा खो बैठे थे और शिकायत करने आए युवक के साथ धक्का-मुक्की कर उसे जमीन पर पटक दिया था। इस पूरे घटनाक्रम से जनसुनवाई में हंगामा भी मच गया था।शिकायतकर्ता को धक्का देते और जमीन पर पटकते हुए तहसीलदार का वीडियो भी वायरल हुआ था। शिकायतकर्ता मिथुन परिहार की मौजूद अधिकारियों से किसी बात को लेकर बहस हो गई थी,तभी मुरार तहसीलदार कुलदीप दुबे अपना आपा खो बैठे थे और शिकायतकर्ता को गर्दन से पकड़कर धकेलते हुए और धक्का मारकर गिरा दिया था।

आवास मिले तो ही बनेगा अस्पताल

गंधवानी नगर में बनने वाले 50 बेड के नए अस्पताल का काम 10 महीने से शुरू नहीं हो पाया है। इसके लिए राज्य सरकार ने 9 करोड़ 95 लाख रुपये की राशि मंजूर की है, लेकिन सात महीने में भी काम शुरु नहीं हुआ तो यह राशि मार्च 2026 तक लैप्स भी हो सकती है। निर्माण एजेंसीए मध्यप्रदेश पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम ने  सवा साल पहले गंधवानी स्वास्थ्य केंद्र को पत्र भेजकर जमीन की मांग की थी। अब तक अस्पताल के लिए कोई उपयुक्त भवन नहीं मिला है। कलेक्टर ने पुराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को तोड़कर वहीं निर्माण करने का निर्देश दिया था और अस्थायी रूप से अस्पताल को आईटीआई भवन में शिफ्ट करने की बात भी कही थी,लेकिन इस पर कुछ भी अमल नहीं हुआ। तहसीलदार मुकेश मालवीय ने अस्पताल का निरीक्षण कर आईटीआई प्रबंधन को पत्र भेजा,लेकिन आईटीआई प्राचार्य केसी अखाड़े ने कह दिय, इस बार 150 छात्रों का एडमिशन होना है,जिसमें 35 फीसदी बालिकाएं हैं। इसलिए भवन देना संभव नहीं है। गौरतलब है कि निर्माण एजेंसी का कहना है कि प्रस्तावित जगह अस्पताल की ही चार बीघा जमीन है,जो पर्याप्त है। लेकिन जब तक पुराना भवन नहीं टूटता है, तब तक काम शुरू नहीं हो सकता है।

अब राजा रघुवंशी के भाई की नई मुसीबत आयी सामने

मृतक राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी पर मुसीबत के बादल मंडराने लगे हैं। एक महिला ने खुद को सचिन की पत्नी बताते हुए दावा किया है कि सचिन उसके बेटे का पिता है। महिला ने अपने दावे के समर्थन में एक डीएनए रिपोर्ट भी पेश की है। मेघालय हनीमून मर्डर केस से सुर्खियों में आया रघुवंशी परिवार अब इस विवाद में उलझ गया है। मृतक राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी की पत्नी होने का दावा करने वाली इस महिला ने सचिन को अपने बेटे का जैविक पिता बताया है। इतना ही नहीं,उस महिला ने अपने दावे के समर्थन में एक कथित डीएनए रिपोर्ट भी सार्वजनिक की है। उसने दावा किया कि सचिन ने उससे एक मंदिर में पूरे रस्मों-रिवाज के साथ शादी की थी। उसके पास शादी के वीडियो और तस्वीरें भी हैं। सचिन के परिवार ने महिला के इन आरोपों को नकारा है।

नाचे-झूमे अधिकारी, तो जिले के दोनो मुखिया कैसे पीछे रहते?

खंडवा वाले किशोर कुमार के गृह नगर में हुए तीन दिवसीय गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल लोगों के साथ खंडवा एसडीएम बजरंग बहादुर ने मंच के नीचे भांगड़ा कर माहौल बना दिया था। थोड़ी देर बाद कलेक्टर ऋषभ गुप्ता और एसपी मनोज कुमार राय ने भी मंच पर आकर कार्यक्रम में अपना रंग जमा दिया था। अधिकारियों का यह अनोखा अंदाज देखकर लोग तालियों से स्वागत करते रहे।

आखिर में किसान किसे दोष दें

शिवराज सिंह चौहान कृषि मंत्री केंद्र में मप्र का प्रतिनिधित्व तो जरूर करते तो हैं,लेकिन इसी प्रदेश के किसान खाद संकट से भी जूझ रहे हैं। अशोकनगर जिले में तो यूरिया की किल्लत से परेशान किसान प्रदर्शन तक कर चुके हैं। सरकारी गोदाम पर खाद लेने पहुंचे किसानों को खाद लेने का टोकन नहीं मिला, तो वे भड़क गए थे। उन्होंने हंगामा करते हुए विदिशा रोड पर जाम लगा दिया। साथ ही सड़क पर बैठकर श्री राम-जय राम का जाप भी किया,गोदाम के सामने विदिशा रोड पर बैठकर धरना देते हुए चक्का जाम कर दिया था।