भारत के भविष्य तय करने वाले विधार्थी कीचड़,नाले और गंदगी से होकर स्कूल पहुचने के लिए हो रहे मजबूर.....शिक्षा विभाग सभी दावे और वादे हो रहे खोखले साबित.... बच्चों को इस वेदनीय और खतरनाक पीड़ा से निजात मिलेगी या नही.......?
झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक। राणापुर नगर से 5 किलोमीटर दूर स्थित है पीएम श्री विद्यालय,वन में मार्ग की की हालत बेहद दयनीय बनी हुई है। एक ओर तो यहा पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल में सारी सुविधाएं तो मिल रही है लेकिन दूसरी ओर स्कूल तक पहुचने वाले मार्ग की हालत काफी जर्जर और खस्ता हो रखी है। स्कूल तक छात्र-छात्राओं को पहुचना बेहद ही टेडी खीर है। गौरतलब है कि यह पहुच सड़क,सड़क नही है क्योंकि आज की तारीख में यह एक गंदा नाला बन चुकी है,जहाँ सड़क का नामो निशान तक भी नही बचा है।
ध्यान देने वाला कोई नहीं..
अपने भविष्य को गढ़ने आ रहे बच्चे इस खस्ताहाल मार्ग से रोजाना आना-जाना कर रहे है । वे आये दिन कभी कीचड़ में गिरते और लडखडाते हुए निकलते है। कई बार तो उनके यूनिफार्म तक खराब हो जाते है,तो कई बार कीचड़ में गिर भी जाते है। यह हालात को देखते हुए तो यह साफ प्रतीत हो रहा है कि इनकी समस्या को सुनने और इस पर ध्यान देने वाला कोई नहीं है।
रास्ता स्वीकृत ही नहीं हो पाया..
क्या यह मार्ग स्वीकृत है या नही....? यह अभी तक क्यों नहीं बना और बनेगा तो कैसे और कब बनेगा....? बच्चो को इस वेदनीय समस्या से कैसे निजात मिलेगी....? उपरोक्त सारे सवालो को लेकर जब हमारी टीम जमीनी हकीकत जानने पहुची तो,यह अकल्पनीय बात हमारे सामने आयी कि इस जर्जर मार्ग के लिए पहले भी कई बार आवेदन और ज्ञापन दिए भी गए है। बावजूद इसके भी हालात जस के तस बने हुए है क्योंकि अभी तक यह रास्ता स्वीकृत ही नहीं हो पाया है। परिणाम स्वरूप होनहार बच्चे अपनी जान को जोखिम में डालते हुए,इस जर्जर मार्ग से रोजाना आना जाना कर रहे है। भविष्य में कोई बड़ी घटना घटित होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी रहेगी......?
मेरी सबसे अधिक रुचि जमीन पर उतर कर कार्य करने की....
आपको बता दे कि जब कलेक्टर नेहा मीना की पदस्थापना झाबुआ हुई थी,तब आते ही सबसे पहले उन्होंने मीडिया को यह बयान दिया था कि मेरी सबसे अधिक रुचि जमीनी हकीकत पर उतर कर कार्य करने में है। खासकर मुझे ग्रामीण स्कूलों में जाकर होनहार बच्चों से वन-टू-वन चर्चा करने में बेहद संतोष और आनंद भी प्राप्त होता है। हमे पक्का यकीन ही नही बल्कि पूरा विश्वास भी है कि खबर को पढ़ने के बाद मातृ शक्ति कलेक्टर अपनी प्राथमिक रुचि नुसार अपने वातानुकूलित कक्ष से तुरन्त निकलकर, पीएमश्री विद्यालय-वन का जायजा लेने हेतु जमीन पर अवश्य उतरेगी। खैर,यह अलग बात है कि इस खस्ता और जर्जर मार्ग के बारे में उन्हें बताने हेतु हमने उनको कॉल किया तो उन्होंने हर बार की तरह कॉल ही रिसीव नही किया। अब तो आगे आना वाला समय ही बताएगा कि बच्चों को इस वेदनीय और खतरनाक पीड़ा से निजात मिलेगी या नही.......?
जल्द से जल्द मार्ग अवश्य बन जायेगा....
मार्ग बनाने के लिए मेने सरपंच से बात की है। जल्द ही उन्हें मिलने वाली वित कार्यों की राशि से हम इसे बना देंगे । साथ ही में लिखित में पत्र के माध्यम से उन्हें सूचित भी कर देता हु। उम्मीद है की जल्द से जल्द यह मार्ग अवश्य बन जायेगा ।
.....बलराम मवासे- जनपद सीईओ, राणापुर
सरपंच से संपर्क करेंगे....
आपके माध्यम से हमें यह जानकारी प्राप्त हुई है । हमारे पास जैसे ही बजट आएगा इस मार्ग को हम बनवा देंगे। हाल फिलहाल तो इसकी मरम्मत का कार्य हो जाए,इसके लिए सरपंच से संपर्क करेंगे।
......निर्मला भूरिया- जनपद अध्यक्ष, राणापुर
पूरा पक्का भी बनवा दूंगा....
आपकी बात सही है कि बच्चे रोजाना काफी परेशान हो रहे है। मैं तुरंत ही इस पर मोहरम डलवा देता हूँ और कुछ समय बाद राशि आएगी तो इसे पूरा पक्का भी बनवा दूंगा।
....मुकेश सिंगाड़- प्रतिनिधि सरपंच, वन....
चर्चा कर देखते है...
आपके द्वारा मुझे संज्ञान में आया है। वैसे सड़क तो बनवाने के लिए निर्धारित एजंसीया रहती है। सभी से चर्चा कर देखते है किस मद से यह सड़क बनायी जा सकती है। जनजातीय विभाग के पास सड़क के लिए कोई अलग से मद नही रहता है।
......सुप्रिया बिसेन- सहायक आयुक्त जनजातीय विभाग, झाबुआ।
फोन रिसीव नहीं किया.........
इस बारे में चर्चा करने हेतु हमने जब कलक्टर नेहा मीना से संपर्क किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। जब हमने और भी कोशिश की तो उन्होंने दोबारा भी फोन रिसीव नहीं किया।
............नेहा मीना-कलेक्टर,झाबुआ।

