मंगलवार को झाबुआ में एक फर्जी डॉक्टर नितिन सोनी ने जांच टीम को गालियां और जान से मारने की दी धमकी-हुई एफआईआर दर्ज

झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक।  संघर्ष से सिद्धि समाचार पत्र में लगातार खबरों के प्रकाशन से प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया है। जिले में संचालित अपंजीकृत चिकित्सकीय संस्थानों,अपात्र व्यक्तियों,झोलाछाप एवं फर्जी डॉक्टरों पर चल रही कार्यवाही की मुहिम सतत जारी है।

ऐसी चल रही मुहिम...
6 अगस्त...
झाबुआ शहर में 6 अगस्त को 2 क्लिनिक सील किए गए। इनके पास ना तो कोई डिग्री थी और ना ही कोई रजिस्ट्रेशन था। मुहिम के दौरान 4 क्लिनिक अपंजीकृत पाये गए, जिनमे 2 डॉ. एमबीबीएस तथा 2 डॉ.बीडीएस थे,उन्हें 7 दिन में रजिस्ट्रेशन करवाने हेतु चेतावनी दी गई। साथ ही 2 क्लिनिक पर रजिस्ट्रेशन सम्बंधी कागजात देखे गए जो सही पाये गए। इस तरह से कुल 8 क्लिनिक की जांच की गई। अन्य 4 जगह पहुंचने से पहले ही संचालक शटर बंद करके भाग गए थे।

12 अगस्त..
12 अगस्त को कुल 9 क्लीनिकों का निरीक्षण किया गया। जिसमें 1 एमबीबीएस तथा 1 बीडीएस को पंजीकरण हेतु चेतावनी दी गई। 2 क्लिनिक पंजीकृत पाए गए। 2 क्लिनिक पर इलाज से संबंधित कुछ नहीं पाया गया सिर्फ  वहा हर्बल दवाई ही पायी गई। कुल अपंजीकृत 3 क्लिनिक सील किए गए। 1 पर एफआइआर दर्ज की संचालक नितिन सोनी ने जांच टीम को गालियां व जान से मारने की धमकी दी। जिसके बाद शासकीय कार्य में बाधा डालने पर मंगलवार 12 अगस्त उसके खिलाफ  एफआइआर दर्ज करवाई गयी।

कल 13 अगस्त..
कल मुहिम के तहत रामसिंह कटारा ग्राम मिंडल झाबुआ,प्रदीप बाम ग्राम मोहनकोट और पवन यादव ग्राम रायपुरिया का क्लीनिक सील किया गया। वही गौतम विश्वास ग्राम रायपुरिया के क्लीनिक को सील के साथ एफआइआर भी दर्ज करवाई गयी। 3 अन्य क्लिनिक तथा 1 अस्पताल पंजीकृत पायी गया।

दर्ज हुई एफआइआर, झाबुआ के फर्जी डॉ.नितिन सोनी पर...
संचालक नितिन सोनी ने उसके क्लीनिक पर जांच करने पहुंची टीम को गालियां व जान से मारने की धमकी दी। इस पर पूरी जांच टीम में काफी हताशा छा गयी है।आपको बता दे कि इसके खिलाफ  बीएनएस 23 के तहत धारा 132,296, 351/3 और 24 लगाकर एफआइआर दर्ज कर ली गयी है। जांच टीम का कहना है कि अब आगे हम सुरक्षा हेतु आंदोलन करने का भी मन बना रहे है। साथ ही शांति भंग की धारा लगाने की भी हमारी मांग, हम प्रशासन के समक्ष रखेंगे। आगे उन्होंने बताया कि टीम के कुछ सदस्यों द्वारा एट्रोसिटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज करवाने की मांग रखी जाएगी। अब हमें देखना है कि प्रशासन आगे क्या कार्रवाई करता है....? या ऐसे लोगो को बेख़ौफ  धमकाने हेतु खुला छोड़ दिया जाता हैं।

उपरोक्त चल रही लगातार मुहिम में इनका कार्य सराहनीय..
कलेक्टर के निर्देशानुसार एसडीएम भास्कर गचाले के मार्गदर्शन में फर्जी और झोलाछाप डॉक्टरों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम भास्कर गचाले सहित अस्पताल टीम के डॉ.हेमेंद्र देवड़ा, प्रेम कुमार डेनियल,शंकर अजनार,अभिषेक तोमर और डॉ.देवेंद्र भायल का योगदान और कार्य काफी सराहनीय चल रहा है।