सरसंघचालक मोहन भागवत ने सम्मान किया,सिंबायोटेक फार्मा लेब के अनिल सतवानी का-ठीक 32 मिनट बोले सरसंघचालक
सरसंघचालक मोहन भागवत ने सम्मान किया,सिंबायोटेक फार्मा लेब के अनिल सतवानी का-ठीक 32 मिनट बोले सरसंघचालक
कैंसर पीड़ित मां को नहीं बचा पाने की कसक,हजारों मरीजों के लिए काम की प्रेरणा बन गई
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। कैंसर और टीबी जैसी बीमारी कभी फिल्मों के दुखांत अंत का कथानक(हिस्सा) हुआ करती थी। अब इस कथानक की फिल्में नहीं बनती है क्योंकि कि अब यह मान लिया गया है कि इन बीमारियों से मुक्ति संभव है,यह सही भी हो सकता है। गौरतलब है कि तीन दशक पहले अनिल सतवानी जैसा युवा,कैंसर से पीड़ित अपनी मां का समुचित इलाज नहीं करा सका था और चाह कर भी वह उसकी मां को असमय मौत का शिकार नहीं होने से बचा भी नही पाया था।
हिस्सा बन गया व्यक्तिगत संकल्प का
उल्लेखनीय है कि बस इसी एक कसक ने अनिल सतवानी को जीवन की एक राह भी दिखा दी कि जब वे बेहतर आर्थिक स्थिति में थे,तब भी वे अपनी मां को नहीं बचा पाए था। तो देश के उन लाखों कैंसर मरीजों का क्या होता होगा...? जिनमें से अधिकांश परिवार बेहतर और महंगे इलाज के चलते हिम्मत हार जाते होंगे। ऐसे मरीजों के परिवारों की सेवा करने के लिए उन्होंने गुरुजी सेवा न्यास से जुड़ने का संकल्प लिया। आज की तारीख में सीएसआर-कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी गतिविधि का नहीं,उनके व्यक्तिगत संकल्प का हिस्सा बन गया है।
50 से अधिक देशों को दवाइयों का निर्यात कर रहे
सिंबायोटेक फार्मा लैब लि.के चैयरमेन-प्रबंध निदेशक और इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अनिल सतवानी ने उन दिनों की याद करते हुए कहा कि उन्होंने छोटी उम्र में ही अपनी माताजी को कैंसर के कारण खो दिया था। उन्होंने युवा रहते फार्मा से जुड़कर कैंसर रोधी दवाइयों का उत्पादन शुरु किया। उनकी कंपनी आज 50 से अधिक देशों को दवाइयों का निर्यात भी कर रही है।
90 प्रतिशत राशि देने की जुबान दे दी
गोपाल गोयल ने अनिल सतवानी को गुरुजी सेवा न्यास से जुड़ने का प्रस्ताव रखा,साथ ही उनको परेशानी भी बताई कि न्यास कैंसर मरीजों के लिए सस्ते-बेहतर उपचार की दिशा में काम तो न्यास करना चाहता है,लेकिन उद्योग जगत से मनोनुकूल सहयोग नहीं मिल रहा है। तब उन्होंने पूछा कि इस प्रकल्प को आगे ले जाएं तो कितनी राशि की जरूरत होगी....? गोपाल गोयल ने कहा कि पचास प्रतिशत राशि मिल जाए,तो काम सुचारू रूप से शुरु हो सकता है। अगले ही दिन उन्होंने उनके कुछ मित्रों को एकत्रित कर गोपाल गोयल के साथ बैठक की और उसी शाम में नब्बे प्रतिशत राशि देने की जुबान भी दे दी।
ठीक 32 मिनट बोले सर संघचालक
मंच से जब अनिल सतवानी यह सारा किस्सा सुना रहे थे,तब पूरा सभागार उनके सहयोग-समर्पण का तालियों की गड़गड़ाहट से सम्मान कर रहा था। सरसंघचालक मोहन भागवत ने सतवानी के पुण्य कार्य को नर सेवा-नारायण सेवा का प्रतीक बताते हुए,अंगवस्त्र भेंट कर उनका तथा न्यास के विभिन्न कार्यों में सहयोगी सदस्यों का सम्मान किया। मोहन भागवत ने भाषण की शुरुआत में कहा कि मुझे बोलने के लिए 32 मिनट दिए गए हैं। उन्होंने ठीक 6 बजकर 30 मिनट पर अपना उद्बोधन शुरू किया और दिए गए समय अनुसार ठीक 7 बजकर 02 मिनट पर समाप्त भी कर दिया। समारोह स्थल पर पहुंचने से पहले मोहन भागवत अस्पताल की विभिन्न मंजिलों पर चल रहे चिकित्सकीय सेवा कार्यों का अवलोकन किया,ई-कार्ट से वे ठीक 6 बजे मंच पर पहुंचे।
किया स्वागत
मोहन भागवत का स्वागत मनीषी श्रीवास्तव और डॉ.संजय लोंढे ने किया। फार्मा उद्योग के प्रतिष्ठित अनिल सतवानी का स्वागत,सीए-सुनील खंडेलवाल और अभय शर्मा ने किया । मालवा प्रात संघ चालक प्रकाश शास्त्री-कृषि वैज्ञानिक का अमित सिसोदिया,दिलीप भाटी ने स्वागत किया। सरसंघचालक भागवत ने माधव सृष्टि न्यास भवन के विभिन्न कार्यों से जुड़े व्यक्तियों का सम्मान किया। गुरुजी सेवा न्यास के उपाध्यक्ष दिनेश अग्रवाल ने आभार माना।
देश में कैंसर मरीजों की अनुमानित संख्या
-1975 में कैंसर पीड़ितों की अनुमानित संख्या मात्र 3 से 4 लाख थी ।
-1990 में नए कैंसर मामले लगभग 5 लाख 50 हजार थे.जो 2016 में बढ़कर 10 लाख 70 हजार हो गए ।
-2020 में मरीजों की अनुमानित संख्या 13 लाख 90 हजार थी।
-पिछली रिपोर्टों के डेटा व अनुमान आधारित इस साल 2024.25 में मरीजों की संख्या 15 लाख 69 हजार 793 हो गयी है।

