त्योहारों की दस्तक से गुलजार हुए बाजार- रक्षाबंधन पर्व के पहले भाइयों के लिए राखी खरीदेगी बहनें रक्षाबंधन पर्व 9 अगस्त को...
झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक। त्योहारी सीजन के आगमन ने निश्चित रूप से बाजार की रफ्तार बढ़ा दी है। रक्षाबंधन के साथ जो उत्साह शुरू हुआ है,वह आने वाले महीनों में व्यापारियों के लिए बूस्टर डोज साबित हो सकता है। उम्मीद की जा रही है कि इस बार का सीजन न केवल खरीदारों बल्कि विक्रेताओं के लिए भी लाभकारी रहेगा।
रक्षाबंधन पर्व 9 अगस्त को
देश में मंदी और बाजार में सुस्ती की चर्चाओं के बीच त्योहारों की आहट ने एक बार फिर बाजारों में उम्मीद की किरण जगा दी है। रक्षाबंधन पर्व के साथ ही त्योहारी सीजन की शुरुआत हो जाएगी, जिससे बाजारों में रौनक लौटने लगी है। व्यापारी भी अब आगामी तीन माह के भीतर आने वाले पर्वों को लेकर तैयारियों में जुट गए हैं। राखी,गणेश चतुर्थी, नवरात्रि,दशहरा और दीपावली जैसे बड़े त्योहारों के चलते हर क्षेत्र का व्यापार तेजी पकडऩे की ओर अग्रसर है। हालांकि बीते कुछ समय से ग्राहकी में मंदी और टर्नओवर में गिरावट देखने को मिली थी,लेकिन अब बाजार फिर से सक्रिय होता नजर आ रहा है। रक्षाबंधन पर्व 9 अगस्त को है और उससे पहले ही शहर की गलियों,प्रमुख बाजारों और फुटपाथों पर राखियों की दुकानों की सजावट शुरू हो गई है।
कपड़ा व्यापार में आई नई रंगत
जिले में 500 से अधिक कपड़े की दुकानों पर तैयारियां जोरों पर हैं। रेडीमेड कपड़ों की डिमांड खासकर युवाओं में बनी हुई है। व्यापारियों ने मुंबई, सूरतए,अहमदाबाद और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों से फैशनेबल व ट्रेंडी कपड़ों की नई रेंज मंगाई है। त्योहारों को ध्यान में रखते हुए दुकानों को सजाया जा रहा है,जिससे ग्राहक आकर्षित हो सकें।
सराफा बाजार में भी उम्मीद की चमक
शहर का सराफा बाजार भी रौनक लौटने की उम्मीद लगाए बैठा है। व्यापारी मानते हैं कि राखी के दिन बहनों द्वारा भाइयों को गिफ्ट में चांदी या छोटे आभूषण देने की परंपरा बढ़ी है। इसको देखते हुए सोने-चांदी की नई डिजाइनों की खेप मंगाई जा चुकी है। शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र से भी खरीदी की उम्मीद व्यापारी कर रहे हैं।

