प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक नोक-झोक पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से
इस सड़क पर किताब लिखें गडकरी - फुटबाल हुआ,भोपाल का मास्टर प्लान - मेट्रो के कोच भी प्रदेश में बनेंग- घर की चिंता से पहले रामायण तो पढ़ लो - अस्पताल में अटैक आया,जान बच गई - बिना शादी के,कैसे हुए विवाहित
इस सड़क पर किताब लिखें गडकरी
झाबुआ/इंदौर। । संजय जैन-सह संपादक। राष्ट्रीय राजमार्ग 39 एक प्रमुख राजमार्ग है,जो तीन राज्य मध्य प्रदेश,उत्तर प्रदेश और झारखंड को कवर करते हुए 869 किलोमीटर की दूरी को तय करता है । यह राजमार्ग सीधी-सिंगरौली जिले में सबसे ज्यादा खस्ता हालात में है,करीब 50 किलोमीटर की सड़क तो पिछले 20 वर्षों से बदहाल है। इसी सड़क को लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने तो यह तक कह दिया था कि इस सड़क पर तो किताब लिखी जा सकती है। कई बार इस सड़क को बनाने का टेंडर हुआ,काम भी हुआ, लेकिन आधा अधूरा छोड़कर ठेकेदार ने बीच में ही काम बंद कर दिया। नतीजा यह रहा कि यह सड़क 20 वर्षो में अभी भी अधर में ही लटकी हुई है। कई बार इस राजमार्ग का मुद्दा संसद के सदन में भी गरमाया,लेकिन नतीजा सिफर रहा।
फुटबाल हुआ,भोपाल का मास्टर प्लान
भोपाल में 2005 में ही खत्म हो चुके मास्टर प्लान के बाद,मास्टर प्लान ड्राफ्ट 2031 पूरी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद लागू होने को तैयार था। लेकिन फरवरी 2024 में शासन ने ड्राफ्ट रद्द कर,2047 के हिसाब से नए सिरे से प्लान बनाने के निर्देश दे दिए। ड्राफ्ट 2031 को बनाने वाले संजय मिश्रा रिटायर भी हो गए है। अब संयुक्त संचालक सुनीता सिंह 2047 के ड्राफ्ट पर काम कर रही हैं। शासन स्तर पर प्रजेंटेशन हो चुका है,लेकिन इस पर अब तक कोई भी आदेश-निर्देश नहीं हुए है।
मेट्रो के कोच भी प्रदेश में बनेंगे
राजधानी भोपाल और इंदौर में मेट्रो चलने के साथ ही अब मेट्रो के कोच भी मध्य प्रदेश में ही बनेंगे। रक्षा मंत्रालय के उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड यानी बीईएमएल का नया कोच निर्माण प्लांट रायसेन जिले में आकार लेने जा रहा है। 10 अगस्त को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इसका भूमिपूजन करने भी आ रहे हैं। प्रस्तावित प्लांट करीब 1800 करोड़ की लागत से 148 एकड़ क्षेत्र में बनेगा। इसमें वंदे भारत सहित अन्य अत्याधुनिक ट्रेन कोच तैयार होंगे। फैक्ट्री रायसेन जिले के गोहरगंज तहसील के उमरिया गांव में स्थापित होगी। फैक्ट्री स्थापित करने की कवायद लंबे समय से चल रही थी।
घर की चिंता से पहले रामायण तो पढ़ लो
मध्य प्रदेश में पुलिस ट्रेनिंग ले रहे लगभग 300 से अधिक रंगरुटों ने अधिकारियों को पत्र लिखकर अपना ट्रेनिंग सेंटर बदलने की मांग करते हुए ,ार के ही पास वाला ट्रेनिंग सेंटर मांगा है। इस आंकड़े को देख अधिकारियों ने भी तोड़ निकाला और उन्हें राम से सीख लेने की सलाह देते हुए,रामायण पढ़ने की सलाह दे डाली। ट्रेनिंग एडीजी राजा बाबू सिंह का कहना था कि अगर ये लोग सिर्फ अपने घर के पास ही ट्रेनिंग लेंगे,तो फिर नक्सल प्रभावित इलाकों में काम कैसे करेंगे? इसलिए इन रंगरूटों को हर शाम बैरक के प्रमुख रामचरितमानस का पाठ कराएंगे,जिससे उन्हें राम के वनवास का ज्ञान होगा और घर से दूर रहने की भारतीय संस्कृति का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। राम ने वनवास के दौरान किस तरह जंगल में रहना सीखा? एक सेना बनाई और अनेक कठिनाइयों का सामना कर राम से भगवान राम बने!
अस्पताल में अटैक आया,जान बच गई
नागदा स्थित स्थित चौधरी हॉस्पिटल में समय रहते सही उपचार मिलने से एक युवक की जान बच गई। ग्राम रूपेटा निवासी 30 वर्षीय युवक अस्पताल में दर्द की शिकायत लेकर आया था,वह ओपीडी में दिखाते समय गिर गया। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.सुनील चौधरी ने बिना समय गंवाए उपचार शुरू किया और उसे सीपीआर दिया। आईसीयू में शिफ्ट कर के उसे 12 बार करंट दिया गया और 40 मिनट सीपीआर और लाइफ सेविंग इंजेक्शन लगा कर उसकी जान बचा ली।
विकसित होगा अजंता कॉम्प्लेक्स
भोपाल इंद्रपुरी पिपलानी स्थित अजंता कॉम्प्लेक्स को नए सिरे से बनाने की कवायद तेज हो गई है। भोपाल विकास प्राधिकरण ने कॉम्प्लेक्स की जमीन को नजूल नियमों के तहत आवंटन का आवेदन लगाया है। करीब डेढ़ हेक्टेयर जमीन पर 700 नए फ्लेट और 200 दुकानें निकाली जाएगी। इस समय यहां दो भाग में करीब 300 फ्लेट हैं। अजंता कॉम्प्लेक्स का निर्माण 1992 में किया था। अब 33 साल बाद इसे फिर विकसित किया जाएगा। बीडीए का यह पहला प्रोजेक्ट होगा। शासन की री-डेवलपमेंट पॉलिसी के तहत ये प्रोजेक्ट बनेगा।
बिना शादी के,कैसे हुए विवाहित?
समग्र आइडी योजना हजारों लोगों के लिए सिरदर्द बन गई है। एक गलती ने कई कुंवारों को सरकारी रिकॉर्ड में शादीशुदा बता दिया है,अब उन्हें रिश्ता तलाशने में अड़चन आ रही है। प्रदेश भर में करीब 50 हजार से अधिक मामले अधर में हैं। कटनी जिले में ही 900 से ज्यादा लोग अजीबोगरीब गलती का खामियाजा भुगत रहे हैं। उधर कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने कहा कि समग्र आईडी में अविवाहित के स्थान पर विवाहित दर्ज होने के कारण,कई आवेदन सुधार के लिए अभी पेंडिंग हैं। समग्र आइडी में गलतियों के कारण कई युवाओं के विवाह के प्रस्ताव मुश्किल में पड़ गए हैं। अधिकारी भी हाथ खड़े कर रहे हैं,क्योंकि ऐसे सुधार का कोई प्रावधान ही नहीं है।

