क्या अब वाराणसी के पुराने शहर की तंग गलियों को चकाचक करने में कारगर साबित होगा, इंदौर का सफाई मॉडल...?
पीएमओ के निर्देश पर इंदौर पहुंचे अधिकारी बोले थे कि वाराणसी में क्रेडिट लेने नहीं,₹ बल्कि टॉस्क पूरा करने आए हैं हम....
इंदौर लगातार आठवीं बार स्वच्छ सर्वक्षण में आया प्रथम....
झाबुआ/ इंदौर।संजय जैन-सहसंपादक । प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र वाराणसी एक तरह से नये और पुराने वाराणसी में बंटा हुआ है। नया वाराणसी आइने सा साफ नजर आता है, लेकिन पुराना वाराणसी दिया तले अंधेरा जैसा कहा जा सकता है ।इसकी पहचान जिन तंग गलियों की वजह से है। पुरानी बस्ती की 200 से भी ज़्यादा तंग और भूलभुलैया जैसी गलियों को चकाचक करना चुनौती ही रही है। कुछ गलियों की चौड़ाई इतनी कम है कि एक समय में सिर्फ एक व्यक्ति ही निकल सकता है।एक साथ जब चार-पांच शवयात्रा मणिकर्णिका घाट के लिए इन गलियों से निकलती हैं,तो आने-जाने वाले निकलने के लिए इंतजार करते रहते हैं।गंगा की तरफ ढलान वाली इन गलियों में गंदगी,कचरा, पूजन सामग्री के साथ ही मवेशी मंडराते रहते हैं। पुराने शहर की सीवर लाइन की सारी गंदगी, इन तंग गलियों से बहते हुए सीधे गंगा की पवित्रता को भी प्रभावित करती हैं।
इंटरनेशनल लेवल पर टूरिस्ट सिटी...
वाराणसी धार्मिक नगरी तो है ही, इंटरनेशनल लेवल पर टूरिस्ट सिटी के रूप में भी इसकी पहचान है। प्रधानमंत्री मोदी का संसदीय क्षेत्र होने से इस शहर पर अन्य देशों की भी नजर रहती है।वाराणसी का नया शहर,एक ओर तो बाहर से हर दिन आने वाले हजारों श्रद्धालुओं- सैलानियों को प्रभावित करता है,वही दुसरी ओर पुराने शहर में प्रवेश और तंग गलियों से गंगा आरती देखने की इच्छा हेतु आए सैलानियों को विश्वास ही नहीं होता कि वाराणसी की यह दूसरी तस्वीर ऐसी भी हो सकती है।
हम क्रेडिट लेने नहीं प्रधानमंत्री की इच्छा मुताबिक काम करने आए है...
वाराणसी को इंदौर जैसा स्वच्छ करने के लिए पीएमओ के निर्देश पर इंदौर के और इंदौर में रहे वरिष्ठतम अधिकारियों की टीम पहुंची थी तब इन अधिकारियों का कहना था कि हम क्रेडिट लेने नहीं प्रधानमंत्री की इच्छा मुताबिक काम करने आए हैं। वाराणसी का इंटरनेशनल मेप पर जितना नाम है, उसी स्तर पर और अच्छा काम करने का हमारा दायित्व भी है। वाराणसी के संभागायुक्त, कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों से एक दौर की मीटिंग भी हुई थी। इंदौर के सफाई मॉडल का प्रजेंटेशन भी किया गया था। गत बुधवार को इंदौर शहर के विभिन्न क्षेत्रों का अवलोकन भी किया था।
अब इंदौर मॉडल, बनारस की गलियों और घाटों को भी नई चमक दे पाता है या नहीं...?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में वाराणसी की सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने हेतु चर्चा की थी, तब इंदौर का नाम उनकी जुबान पर था और वे आए भी थे,यहां अवार्ड देने। पीएमओ ने इंदौर से जुड़े अधिकारियों की जो सूची फायनल की थी,उसमे केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सचिव (इंदौर में कलेक्टर रहे) विवेक अग्रवाल अघोषित टीम लीडर थे। उनके साथ ही टीम में मप्र के नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे, इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह , इंदौर निगमायुक्त शिवम वर्मा, अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा समेत अन्य अधिकारी शामिल थे। विवेक अग्रवाल सहित कुछ अन्य अधिकारी ने पुराने शहर का अवलोकन किया। साथ ही वहां की जरूरतों के मुताबिक उसे स्थानीय स्तर पर लागू करने की दिशा तय की गयी। इंदौर का स्वच्छ सर्वक्षण में लगातार आठवी बार राष्ट्रीय नेतृत्व में प्रथम आने को एक और बड़ी छलांग माना जा रहा है। अब तो नजरें इस बात पर है कि इंदौर का मॉडल बनारस की गलियों और घाटों को भी नई चमक दे पाता है या नहीं...?
इंदौर लगातार आठवीं बार स्वच्छ सर्वक्षण में आया प्रथम....
गुरुवार को दिल्ली में घोषित हुए स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के नतीजों में इंदौर लगातार आठवीं बार प्रथम आया। इस सर्वेक्षण इंदौर ने 99.75% अंक हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। द्वितीय स्थान पर अहमदाबाद 99.25% अंक के साथ और तृतीय स्थान पर सूरत 99.0% अंक के साथ रहा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस समारोह में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय,इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगम आयुक्त शिवम वर्मा को अवार्ड प्रदान किया।

