प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक नोक झोंक पर विशेष संघर्ष से सिद्धि की पेशकश संजय जैन की कलम से
झाबुआ/इंदौर।संजय जैन-सह संपादक। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को मिली पहली बधाई इंदौर से # सीएम से भी मिले, पर हुआ कुछ नहीं # आखिरकार सरेंडर हो गए,दुष्कर्म के आरोप में फरार तहसीलदार # लीटर ऑयल पेंट से पुताई लाखों में # बुक स्टोर्स की अंधेरगर्दी अनोखे अंदाज में देखने पहुंची, एसडीएम रोशनी # लैपटॉप की राशि से गांजा पी जाएंगे
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को मिली पहली बधाई इंदौर से
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद हेमंत खंडेलवाल को बधाई का पहला होर्डिंग्ज इंदौर में लगा और वह भी वर्तमान नहीं, पूर्व इंदौर नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे द्वारा । भाजपा में खलबली मचना स्वाभाविक था कि नगर भाजपा तक तो ठीक लेकिन प्रदेश भाजपा के नेताओं से पहले इस बधाई के बहाने रणदिवे और सावन सोनकर की जोड़ी क्या संदेश देना चाहती है...? नगर भाजपा से जुड़े नेता इस खोजबीन में लग गए कि नव निर्वाचित अध्यक्ष खंडेलवाल से रणदिवे के रिश्ते कैसे और कितने पुराने हैं...? रणदिवे ने अध्यक्ष को सबसे पहले बधाई देकर यह तो बता ही दिया कि प्रदेश अध्यक्ष संगठन का चेहरा वह होता है,जो सामान्य कार्यकर्ता में भी जोश भर देता है। ऐसे में बधाई देने में शुभ लाभ का गणित तलाशने का कोई औचित्य ही नहीं है।
पहले भाषण की झलक-भाजपा मेरे रग-रग में
सर्वानुमति से अध्यक्ष बने खंडेलवाल के पहले भाषण की यह सलाह सामान्य कार्यकर्ताओं को तो पसंद आई है कि जो अच्छा काम करेगा, उसका सम्मान होगा और जो दाएं-बाएं करेगा उसे दिक्कत होगी। भाजपा मेरे रग-रग में है। कार्यकर्ताओं के सम्मान में कोई कमी नहीं होगी। हर कार्यकर्ता को उनकी क्षमता के अनुसार काम मिलेगा। खंडेलवाल के अध्यक्ष बनने के बाद नरोत्तम मिश्रा सहित अन्य दावेदारों की हसरतो पर भी पानी ही फिर गया है, जो यह सपना देख रहे थे कि सत्ता में पॉवरफुल नहीं बन सके,तो शायद संगठन अध्यक्ष का पद ही मिल जाता तो वे अपना पॉवर दिखा पाते।
सीएम से भी मिले, पर हुआ कुछ नहीं
जिला पंचायत सतना में सीईओ संजना जैन के खिलाफ भाजपा समर्थित 9 सदस्यों ने दो घंटे तक धरना दिया था। प्रदर्शनकारी सदस्यों का आरोप था कि सीईओ मनमानी करती हैं साथ ही उनकी कोई बात तक नहीं सुनतीं है और जनहित योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं करती है।प्रदर्शन के दौरान एसडीएम सिटी ने मध्यस्थता कर सभी सदस्यों को कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस से मिलवाया। आपको बता दे कि यह विवाद लगभग पिछले छह महीने से चल रहा है। भोपाल में मुख्यमंत्री से भी ये सदस्य मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।
आखिरकार सरेंडर हो गए,दुष्कर्म के आरोप में फरार तहसीलदार !
ग्वालियर में दुष्कर्म के आरोप में फरार चल रहे तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान ने आखिरकार जिला अदालत में सरेंडर कर दिया है। शत्रुघ्न सिंह पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। खुद को चौहान की चौथी पत्नी बताने वाली महिला ने उन पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। ग्वालियर महिला थाने में दर्ज इस मामले के बाद से तहसीलदार फरार चल रहा था, जिसके चलते पुलिस ने उस पर इनाम घोषित किया था। साथ ही, पीड़िता ने भी आरोपी की सूचना देने पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
बुक स्टोर्स की अंधेरगर्दी अनोखे अंदाज में देखने पहुंची, एसडीएम रोशनी
धार में निजी स्कूलों और बुक स्टोर्स की सांठगांठ की लगातार शिकायतें मिलने के बाद एक अनोखे अंदाज में एसडीएम रोशनी पाटीदार के नेतृत्व में जांच दल दो दिन ग्राहक बनकर बुक स्टोर्स और दुकानों पर पहुंचकर कार्रवाई की। जिसमें प्राइवेट स्कूलों और पुस्तक विक्रेताओं की मिलीभगत उजागर हुई। एसडीएम ने प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर को भेज दिया है।
4 लीटर ऑयल पेंट से पुताई लाखों में
शहडोल जिले के ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के शासकीय हाई स्कूल सकंदी में एक अजीब बिल सामने आया है। 4 लीटर ऑयल पेंट से पुताई करने के लिए 168 मजदूर और 65 राजमिस्त्री लगे थे। इसके लिए 1लाख 06 हजार 984 रुपये का भुगतान भी किया गया। प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी फूल सिंह मरपाची ने यह राशि सरकारी खजाने से निकाली। इसी तरह, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निपनिया में भी गड़बड़ी हुई है। यहां 20 लीटर ऑयल पेंट से पुताई करने, 10 खिड़कियां लगवाने और 4 दरवाजों की फिटिंग के लिए 275 मजदूर और 150 राजमिस्त्री लगाए गए। इसके लिए 2 लाख 31 हजार 685 रुपये निकाले गए। सूत्रों अनुसार भोपाल तक भी इस महंगी पुताई की जानकारी पहुंच गई है।
लैपटॉप की राशि से गांजा पी जाएंगे !
अपने विवादित बयानों के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा लैपटॉप राशि के वितरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। उन्होंने बघेली भाषा में भाषण देते हुए कहा, एक ठे बाप लैपटॉप नहीं खरीदय वाला आय,उआ चोगी पी लेइ इसका अर्थ है कि कोई भी पिता अपने बेटे के लिए लैपटॉप नहीं खरीदेगा, बल्कि वह इस पैसे से गांजा पी लेगा । सांसद इसके पहले भी अपने इसी तरीके के भाषण के लिए पहचाने जाते रहे हैं।सीधे-साधे बेबाकी से अपनी बात वे रखते रहे हैं।

