झाबुआ।संजय जैन-ब्यूरो। सौधर्म बृहद्तपागच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री मदविजय जयानन्द सूरीश्वर जी म.सा. आदि विशाल श्रमण श्रमणी वृंद का कल भव्य चातुर्मास मंगल प्रवेश श्री मोहनखेड़ा जी तीर्थ पर बड़ी धूमधाम से हुआ। झाबुआ राजवाड़े से प्रात 6.30 बजे 2 बस से लगभग 150 से अधिक समाजजन सम्मिलित होकर, तीर्थ मोहनखेड़ा जी हेतु प्रस्थान किया।        

पंडाल में पैर रखने तक की जगह नही बची थी                        

आपको बता दे कि ऐतिहासिक चातुर्मास के मंगल प्रवेश का पांडाल देश के विभिन्न स्थानों से आये गुरु भक्ताओ से पूरी तरह से खचाखच भर हुआ था। यह विहंगम दृश्य देखने लायक था, जहाँ हर कोई उल्लास से भरा हुआ था। आचार्य भगवंत श्री मदविजय जयानन्द सूरीश्वर जी म.सा.ने सर्व प्रथम नमस्कार मंत्र का श्रवण अपने अलौकिक मुखारबिंद से सभी गुरुभक्तों का करवाया। उन्होंने कहा कि आप सभी प्रतिक्रमण करते रहते है लेकिन सूत्रों के भावार्थ को पढ़ने की अधिकतर श्रावक कोशिश ही नही करते है।भले आपको सूत्र कंठस्थ न हो, लेकिन इसके भावार्थ को पढ़ने का पुरुषार्थ बार-बार अवश्य करना चाहिए। सूत्रों का भावार्थ यदि मालूम होगा तो ही आप इसकी महत्ता को समझ पाएंगे।

मंगल प्रवेश में सम्मिलित होने हेतु झाबुआ श्री संघ के लगभग 150 सदस्य पहुचे                                    

कल झाबुआ श्री संघ के लगभग 150 सदस्य द्वारा भव्य चातुर्मास का मंगल प्रवेश श्री मोहनखेड़ा जी तीर्थ पर बड़ी धूमधाम से कराने के पश्चात श्री संघ झाबुआ ने मोहनखेड़ा तीर्थ से दोपहर को लगभग  ढाई बजे लक्ष्मणी तीर्थ के लिए प्रस्थान किया । श्री लक्ष्मणीजी तीर्थ पर श्री संघ ने दर्शन-वंदन और पूजन का लाभ लिया। शाम के भोजन के पश्चात सामूहिक आरती सहित जोरदार संगीतमय भक्ति का आयोजन किया गया। भक्ति पश्चात संघ ने बेहद उल्लास के साथ झाबुआ के लिए प्रस्थान किया। उपरोक्त जानकारी श्री संघ के संजय जगावत द्वारा दी गयी।