मंत्री निर्मला भूरिया के नाम का फायदा ले रहे खास लोग, व्यापमं वाला लबादा ओढ़ा, पुलिस भर्ती परीक्षा ने निष्ठा हो तो सिलावट जैसी बुलडोजर को दे रहे हैं तेल-पानी

मंत्री निर्मला भूरिया के नाम का फायदा ले रहे खास लोग,

झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। पेटलावद से जीतीं महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को न तो मंत्री होने का घमंड है और न ही लगातार सरकारी बैठक करने की आदत है। यही कारण है कि उनके आगमन पर डाक बंगले, सरकारी आवास पर लोगों की भीड़ भी नहीं जुटती। जानकारी नुसार लोगों से ज्यादा तो उनकी पार्टी में ही उनसे नाराजी बढ़ती तो जा रही है क्योंकि इनके नाम का लाभ लेकर उनके ही कुछ खास लोग पेटलावद में हर काम में अपना हित साधने के लिए अधिकारियों पर रौब झाड़ने में सक्रिय हो गए हैं।

व्यापमं वाला लबादा ओढ़ा, पुलिस भर्ती परीक्षा ने   
 
शिवराज सरकार के वक्त हुए व्यापमं घोटाले से सरकार की खूब किरकिरी हुई थी। शिवराज सिंह चौहान गए तो यह घोटाला भी चर्चा के बाजार में गुम हो गया है। सरकार बदली और अब वेश बदल कर घोटाला पुलिस भर्ती परीक्षा का लबादा ओढ़ कर आ गया। इंदौर में मल्हारगंज थाने ने एक परीक्षार्थी दुर्गेश राठौर की कॉपी की लिखावट जांची गयी,तो वह संदेहास्पद निकली। यह भी पता चला कि सारे प्रश्नों के उत्तर उसके छोटे भाई ने लिखे है,बस हस्ताक्षर उसने किए थे। कारण यह बताया गया कि उसके हाथ में चाकू लग गया था। पुलिस ने सख्ती की तो दुर्गेश ने कबूला कि उसकी जगह सबलगढ़ मुरैना निवासी राघवेंद्र सिंह रावत ने परीक्षा दी थी। इस परीक्षा में धांधली की जानकारी मिलने के बाद से मोहन यादव सरकार सख्ती से जांच करा रही है।

निष्ठा हो तो सिलावट जैसी

सिंधिया परिवार के प्रति तुलसी सिलावट की निष्ठा बेहद गजब है। पहले सांवेर में चुनाव जिताने तुलसी के आंगन में माधव आते थे। सिलावट की जैसी निष्ठा तब थी,अब ज्योतिरादित्य के प्रति भी वैसी ही है। योग दिवस पर सिंधिया को जब इंदौर में शामिल होना था,तब रात एक बजे तक वो राजबाड़ा पर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे थे। सिंधिया जब सुबह आए तो सिलावट को धार जाना पड़ गया। वहां से डेढ घंटे में योग कार्यक्रम निपटा कर तेज गति से उनका काफिला इंदौर पहुंचा और वे सीधे एयरपोर्ट सिंधिया को विदा करने पहुंच भी गए।

बुलडोजर को दे रहे हैं तेल-पानी

इंदौर वार्ड 58 के कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी के नाम के साथ डकैत तो पहले से ही जुड़ा है,लेकिन थानों मे दर्ज यह सारे प्रकरण भी उन्हें पार्षद चुनाव जीतने में बाधक नहीं बने। जिहाद को प्रोत्साहित करने का मामला उजागर होने के बाद से अब तो ऊंट पहाड़ के नीचे आ गया है। पुलिस की सख्ती का असर है कि भागते-भागते हांफने लगे हैं। महापौर ने संभागायुक्त कादरी को पद से हटाने का पत्र भी लिख दिया है। कादरी ने कोर्ट का रूख जरूर किया है,लेकिन यह भूल गए कि पुष्यमित्र भार्गव महापौर, इंदौर ऐसे सारे दांवपेंच से निपटने के खिलाड़ी हैं। नगर निगम का तोड़क दस्ता भी जेसीबी-बुलडोजर को तेल-पानी देने में जुट गया है,पता नहीं किस सुबह सदर बाजार कूच करने का आदेश ही आ जाए