हो गई दुल्हन की दुल्हों से अदला-बदली - दवाई से पहले पंखा जरूरी - डंसने वाला सांप ही मर गया - साहस नहीं गलती स्वीकारने का - किरकिरी हुई डीआयजी महेशचंद्र जैन की बिजली विभाग ने भी लिख डाली लापता लेडीज फिल्म की स्क्रिप्ट-हो गई दुल्हन की दुल्हों से अदला-बदली

पता नहीं मुख्यमंत्री तक,बिजली कटौती का यह अनूठा मामला पहुंचा या नहीं?

झाबुआ/इंदौर। । संजय जैन-सह संपादक। उज्जैन क्षेत्र के इंगोरिया के दंगवाड़ा गांव में बिजली विभाग के कारण किरण राव-आमिर खान की फिल्म लापता लेडीज जैसे हालात बना दिए। फिल्म में ट्रेन के सफर में दुल्हन बदल जाती है,ठीक कुछ इस तरह ही इस गांव में बिजली गुल होने से दो दुल्हन की अदला-बदली हो गई। साथ ही अब यह भी उजागर हो गया कि चौबीस घंटे सतत आपूर्ति के दावे तो सिर्फ  विज्ञापनों में ही ठीक लगते है,लेकिन हकीकत में स्थिति तो ऐसी है ही नहीं।

इस तरह हुई अदला-बदली

आदिवासी बाहुल दंगवाड़ा गांव में तीन बहनों की शादी थी। असलाना गांव के दो दूल्हे भोला और गणेश तथा तीसरे दूल्हे की अन्य गांव से बारात आई थी। जिस वक्त फेरे की रस्म होना थी, उसी वक्त बिजली गुल हो गई। इन तीन में से दो बहनों की ड्रेस,कद-काठी एक जैसी थी। फेरों के बाद इन दोनों बहनों की विदाई भी हो गई। जब मुंह दिखाई की रस्म हुई,तो सब हैरान रह गए। भोला की पत्नी गणेश के साथ और गणेश की पत्नी भोला के साथ बैठी थी। खुलासा तो तब हुआ जब बिजली गुल के दौरान हुए फेरों में,दोनों बहनों की दुल्हों से अदला-बदली हो गई थी।

फिर से फेरे कराओ
परिवारवालों ने समाजजनों से राय ली,पंडित जी ने समस्या का हल बताया कि फिर से फेरे कराओ,कुल देवता, गांव देवता का पूजन करवा लो। पता नहीं मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव तक बिजली कटौती का यह अनूठा मामला पहुंचा या नहीं?

किरकिरी हुई डीआयजी महेशचंद्र जैन की

नारकोटिक्स विंग के डीआयजी महेशचंद्र जैन स्टाफ  की लापरवाही पर सिर पीटने के अलावा और कर भी क्या सकते हैं...? एमडी ड्रग्स तस्करी मामले में  जावरा के जिस आरोपी सलमान पठान को हथकड़ी लगाई थी,वो हथकड़ी से हाथ निकाल कर फरार हो गया। हथकड़ी की गोलाई से हाथ पतला था,क्या यह बात इस विंग के घाघ पुलिसकर्मियों को समझ में नही आई थी.? इस बात पर तो विश्वास ही नहीं होता है। खैर,आरोपी के फरार होने के जो भी कारण रहा हों,लेकिन डीआयजी की तो किरकिरी हो ही गई।

दवाई से पहले पंखा जरूरी

छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के परिजन पर्चे में लिखी दवाई लाने से पहले पंखे का इंतजाम करने के लिए मजबूर हो गए हैं । शहर का तापमान 35 डिग्री रहने पर,बर्न यूनिट में तेज गर्मी और उमस के कारण मरीजों की हालत खराब होना आम बात है। जिले के जनप्रतिनिधियों को अब तक मरीजों का दर्द समझ ही नहीं आया है। धमोरा के रहने वाले 13 महीने के लोकेंद्र रैकवार को 7 दिन पहले गर्म दूध से जलने पर भर्ती किया गया था। तेज गर्मी में बच्चे के रोने पर परिजनों को मजबरून 1230 रु.का पंखा खरीदना पड़ा। 

डंसने वाला सांप ही मर गया

बालाघाट जिले के गांव खुड़सोड़ी में अनोखा मामला हो गया। गांव के सचिन पिता गजब नगपुरे को सांप ने डस लिया। सचिन को तो कुछ नहीं हुआ लेकिन कुछ देर में सांप ही तड़प कर मर गया। सचिन का कहना था वह कई वर्षों से अलग- अलग पेड़ की लकड़ी से दातून कर रहा है,शायद इस कारण से वह बच गया। वन अधिकारियों का कहना है कि डंसने के बाद यदि सांप पलट जाए तो उसकी जहर की थैली फट जाती है,इस वजह से उसकी मौत भी हो सकती है।

साहस नहीं गलती स्वीकारने का

इंदौर निगम ने वर्षा जल सहेजने के लिए जागरूकता के लिए गत 15 जून को सुबह 6 बजे रीजनल पार्क से साइकिल रैली निकालने का आह्वान किया था। जागरूक लोग तो पहुंच गए,लेकिन निगम के अधिकारी सोते रहे। निगम आयुक्त, महापौर, जलकार्य समिति अध्यक्ष के आह्वान पर पहुंचे साइकिल सवारों को तब हैरानी हुई,जब वहां मंच तो लगा था, लेकिन न्यौता देने वाले कोई भी अधिकारी थे ही नहीं। इंदौर निगम पीआरओ गरोठिया का कहना है,रैली का आयोजन निरस्त हो गया था। जिस समिति ने रैली आयोजित की उसके अध्यक्ष अभिषेक बबलू शर्मा तो साफ  मुकर गए कि रैली का आयोजन था ही नहीं,विज्ञप्ति तो गलती से जारी हो गई थी। निगमायुक्त बोले रैली स्थगित कर दी थी,इसकी जानकारी आमजन को देना थी। गड़बड़ी कहां हुई? इसका जल्द पता लगाएंगे।