झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जिनका कार्यकाल पहले ही लोकसभा चुनाव तक बढ़ाया जा चुका था। नड्डा जनवरी 2020 में अध्यक्ष बने थे और 2023 में उनका कार्यकाल 2024 के आम चुनाव तक बढ़ाया गया था। अब जबकि लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं,पार्टी नेतृत्व में बदलाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद,अब संगठनात्मक पुनर्गठन की कवायद जोर पकड़ रही है।

सस्पेंस है बरकरार......
भारतीय जनता पार्टी- भाजपा का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष इस सवाल पर अभी भी सस्पेंस बरकरार है। कई नामों की चर्चा हो रही है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर संगठन चुनाव को लेकर पार्टी की तरफ  से कुछ भी नई जानकारी नहीं दी गई है। बीजेपी के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए आधे से अधिक राज्यों में संगठन चुनाव की प्रक्रिया पूरी होना अनिवार्य है। सूत्रों के अनुसार,अधिकांश राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

आतंकी हमले के बाद टाल दिया गया ..
हाल ही में उत्तर प्रदेश में भी जिला अध्यक्षों के नाम की घोषणा कर दी गई थी। इसके बाद उम्मीद जगी की जल्द ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी चुनाव संपन्न हो जाएगा। लेकिन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद,इसे फिर से इसे टाल दिया गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष से पहले भाजपा को कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष भी चुनना है। उत्तराखंड में एक ब्राह्मण चेहरा सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में पहले ब्राह्मण उम्मीदवार पर विचार किया जा रहा था,लेकिन अब पिछड़े वर्ग से अध्यक्ष बनाने की मांग तेज हो गई है। मध्य प्रदेश में अब तक का फार्मूला था मुख्यमंत्री ओबीसी और प्रदेश अध्यक्ष ब्राह्मण,लेकिन अब पार्टी जनजातीय नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर विचार कर रही है क्योंकि वर्तमान में कोई आदिवासी प्रतिनिधित्व नहीं है।

रेस में इन 3 दिग्गजों के नाम.....
राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए जिन दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में हैं,उनमें धर्मेंद्र प्रधान-केंद्रीय मंत्री,शिवराज सिंह चौहान-कैबिनेट मंत्री, मनोहर लाल खट्टर- कैबिनेट मंत्री जैसे दिग्गज शामिल हैं। इनमें से कुछ नाम संगठनात्मक अनुभव के आधार पर मजबूत माने जा रहे हैं,तो कुछ नाम राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार प्रह्लाद जोशी,बीएल संतोष,सीटी रवि,धर्मेंद्र प्रधान,मनोज सिन्हा और भूपेंद्र यादव के नामों पर भी चर्चा चल रही है। संभव यह भी है कि कर्नाटक के नेता को ही यह जिम्मा मिल जाए ।

जारी हो सकती है जुलाई के दूसरे सप्ताह में अधिसूचना.........
सूत्रों के अनुसार बीजेपी जुलाई के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की अधिसूचना जारी कर सकती है। इसके तहत सबसे पहले राज्य स्तर पर संगठनात्मक चुनाव कराए जाएंगे और उसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर अध्यक्ष का चुनाव होगा। यह पूरी प्रक्रिया पार्टी के संविधान के अनुसार होगी, जिसमें नामांकन, छंटनी और मतदान जैसे चरण शामिल होंगे।

दोनों ही स्तर पर उत्सुकता चरम पर......
चुनाव की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक केंद्रीय चुनाव समिति गठित की जाएगी,जो इस प्रक्रिया की निगरानी करेगी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि जेपी नड्डा दोबारा चुनाव लड़ेंगे या कोई नया चेहरा सामने आएगा,लेकिन पार्टी के भीतर और बाहर दोनों ही स्तर पर उत्सुकता चरम पर है। बीजेपी का नया अध्यक्ष 2026 के विधानसभा चुनावों और 2029 के आम चुनावों के लिए रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। ऐसे में यह चुनाव सिर्फ  संगठनात्मक परिवर्तन नहीं बल्कि पार्टी की भविष्य की दिशा और प्राथमिकताओं को भी तय करेगा।

विपक्ष की भी नजर इस चुनाव पर.....
बीजेपी के नए अध्यक्ष के चुनाव पर सिर्फ  पार्टी कार्यकर्ता ही नहीं,बल्कि अन्य राजनीतिक दलों की भी पैनी नजर बनी हुई है,क्योंकि इससे पार्टी की नीतियों,संगठनात्मक प्राथमिकताओं और रणनीतियों पर बड़ा असर पड़ेगा। यह चुनाव पार्टी के राजनीतिक भविष्य का रोडमैप तैयार करेगा।

अटल बिहारी वाजपेयी एकमात्र भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष....
1980 में पार्टी की स्थापना के बाद अटल बिहारी वाजपेयी इसके पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे। बाद में वे भारत के प्रधानमंत्री बने,जो आज तक उस पद पर रहने वाले एकमात्र भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। 1986 में लाल कृष्ण आडवाणी ने पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में शपथ ली थी और तीन अलग-अलग अवधियों में सबसे लंबे समय तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। 2022 तक,11 लोगों ने भाजपा के  राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है,जिनमें राजनाथ सिंह और अमित शाह भी शामिल हैं, जिन्होंने दो कार्यकाल पूरे किए थे। जेपी नड्डा हालिया राष्ट्रीय  अध्यक्ष हैं, जिन्हें जनवरी 2020 में नियुक्त किया गया है।

कांग्रेस का अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन...?
कांग्रेस संगठन में चल रही बदलाव की बयार में यदि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी लपेटे में आते हैं तो अगला प्रदेश अध्यक्ष होगा कौन......? फिलहाल तो दो नाम आगे बढ़ाए जा सकते हैं, ओबीसी चेहरा अरुण यादव और सवर्ण वर्ग से अजय सिंह। देखा जाय तो अगले दो साल तक जो भी रहेगा,उसके बाद तो दिग्विजय सिंह खुद अपने बेटे जयवर्धन सिंह के लिए राह आसान करने में लग जाएंगे।  

दमदार हैं बूढ़े घोड़े...
राहुल गांधी की भोपाल यात्रा के बाद कांग्रेस की राजनीति में जिस तरह तीन तरह के घोड़े चर्चा में हैं,तो कांग्रेस के चार बड़े नेताओं को लेकर किया गया एक सर्वे चर्चा में भी है । इस सर्वे में कमलनाथ नंबर वन पर हैं। दूसरे नंबर पर दिग्विजय सिंह,तीसरे नंबर पर जीतू पटवारी और चौथे नंबर पर अरुण यादव हैं। बेमौसम कराए इस सर्वे से शायद यही बताता है कि बूढ़े घोड़े दमदार हैं। वैसे कांग्रेस में किसी ओबीसी नेता को कमान सौंपने पर विचार हुआ तो अरुण यादव सबकी पसंद हो सकते हैं।