क्या बयानवीर मंत्री विजय शाह का कुछ नहीं बिगड़ना है?- विजय शाह को सुनती रहीं,क्या विधायक उषा ठाकुर भी दोषी नही?
डीजीपी के ही गले तो नहीं पड़ गया,उनका ही आदेश?-मंत्री विजय शाह मामले में एसआईटी की जांच पूरी,मंत्री को नहीं किया बयान के लिए तलब
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। बयानवीर जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह का कुछ नहीं बिगड़ना है,यह तो आम लोगों को पार्टी के नरम रवैए से समझ आ गया है। विजय शाह के चर्चित वीडियो मामले में मंच पर विराजित विधायक-पूर्व मंत्री उषा ठाकुर तो साफ बच गई। इससे उनके समर्थक जहां चैन की सांस तो ले ही रहे हैं,लेकिन वही दल में उनके विरोधी कहते फिर रहे हैं कि विजय शाह ने बोल कर,तो उषा ठाकुर ने चुप्पी साध कर,शाह की बयानबाजी को मुस्कुराते हुए सुन कर एक तरह से तो उनका समर्थन ही किया है। सेना की वरिष्ठ महिला अधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक बोल रहे विजय शाह को माना कि रोकना संभव नहीं था,लेकिन वे मंच से उठकर जा भी तो सकती थी,लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया। उल्लेखनीय है कि दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती हैं,भले ही उनकी आवाज नक्कारखाने में तूती के समान है,लेकिन उन्होंने विजय शाह को तत्काल बर्खास्त करने का बयान देने का साहस तो दिखाया।
डीजीपी के ही गले तो नहीं पड़ गया,उनका ही आदेश?
डीजीपी कैलाश मकवाना को आदेश जारी किए एक महीना भी नहीं हुआ और सांसद-विधायकों को सैल्यूट देने संबंधी आदेश उनके ही गले पड़ गया। किसे पता था कि बयान देकर फंसे मंत्री विजय शाह ऐसे उलझ जाएंगे? मामला मंत्री का हो,तो डीजीपी को ही हर कदम पर सजग रहना होता है।। पिछले दिनों पुलिस विभाग के अधिकारियों ने कितनी बार सैल्यूट दिया? यह तो विभाग ही जाने, आमजन को तो यही पता है कि कोर्ट के निर्देश पर एफआईआर दर्ज करने के दौरान आरोपी विजय शाह को दो बार श्री लिखने पर ही कोर्ट ने पुलिस महकमे को जमकर फटकार भी लगाई है। डीजीपी के ही गले तो नहीं पड़ गया,उनका ही आदेश? सांसद- विधायकों को सैल्यूट करने का आदेश क्यों दिया? यह भी पूछे तो पूछे कौन डीजीपी से?
क्यो वीडियो चार दिन बाद पुलिस के हाथ लगा?
जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह द्वारा देश की वीर जवान कर्नल सोफिया को लेकर दिए गए विवादित बयान का वीडियो क्यो चार दिन बाद पुलिस के हाथ लगा.....?। यानी सोशल मीडिया पर बवाल मचा रहे वीडियो को ढूंढने में पुलिस को 4 दिन क्यो लग गए......? हालांकि,मंत्री शाह की गिरफ्तारी नहीं की गयी। विधायक उषा ठाकुर और झाबुआ शिवगंगा अभियान के राजाराम कटारा समेत मंच पर बैठे लोगों के बयान भी दर्ज कराए जाएंगे। आपको बता दें कि,सुप्रीम कोर्ट जांच के बाद शायद कार्रवाई तय करेगा। मजेदार बात तो यह ही कि साफ वीडियो में नजर आ रहा है कि देश की कर्नल के लिए मंत्री ने कैसी गैर जिम्मेदाराना बातें खुले मंच से भरी सभा मे बोली थी....? फिर तो शायद एसआईटी के लिए जांच में कुछ भी बचता ही नहीं है,ऐसा हमारा मानना है।
मंत्री विजय शाह मामले में एसआईटी की जांच पूरी,मंत्री को नहीं किया बयान के लिए तलब
इंदौर के मानपुर में एक आयोजन के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताने वाले बयान के मामले में मंत्री विजय के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। कोर्ट के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने एक एसआईटी भी गठित की। जांच के लिए सागर जोन के पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा के अलावा तीन सदस्यों को कमेटी में शामिल किया गया है,तीनों सदस्य तीन दिन पहले मानपुर गए थे,वहां उन्होंने आयोजनों में शामिल लोगों के बयान और पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग को देखा। उधर इस मामले में मानपुर पुलिस की जांच धीमी गति से चल रही है। इस मामले में मंत्री विजय शाह को बयान देने के लिए जांच कर रहे अफसर तलब नहीं कर पाए। इस मामले में मंत्री के खिलाफ धाराएं भी नहीं बढ़ाई गई। इसके बाद जांच पूरी कर कमेटी भोपाल के लिए रवाना हो गई। अब रिपोर्ट की जानकारी कोर्ट में भी प्रस्तुत की जाएगी।
विजय शाह को राहत और प्रोफेसर मेहमूदाबाद को भेजा गया जेल,कैसे होता है न्याय?
सैन्य अधिकारियों पर अपनी अमर्यादित टिप्पणी करने वाले मंत्री विजय शाह की माफी तो सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दी,लेकिन गिरफ्तारी पर रोक लगाने के साथ ही बहुत बड़ी राहत दे दी है। लेकिन, एसआईटी जांच का आदेश को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाये जा रहे है। दूसरी तरफ अशोका यूनिवर्सिटी हरियाणा के प्रोफेसर अली खान मेहमूदाबाद अपनी ऐसी ही एक टिप्पणी के चलते जेल भेज दिए गए है।
कहीं भी कुछ भी बोलने से बचें,पीएम मोदी की नेताओं को सख्त हिदायत
प्रधानमंत्री मोदी ने सभी नेताओं को सलाह दी कि वे अपने सार्वजनिक बयानों में संयम बरत है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कहीं भी,कुछ भी बोलने से बचें,इसके साथ ही उन्होंने अनुशासित संचार की आवश्यकता पर बल दिया।
विजय शाह अगर मेरी पार्टी में होते तो उन्हें आजीवन के लिए बाहर कर देता : चिराग पासवान
हाजीपुर के सांसद चिराग पासवान ने कहा कि हमें अपने सैन्य कर्मियोंdoul पर गर्व है।जो कोई भी उनकी तुलना आतंकवादियों से करता है,वह निंदा का पात्र है। अगर ऐसा कोई व्यक्ति मेरी पार्टी में होता,तो उसे आजीवन निष्कासित कर दिया जाता।

