10 मार्च 2000 में बने नियम अनुसार शासकीय सेवक पर प्रदेश में कार्यवाही हो चुकी है

झाबुआ*नीमच। राजू पटेल/संजय जैन-सह संपादक।  नीमच जिले के गांव गिरदोड़ा के रहने वाले सुरेश पिता नेमीचंद यादव पटवारी के पद पर नीमच जिले की सिंगोली तहसील के रतनगढ़ टप्पा के श्रीपुरा हल्के 29 में पदस्थ है। 

मय दस्तावेज के तीसरी संतान उत्पत्ति की शिकायत

नीमच सीटी निवासी दिलीप कुमार के द्वारा दिनांक 26/11/24 को कलेक्टर जनसुनवाई में एक शिकायत सुरेश यादव पटवारी सिंगोली तहसील वर्तमान में रतनगढ़ टप्पा के पटवारी हल्का 29 श्रीपुरा में पदस्थ है कि  2001 के बाद तीसरी ओर चौथी संतान उत्पत्ति होने के बाद मय दस्तावेज के करते हुए शासन नियमों के अनुसार कार्यवाही करने की मांग की है। आपकी जानकारी हेतु बतादे की पटवारी सुरेश यादव के यहा  वर्ष 2001 के बाद तीसरी ओर चौथी संतान लड़की ओर लड़के के रूप में हुई है। गौरतलब है कि पूर्व में पटवारी सुरेश यादव की दो संतान जीवित थी और अब कुल चार संतान जीवित है उसकी संपूर्ण जानकारी समग्र आईडी में अंकित है। 

मध्यप्रदेश सरकार ने 10 मार्च 2000 में गजट प्रकाशन 

मध्यप्रदेश सरकार ने 10 मार्च 2000 में गजट प्रकाशन  करवाया था,जिसमें उल्लेख किया गया है कि 26 जनवरी 2001 के पश्चात तीसरी संतान होने पर किसी भी सरकारी सेवा या नियुक्ति के लिए पात्र नहीं रहेंगे। पटवारी की वर्तमान में चार जीवित संताने है,फिर भी उनके द्वारा 26 जनवरी 2001 के बाद हुई संतान की जानकारी उन्होंने अपने विभाग से छिपाई या नहीं दी यह जांच का विषय होकर शासन के नियमों के अनुसार शिकायत पर कार्यवाही होना है...?  26 /11/2024 को कलेक्टर जनसुनवाई में की गई शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं होने पर दिलीप यादव निवासी नीमच सीटी द्वारा पुनः 20 मई 2025 को कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत करते हुए पटवारी सुरेश यादव के द्वारा तीसरी ओर चौथी संतान जीवित है के जन्म होने पर शासन के नियमानुसार कार्यवाही हेतु मांग की है।

इस नियम से शिक्षिका पर हुई थी कार्यवाही

मध्यप्रदेश शासन ने तीसरी संतान उत्पन्न होने पर शासकीय सेवक हेतु एक नियम 10 मार्च 2000 में बनाया ओर उसका गजट प्रकाशन भी हुआ था उसके अनुसार छतरपुर जिले के धमौरा स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में श्रीमती रंजिता साहू बतौर शिक्षक पदस्थ थी उनके तीन बच्चे होने की शिकायत तीन साल पहले की गई थी ,शिकायतकर्ता ने यह दर्शाया था कि मैडम तीसरी संतान की बात छिपाकर नौकरी कर रही है उनके विरुद्ध सूचना पत्र देकर जांच की गई ओर शिकायत सत्य पाई जाने पर जो कि शासकीय सेवा में थी उनकी सेवा समाप्त कर दी गई।

क्या है सरकारी नियम

राज्य सरकार के बनाए नियमों के अनुसार कोई भी सरकारी सेवक जिसकी तीसरी संतान 26 जनवरी 2001 के बाद जन्मी है,वे सरकारी नौकरी के लिए अपात्र घोषित किए जाएंगे। इसी नियम के तहत सरकारी स्कूल की शिक्षक श्रीमती रंजिता साहू की नौकरी गई है।

इसी प्रकार भिंड में भी सी एम राइज स्कूल के टीचर की नौकरी भी गई है

दिग्विजय सिंह सरकार में बने इस नियम पर भाजपा सरकार में हुई कार्यवाही सरकारी सेवक की तीसरी संतान होने पर अयोग्य घोषित किए जाने का नियम 2000 में कांग्रेस शासनकाल अर्थात तत्कालीन कांग्रेस की दिग्विजय सिंह सरकार में बना था।तब से लेकर अब तक कई सरकारी कर्मचारियों की नौकरी जा चुकी है। हालांकि प्रदेश में 20 वर्ष से अधिक समय से भाजपा की सरकार है लेकिन इनके द्वारा इस नियम में कोई संशोधन अथवा बदलाव नहीं किया है। जबकि सुरेश यादव पटवारी की चौथी संतान हो चुकी थी। सुरेश यादव पटवारी राजस्व विभाग के अंतर्गत आते है और यह शासकीय कर्मचारी है । इनकी शिकायत की जांच कर कार्यवाही जिस प्रकार अन्य विभाग के शासकीय कर्मचारियों पर की गई वह नियम इनके ऊपर भी शासकीय सेवक होने से लागू होकर क्या 26 जनवरी  2001 बाद हुई तीसरी ओर चौथी संतान उत्पन्न होने ओर चारों संतान जीवित होने पर दिलीप कुमार की शिकायत की जांच करते हुए मध्यप्रदेश शासन के 10 मार्च 2000 में बने नियम के तहत इनके द्वारा नियमों का उल्लंघन के लिए जवाबदार मानते हुए क्या कार्यवाही जिला प्रशासन शिकायत करता की मांग पर करता है या अभयदान मिलेगा आने वाले वक्त में पता चलेगा

नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी

सुरेश यादव पटवारी श्रीपुरा तहसील सिंगोली की तीसरी ओर चार संतान होने की शिकायत प्राप्त हुई है। उनको सूचना पत्र जारी किया,जिसका जवाब पटवारी ने दिया है। आगे मार्गदर्शन हेतु कलेक्टर को जवाब भेज दिया है।नियमानुसार आगे कार्यवाही की जावेगी।

बालकृष्ण मकवाना- तहसीलदार, सिंगोली

इनका का कहना

सुरेश यादव से शिकायत के संबंध में चर्चा कर उनका क्या कहना जानना चाहा तो उनके द्वारा दो टुक में कोर्ट में निपट लूंगा कहा गया।

सुरेश यादव पटवारी