इतने प्रकरण हो रहे दर्ज वे भी सिर्फ शिकायत के बाद -इस मान से तो कितनो को लूटा गया होगा?

कलेक्टर नेहा मीना ने विशाल गोयल पटवारी को किया निलंबित

पेटलावद/झाबुआ।संजय जैन-सह संपादक। मध्यप्रदेश में रिश्वत खोर अधिकारियों ओर कर्मचारियों पर लगातार ट्रैप की कार्यवाही तो हो रही गया, लेकिन रिश्वत लेने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब प्रदेश में लगातार पटवारीयो पर गाज गिरती नजर आ रही है। ऐसे रिश्वत लेने वालों को लोकायुक्त टीम द्वारा रंगे हाथों पकड़ा जा रहा है। ताजा मामला कल झाबुआ जिले के पेटलावद तहसील का है। दोपहर 1.15 बजे इंदौर लोकायुक्त पुलिस टीम के द्वारा मोईचारिणी के पटवारी विशाल गोयल को 12 हजार 500 रुपये हए लेते रंगे हाथों पकड़ लिया गया ।

यह है मामला

लोकायुक्त टीम इंदौर पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय विपुस्था से आवेदक रमेश राणजी गरवाल 45 वर्ष निवासी करणगढ़ तहसील पेटलावद ने 22 मई 25 को यह शिकायत दर्ज करवाई थी कि गांव करणगढ़ में,मैं ओर मेरी पत्नी के नाम से दो-दो बीघा कृषि भूमि है, जिसके सीमांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन लोक सेवा केंद्र से मैंने किया  था। पटवारी विशाल गोयल पटवारी  मोईचारिणी हल्का नंबर 13 ने सीमांकन करने हेतु 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।

आरोपी पटवारी को गिरफ्तार कर लिया गया

लोकायुक्त एसपी सहाय ने शिकायत का सत्यापन कराया, जो सही पाई गई और आवेदक द्वारा बातचीत करने पर पटवारी  12 हजार 500 रुपये लेने हेतु तैयार हो गया। इसके बाद  ट्रैप दल का गठन किया गया। आवेदक से पटवारी विशाल गोयल द्वारा रिश्वत राशि 12 हजार 500 लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया गया। इसके बाद पटवारी को लेकर पेटलावद रेस्ट हाउस आए और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत कार्यवाही करते हुए आरोपी पटवारी को गिरफ्तार और रिश्वत राशि जप्त कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।

कलेक्टर ने पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया

रिश्वतखोर पटवारी विशाल गोयल को कलेक्टर नेहा मीना ने लोकायुक्त दल द्वारा ट्रेप किया जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर तहसील कार्यालय थांदला में अटैच कर  दिया है। उक्त कार्यवाही तहसीलदार पेटलावद से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। 

यह थे लोकायुक्त ट्रेप दल में

सुनील तालान डीएसपी ,दिनेश भोजक निरीक्षक,प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव,आरक्षक आशीष आर्य,कृष्ण अहिरवार,शैलेन्द्र बघेल, रामेश्वर निगवाल,चालाक शेर सिंह ठाकुर, शामिल थे।

पिछले दिनों प्रदेश में लोकायुक्त की ताबड़तोड़ कार्रवाई में एक दिन में ही धराये थे 3 रिश्वतखोर पटवारी

आपको बता दे कि प्रदेश में बुधवार 21 मई को लोकायुक्त की टीमों ने छिंदवाड़ा, अशोकनगर और रतलाम जिलों में रिश्वतखोरों को रंगेहाथों ट्रैप भी किया था। जिन तीन शहरों में लोकायुक्त ने कार्रवाई की थी,उसमें छिंदवाड़ा में  40 हजार,अशोकनगर में 10 हजार और रतलाम जिले में पटवारी 6 हजार रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए थे। 

इसके अलावा भी रिश्वत लेते पकड़े गए पटवारियों के यह भी है अन्य प्रकरण

11 मार्च 2025 में मऊगंज में पटवारी को 2 हजार रुपये की  रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। उसके बाद भोपाल में 14 मई 25 को पटवारी सुप्रिया जैन को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया था। वही उज्जैन जिले के घटिया में पटवारी प्रियंका चौहान के भाई अभिषेक मालवीय को विगत दिनों 35 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया और प्रकरण दर्ज हुआ था। उक्त सभी पटवारियों व अन्य पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज हुए।