क्या अग्रिम जमानत होते ही,नरसिंह दास बैरागी अवैध निर्माण कार्य को दोबारा प्रारंभ करने की फिराक में तो नही?

क्या नगर परिषद ओर राजस्व विभाग इस अवैध निर्माण को हटाएगा?

कही सीएमओ पेटलावद अवैध निर्माण कार्य को वैध करने की तैयारी तो नहीं कर रही?

झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक। जिले की पेटलावद तहसील मुख्यालय पर 24 मार्च 2025 रविवार को एक भीषण हादसा हुआ था। जिसमें दो श्रमिकों की जान चली गई और तीन श्रमिक घायल हुए थे। इस हादसे को लेकर जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी.उसमें उक्त निर्माण अवैध होना भी पाया गया था। सीएमओ आशा भंडारी ने नरसिंहदास पिता प्रकाशचंद वैरागी निवासी को पेटलावद के नाम कार्यालय नगर परिषद पेटलावद से जावक क्रमांक 25/ 1892 पेटलावद 02/04/2025 को उक्त अवैध निर्माण के संबंध में नोटिस भी जारी किया था। जिसका जवाब सूचना पत्र प्राप्ति के 03 दिवस के भीतर उन्हें अथवा उनके प्रतिनिधि के माध्यम से कार्यालय में उपस्थित होकर अधोहस्ताक्षरकर्ता को प्रस्तुत कर करना था। साथ ही प्रस्तुत न करने की दशा में एक पक्षीय कार्यवाही करते हुए मप्र.नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 एवं अधिनियम की विभिन्न धाराओं एवं प्रावधानों के तहत किये गए बगैर अनुमति निर्माण को सील बंद करने की कार्यवाही करनी थी। गौरतलब है कि नगर परिषद पेटलावद की ओर से सूचना पत्र दिनांक 2/4/25 को जारी कर तीन दिन में जवाब प्रस्तुत करने का समय दिया गया था,लेकिन उक्त समयावधि भी बीत गई है और नगर परिषद की ओर से अब तक कोई कार्यवाही भी नहीं की गई है।

कही निर्माण कार्य को पुन: प्रारंभ करने की तैयारी तो नही?

नरसिंहदास बैरागी अपनी अग्रिम जमानत करवाकर पुलिस कार्यप्रणामी की हंसी उड़ाते हुए नगर में अब शान से घूम रहा है। सूत्रों नुसार उसने धराशाई भवन के अधूरे निर्माण कार्य को पुनः: प्रारंभ करने की लगभग पूरी तैयारी भी कर ली है। जिसका प्रमाण भूमि सर्वे नंबर176, 929, 984 एवं 986/1 के पूर्व निर्माण स्थल पर जो तीन चार दो पहिया वाहन प्रकाशित तस्वीर में दिख रहे है,वे शायद कारीगर,मजदूर या मकान मालिक की भी हो सकते है,कही निर्माण कार्य को पुनः: प्रारंभ करने की तैयारी तो नहीं है?

कही सीएमओ अवैध निर्माण कार्य को अब वैध करने की तैयारी तो नही कर रही?

ऐसा प्रतीत होता है कि सीएमओ आशा भंडारी ने अवैध निर्माण,जिसने दो लोगों की जान चली गयी थी,उक्त मामले में नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 के अंतर्गत बने नियमों और असाधारण राजपत्र में 20 सितंबर 2016 को प्रकाशित संशोधित नियम अनुसार आवेदन लेकर विधिवत रूप से संबंधित से उल्लेखित प्रशमन शुल्क का निर्धारण कर उसे जमा करवाकर, विधिवत निर्माण अनुमति जारी कर सके और निर्माण कार्य को अवैध से वैध कर सके,कही ऐसा तो नहीं कर रही है......? ऐसा हम इसलिए कह रहे है कि अभी तक नगर परिषद पेटलावद ने अवैध निर्माण को जमीदोज करने के लिए ना तो नियमानुसार कोई जवाबी कार्यवाही की है और ना ही जिला प्रशासन ने उक्त अवैध निर्माण को हटाने के लिए नगर परिषद को निर्देशित ही किया है ।

अब अवैध निर्माण को हटाने की कार्यवाही करना चाहिए

जिला प्रशासन द्वारा उक्त अवैध निर्माण और हादसे की जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन और नगरीय प्रशासन विकास एवं आवास विभाग भोपाल के पास पहुंच भी गई है। अब सीएमओ को वरिष्ठ कार्यालय से मार्ग दर्शन लेकर नगर पालिका अधिनियम के तरह बने,नियम प्रावधानों के अनुसार बगैर अनुमति निर्माण को हटाने की कार्यवाही करनी चाहिए। नियमानुसार जैसे पहले भी अन्य शहरो में बगैर अनुमति निर्माण कार्य को विधि अनुसार हटाया गया था,उसकी अनुरूप उक्त अवैध निर्माण को हटाने की अब कार्यवाही करना चाहिए,ऐसा हमारा मानना है।