शराब साथ लेकर बुला रहे कालभैरव दिव्य दृष्टि वाला आबकारी सब इंस्पेक्टर क्या डीएसपी की पोस्टिंग अब एसपी के जिम्मे ? जो मर गए, वे राशन फिर भी खा रहे हैं  सपना मेरा टूट गया इकबाल के बेलवाल के अब बुरे हाल अशोकनगर कलेक्टर तक नहीं पहुंची  महंत की आवाज

शराब साथ लेकर बुला रहे कालभैरव

झाबुआ/इंदौर।संजय जैन-सह संपादक। उज्जैन नगर निगम सीमा में हुई शराबबंदी का सीधा सीधा असर विश्व प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर पर भी देखने को मिल रहा है। खास बात तो यह है कि काल भैरव मंदिर में मदिरा (शराब) का ही भोग लगता है। इसलिए मंदिर के बाहर दो शराब की दुकान थीं,परंतु उन्हें भी अब बंद कर दिया गया है। गौरतलब है कि उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह का कहना है कि काल भैरव मंदिर में यदि कोई श्रद्धालु बाहर से शराब लेकर आता है और भगवान को भोग लगाता है, तो वह मान्य होगा, परंतु मंदिर परिसर के आसपास शराब बिक्री नहीं होगी।

दिव्य दृष्टि वाला आबकारी सब इंस्पेक्टर

एमपी पीएससी में दिव्यांग कोटे से परीक्षा देकर आबकारी सब इंस्पेक्टर बने सागर निवासी सत्यम रजक के सोशल मीडिया पर बाइक चलाते हुए फोटो और वीडियो वायरल होने के बाद उनके दिव्यांग कोटे में चयन पर अब सवाल खड़े हो गए हैं। उज्जैन जिले के महिदपुर रोड इलाके में रहने वाले प्रिंस यादव ने सत्यम के सिलेक्शन को गलत बताते हुए मामले की जांच की मांग की है । उन्होंने सवाल उठाये है कि अगर सत्यम दृष्टिबाधित है,तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस कैसे बना...? और अगर उसकी आंख सही है और वो बाइक चला सकता है,तो फिर उसका दृष्टिबाधित का सर्टिफिकेट कैसे बना ? 

क्या डीएसपी की पोस्टिंग अब एसपी के जिम्मे?

मध्य प्रदेश सरकार के विभिन्न जिलों में पदस्थ राज्य पुलिस सेवा के अधिकतर एसडीओपी इस समय असमंजस में है। अभी तक उनकी जिले के किसी सब डिवीजन में पोस्टिंग,सीधे राज्य सरकार के आदेश से होती थी और कार्यक्षेत्र के परिवर्तन का अधिकार भी सरकार को ही था। लेकिन अब संभावित निर्णय के चलते जिले के एसपी उन्हें जिले में किसी भी सबडिवीजन में पदस्थ करने की भूमिका में आ जाएंगे। याने डीएसपी की फील्ड में पोस्टिंग जिले से होने लगेगी।यह आदेश अभी आया नहीं है, लेकिन सूत्रों की मानें तो यह निर्णय फिलहाल पाइपलाइन में है। इस संभावित आदेश को लेकर एसडीओपी के मन में असंतोष और दुविधा की स्थिति सामने आ रही है। वे अपने सोशल मीडिया ग्रुपों पर खुलकर इस पर असंतोष प्रकट कर रहे हैं और इसके चलते इस आदेश पर फिर से मंथन हो रहा है।

जो मर गए, वे राशन फिर भी खा रहे है

एक तरफ इदौर सहित कई जिलों में जरूरतमंद अपना नाम राशन पर्ची में जुड़वाने के लिए भटक रहे है, दूसरी तरफ खरगोन जिले में ऐसे सैकड़ों फर्जी लोगों के नाम पर राशन वितरित किया जा रहा है,जो इस दुनिया में रहे ही हैं नहीं या तो शादी के बाद अन्यत्र रह रहे हैं। गौरतलब है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वर्षों से चल रहे यह बड़ा घोटाला कलेक्टर भव्या मितल द्वारा खातों की जांच कराने से सामने आया है। ज्ञात हो कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने अब तक करीब 15 हजार फर्जी सदस्यों के नाम सूची से हटा दिए हैं।

सपना मेरा टूट गया

जिस तरह रातोंरात मोनालिसा की जिंदगी में खुशियां आई थी, अब ठीक उसी तरह गम का पहाड़ भी इस वायरल गर्ल पर टूट पड़ा है। उल्लेखनीय है कि माला बेचने वाली इस लड़की की आंखों की खूबसूरती और खिलखिलाती हंसी ने सोशल मीडिया पर काफी बवाल मचा दिया था। फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने तो इन्हें अपनी अपकमिंग फिल्म द डायरी ऑफ मणिपुर के लिए साइन भी कर लिया था। इन्हें ब्रेक देने वाले डायरेक्टर सनोज मिश्रा को रेप केस में गिरफ्तार करने के बाद से तो मोनालिसा की उम्मीदें भी अब अधर में पहुँच चुकी हैं।

इकबाल के बेलवाल के अब बुरे हाल

मप्र राज्य आजीविका मिशन में करीब आठ साल पहले हुई अवैध नियुक्तियों के आरोपों में घिरे मध्य प्रदेश के पूर्व आईएफएस अधिकारी और राज्य आजीविका मिशन के तत्कालीन सीईओ ललित मोहन बेलवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) भोपाल ने (पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस  के खास रहे) बेलवाल, विकास अवस्थी और सुषमा रानी शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। अब भ्रष्टाचार की परतें खुलना शुरु होगी। आजीविका मिशन में भर्ती घोटाला तीन साल पहले उजागर हुआ था, जिसकी जांच में बेलवाल की भूमिका रिपोर्ट आईएएस नेहा मारव्या ने ढाई साल पहले सरकार को सौंप चुकी थीं। शिवराज सरकार में मंत्रालय स्तर पर जांच रिपोर्ट दबी रही।बेलवाल पर तो कोई कार्रवाई नही हुई बल्कि इसके उलट जांच रिपोर्ट देने वाली नेहा मारव्या आईएएस को लूप लाइन का रास्ता दिखा दिया गया था। अब लगता है मोहन सरकार एक्शन मोड में चल रही है। 

कलेक्टर तक नहीं पहुंची  महंत की आवाज

\अशोकनगर जिले की ऐतिहासिक व प्राचीन नगरी चंदेरी में 6 मंदिरों की 565 बीघा जमीन को बचाने के लिए 105 वर्षीय महंत कमलाकांत दास बीते 20 वर्षों से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। महंत के अनुसार, ग्राम माफी की 565 बीघा जमीन, ग्राम ठेका में 125 बीघा, ग्राम जंघार में 62 बीघा, ग्राम नटर में 60 बीघा, ग्राम मल्हारगढ़ में 100 बीघा और मोहनपुर के बाग-बगीचे तथा अन्य कई स्थानों पर मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा है । इसके अलावा, तहसील ईसागढ़ में स्थित 12 दुकानों का प्रतिमाह 300 रुपये किराया निर्धारित है वह भी नहीं मिल पा रहा है । महंत की आवाज ग्वालियर कलेक्टर सुन ही नहीं पा रहे हैं।

सहायक आबकारी के पदस्थ होने की खुशी

इंदौर जिले में देशी-विदेशी शराब दुकानों की नीलामी का सिलसिला जैसे ही शुरु हुआ वैसे ही आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त मनीष खरे की रवानगी ग्वालियर हो गई। उनकी जगह कौन आएगा यह विभाग से ज्यादा उज्जैन के लीकर किंग गौरव जायसवाल के नजदीकी लोगों को पता था। यही वजह रही कि खरगोन से जब अभिषेक तिवारी को इंदौर पदस्थ किया गया तो उज्जैन में भी खूब खुशी मनाई गई थी।गौरकरने लायक है कि हाल ही में सम्पन्न हुई आबकारी ठेकों की नीलामी में जायसवाल ग्रुप ने इंदौर-उज्जैन संभाग में अधिकांश जिलों की दुकानें भी ली हैं। 

इंदौर में पहली आईटी कॉन्क्लेव 27 को

इंदौर में 27 अप्रैल को आईटी कॉन्क्लेव का आयोजन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसके लिए तैयारियां करने को और आईटी कॉन्क्लेव के लिए देश की बड़ी आईटी कंपनियों को बुलाने के लिए भी कहा है। एक दिनी आईटी कॉन्क्लेव के लिए  देश-विदेश की महत्वपूर्ण आईटी और इससे जुड़ी सेवाएं देने वाली कंपनियों को न्योता भेजा जा रहा है। प्रदेश सरकार के अफसर व्यक्तिगत रूप से कंपनी प्रतिनिधियों से संपर्क कर रहे हैं, ताकि कॉन्क्लेव में ज्यादा से ज्यादा आईटी कंपनियों की सहभागिता हो सके।