क्या इंसानों से श्वानो की जान की कीमत ज्यादा.....?


संजय जैन स्टेट हेड  झाबुआ:- रविवार को पेटलावद में दिल दहला देने वाले हादसे ने सबको झंझोक कर रख दिया .....
नगर परिषद अधिकारियों के लापरवाही या अनदेखी कहो या फिर रसूखदार के दबाव ने नगर के बाहर थांदला रोड पर पेट्रोल पंप के पीछे नगर परिषद की बगैर अनुमति के एक सिनेमाघर का निर्माण करीबन 7 - 8 माह से चल रहा ओर एक मंजिल पूरी होकर दूसरी मंजिल की छत लेवल तक कार्य किया जा चुका था । 23 मार्च 2025 को दोपहर 12.20 के करीबन बगैर अनुमति के थांदला रोड पेट्रोल पंप के पीछे निर्माणाधीन सिनेमाघर की छत भरी जा रही थी वह ठेकेदार की लापरवाही या घटिया निर्माण से अचानक भड़भड़ाकर गिर गई। उपरोक्त निर्माण कार्य नवीन (नरसिंहदास) पिता प्रकशचंद्र बैरागी निवासी पेटलावद के द्वारा लंबाई 100 फीट चौडाई 60 फीट कुल 6000 वर्गफीट पर कराया जा रहा था जिसकी नगर परिषद पेटलावद से कोई निर्माण अनुमति प्राप्त नहीं की गई वही नगर परिषद पेटलावद के सीएमओ ओर उपयंत्री के द्वारा भी उक्त बिना अनुमति के चल रहे निर्माण कार्य को रोकने के शायद ही कोई प्रयास नहीं किए हो, जबकि नगर पालिका अधिनियम बना हुआ है जिसमें निर्माण कार्यों के संबंध में विभिन्न धाराएं ओर नियम बनाए गए है जिनमें सरकार के द्वारा समय समय पर परिवर्तन भी किया जाता है। नगर परिषद की बगैर स्वीकृति के अगर सिनेमाघर इत्यादि का अवैध निर्माण हुआ है तो नगर पालिका अधिनियम 1961 के अंतर्गत उल्लेखित धाराओं ओर नियम के तहत कार्यवाही की जाना चाहिए थी जो कि जानकारी अनुसार नहीं की जिसके चलते ही अवैध रूप से बगैर अनुमति के सिनेमाघर का निर्माण कार्य चल रहा था उसको नगर परिषद अधिकारियों ने रोकने की ओर कार्यवाही करने की जेहमत ही नहीं उठाई ओर अपने पदिए दायित्व के प्रति घोर लापरवाही बरती है जो स्पष्ट अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है उसके लिए नगर पालिका अधिनियम में बने कर्मचारी भर्ती तथा सेवा शर्ते नियम के तहत सीएमओ ओर अन्य अधिकारी कर्मचारियों पर जो वास्तविकता में जवाबदार है उन पर कार्यवाही आयुक्त नगरीय प्रशासन विकास विभाग को करनी चाहिए। नप अधिकारी कर्मचारियों की लापरवाही के चलते उपरोक्त सिनेमाघर की बिल्डिंग प्लिंथ लेवल से छत लेवल तक बिना अनुमति के खड़ी कर दी गई वह तो हादसे के कारण लोगों,पत्रकारों,ओर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान गया नहीं तो सब कुछ अधिकारियों की अनदेखी के ठीक ठाक चल रहा था।

बिना अनुमति के निर्माणाधीन सिनेमाहाल की छत गिरने से कुल 05 व्यक्ति घायल हुए।

निर्माणाधीन सिनेमाहाल की छत गिरने की सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर प्रशासनिक अमला ओर पुलिस विभाग मय दल बल के साथ उपस्थित होकर मलबें में दबे व्यक्तियों को तत्परता से बाहर निकाला जाकर एम्बुलेंस के द्वारा उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पेटलावद भेजा गया वही जिले से  एसडीईआरएफ दल के सदस्यों द्वारा रेस्क्यू कार्य किया गया। कुल 05 घायल व्यक्तियों में से 01 व्यक्ति की मृत्यु घटना स्थल पर हुई है तथा 01 व्यक्ति की मृत्यु अस्पताल में उपचार के दौरान हुई जिसमें मृतक लाला पिता सोमला निवासी झावलिया की मौके पर एवं अस्पताल में प्रकाश पिता रामलाल प्रजापत की मृत्यु हुई। शेष 03 व्यक्ति मांगीलाल पिता अमरसिंह निवासी मालपाड़ा,गुड्डा पिता लालू परमार निवासी झावलिया एवं चिंटू पिता अमरसिंह निवासी मालपाड़ा गंभीर घायल हुए उनका इलाज अस्पताल में उपचार जारी है ।आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल द्वारा मृतकों ओर घायलों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु जिला प्रशासन से निवेदन किया था।
जिला प्रशासन के द्वारा तत्काल घटना पर संज्ञान लेकर मृतक 02 व्यक्तियों के परिवारों को राशि रूपयें 75000-75000 एवं घायल 03 व्यक्तियों को 25000-25000 की सहायता राशि तत्काल से रेडक्रास के माध्यम से कलेक्टर नेहा मीना द्वारा जारी की गई तथा मृत व्यक्तियों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान अंतर्गत सहायता राशि स्वीकृति हेतु प्रकरण तैयार किये जाने के निर्देश दिए ।आपको बतादे सिनेमाहाल नवीन (नरसिंहदास) पिता प्रकाशचंद्र बैरागी, निवासी पेटलावद के द्वारा बनाया जा रहा था, जिसकी नगर परिषद पेटलावद से कोई अनुमति प्राप्त नही की गई थी व निर्माण कार्य निम्न गुणवत्ता व बिना किसी सक्षम स्वीकृति के किया जाना एसडीएम ने पाया ओर संबंधित के विरुद्ध FIR दर्ज की गई है।साथ ही सीएमओ पेटलावद से स्पष्टीकरण चाहा गया है। साथ ही हादसे की संपूर्ण जांच के लिए कलेक्टर नेहा मीना ने जांच समिति का गठन कर जांच के निर्देश दिए गए। लेकिन सवाल यह है कि नगर में बगैर अनुमति के चल रहे निर्माण कार्य की देखने की जवाबदारी उपयंत्री की होती है उतनी ही जवाबदारी सीएमओ की भी होती है। जबकि आश्चर्य तो इस बात का हो रहा है कि नगर में सिनेमाघर का निर्माण हो रहा ओर नगर परिषद के जवाबदारो को पता ही नहीं ऐसा हो ही नहीं सकता जबकि नगरीय प्रशासन विकास विभाग ने सीएमओ ओर अन्य अधिकारी कर्मचारियों को स्वच्छता अभियान को सफल बनाने ओर नंबर वन के लिए प्रतिदिन नगर में भ्रमण के निर्देश कई बार जारी किए है लेकिन उक्त बिना अनुमति के निर्माणाधीन सिनेमाघर की कहानी कुछ ओर बया करती दिखाई दे रही है। वही सीएमओ ओर अन्य अधिकारी कर्मचारियों पर कोई कार्यवाही नहीं होना कई प्रश्न खड़े कर रही है जबकि झाबुआ जिले की थांदला नगर परिषद में 20 जून 2024 गुरुवार को तीन सफाई कर्मचारियों ने एक मादा श्वान को लाठी से पीट पीट कर मारडाला था जिसका प्रदेश में काफी हो हल्ला हुआ ओर बात पशु प्रेमियों तक पहुंची और तत्कालीन सीएमओ राजकुमार ठाकुर को तत्काल प्रभाव से आयुक्त नगरीय प्रशासन विकास विभाग भोपाल ने निलंबित कर दिया था फिर पेटलावद में दोहरा रवैया क्यों अख्तियार नगरीय प्रशासन और जिला प्रशासन कर रहा है जो अभी तक पेटलावद नगर परिषद के सीएमओ ओर अन्य जवाबदार पर कोई कार्यवाही नहीं की गई क्या इंसानों की जान से श्वान की जान की कीमत सरकार की निगाह में अधिक है ?जबकि पेटलावद विधान सभा क्षेत्र की विधायक सुश्री निर्मला भूरिया है जो वर्तमान में प्रदेश सरकार में केबिनेट मंत्री है उनके द्वारा भी अभी तक कोई स्टेट मेट इस घटना को लेकर नहीं दिया न कोई कार्यवाही की बात कही क्या उनकी नजर में भी इंसानों की जान की कीमत कुछ हजार रुपए तक सीमित है क्या लापरवाह अधिकारीयो पर कार्यवाही नहीं होनी चाहिए जो अभी तक दिखाई नहीं दे रहा है केबिनेट मंत्री को तत्काल इस घटना पर संज्ञान लेकर जवाबदार अधिकारियों को निलंबित कर कड़ी कार्यवाही हेतु मुख्यमंत्री से चर्चा कर मृतकों ओर घायलों को उचित मुआवजा एवं दोषियों को सेवा से पृथक करने की चर्चा करनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई अधिकारी नियमों की अनदेखी न करे न लापरवाही बरते जिला कलेक्टर द्वारा बनाई गई जांच समिति गठित की गई वह नगर में चल रहे निजी भवन दुकान निर्माण कार्यों का भी मौका निरीक्षण कर अनुमति इत्यादि की जांच करे तो हो सकता है ऐसे ओर भी बगैर अनुमति निर्माण के प्रकरण की जानकारी मिल सके। जांच समिति बिना अनुमति निर्माण कार्य की जांच कर  दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की अनुशंसा कर मृतकों को न्याय प्रदान करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति न हो सके।

कुछ प्रश्न लोगो में मन में उठ रहे है

नगर परिषद के जवाबदार अधिकारियों के खिलाफ होगी कोई कार्यवाही?

नगर में चल रहे सभी निजी निर्माण कार्यों की जांच जिला प्रशासन करवाएगा?
पेटलावद विधायक ओर केबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया को चर्चा हेतु फोन लगाया शायद व्यस्त होने से फोन नहीं उठाया

पेटलावद नगर परिषद सीएमओ श्रीमती आशा भंडारी से चर्चा करना चाही तो उन्होंने चर्चा नहीं की

पूर्व विधायक वालसिंह मेड़ा ने पेटलावद हादसे में नगर परिषद को ठहराया जिम्मेदार
लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ़ हो कार्यवाई

घटना में नगर परिषद के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए बताया कि बिना अनुमति चल रहे निर्माण को लेकर नगर परिषद द्वारा पूर्व में ही करवाई कर दी जाती तो यहां इतना बड़ा हादसा नहीं होता। पूर्व विधायक श्री मेड़ा ने कहा कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाना चाहिए। उक्त हादसे में नगर परिषद सीएमओ सहित अन्य अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है… क्योंकि अगर यहां इतना बड़ा अवैध निर्माण चल रहा था तो फिर नगर परिषद ने इस ओर कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या पूरा खेल मिली भगत से चल रहा था? कई सवाल घटना के बाद उठ रहे हैं। क्या नगर परिषद सीएमओ के खिलाफ और मामले में जिम्मेदार अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर जैसी बड़ी कार्रवाई की जाती है या नही।

वालसिंह मेडा 
पूर्व विधायक पेटलावद