ओवरकॉन्फिडेंट न हों,रिजल्ट की जगह मेहनत पर करें फोकस-बोर्ड परीक्षा- जिले में 28379 परीक्षार्थी हायर सेकंडरी व हाई स्कूल परीक्षा में होंगे शामिल
कैमरे की नजर में परीक्षा प्रश्नपत्र खुलने व वितरण का समय भी होगा अपडेट
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-स्टेट हेड। हायर सेकंडरी व हाई स्कूल की बोर्ड परीक्षा 25 फरवरी से शुरू होने जा रहीं हैं। परीक्षाओं को लेकर टाइम टेबल जारी हो चुका है। जिले में 28379 परीक्षार्थी हायर सेकंडरी व हाई स्कूल परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा में पारदर्शिता लाने नई गाइडलाइन जारी की है। नई गाइडलाइन के तहत जिले के परीक्षा केंद्रों पर कलेक्टर प्रतिनिधि के रूप में पटवारी नियुक्त होगे, जिन पर थाने से प्रश्न पत्र लाने ले जाने की जिमेदारी रहेगी। साथ ही संवेदनशील और अति संवेदनशील केन्द्रों पर प्रेक्षक भी नियुक्त रहेंगे। इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर 1-1 उड़नदस्ता टीम बनाई गई है,जिसमें एसडीएम,तहसीलदार,जनपद सीईओ,बीईओ व बीआरसीसी शामिल होंगे,जो भ्रमण करते हुए परीक्षा केंद्रों पर नजर रखेंगे।
प्रश्न पत्र लाते समय थाने से परीक्षा केंद्र तक ऐप से लोकेशन होगी ट्रेस
बोर्ड परीक्षाओं में कोई गड़बड़ी न हो सके इसके लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने विशेष ऐप जारी किया है। इस ऐप के जरिए पुलिस थाने से प्रश्न पत्र उठाने से लेकर परीक्षा केंद्र तक ले जाने के समय की लोकेशन ट्रेस होगी। साथ ही प्रश्न पत्र खुलने व वितरण होने का समय भी दर्ज होगा। हर परीक्षा केंद्र पर कलेक्टर का प्रतिनिधि नियुक्त रहेगा,जिसे मंडल द्वारा मोबाइल में एक लिंक दी जाएगी,जिसके माध्यम से ऐप डाउनलोड होगा। एप के जरिए थाने से प्रश्न पत्र उठाने से लेकर परीक्षा केंद्र ले जाने तक पूरा समय दर्ज होगा। इसके बाद प्रश्न पत्र खुलने,वितरण करने व परीक्षा शुरू होने का समय अपडेट करना होगा।
संवेदनशील केंद्रों पर पर्यवेक्षक रखेंगे नजर
जिले में शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाओं को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। जिले में शिक्षा विभाग ने 55 परीक्षा केंद्र बनाए हैं जिनमें सभी केंद्रों पर केंद्राध्यक्ष व सहायक केंद्राध्यक्ष एवं कलेक्टर प्रतिनिधि नियुक्त किए हैं,जिनकी सूची वरिष्ठ कार्यालय को भेजी गई है। हायर सेकंडरी के 15787 व हाई स्कूल के 12592 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों में पांच संवेदनशील केंद्र हैं,जहां पारदर्शिता के लिए प्रेक्षक परीक्षा संचालन एवं अन्य गतिविधियों पर नजर रखेंगेे। जिले के कई बड़े परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी से भी निगरानी होगी,वहीं माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा दिए गए ऐप से भी परीक्षा की निगरानी होगी। ऐप से किसी भी गड़बड़ी एवं सुरक्षा को देखा जाएगा।
ओवरकॉन्फिडेंट न हों,रिजल्ट की जगह मेहनत पर करें फोकस
बोर्ड परीक्षा में छोटी-छोटी लापरवाहियां हमेशा मार्क्स के कम होने की वजह बन सकती हैं। बात भले ही छोटी सी है,लेकिन इसका असर मार्कशीट में साफ तौर पर नजर आता है। आइए जानते हैं कौन सी गलतियां करने से बचना चाहिए
1-इधर-उधर न देखें
परीक्षा हॉल में अपनी कॉपी पर पूरा ध्यान दें। यह न देखें कि दूसरे स्टूडेंट्स कितना लिख रहे हैं। इससे ऐसा महसूस हो सकता है कि आपको कम आता है। ऐसा करने से एकाग्रता भंग होती है। पेपर छूटने का खतरा बना रहता है। इसलिए परीक्षा हॉल में खुद के बारे में सोचें और मन को शांत रखें। यह न सोचें कि दूसरों की तैयारी कैसी होगी। आप कितना अच्छा करेंगे,यही सोचें।
2-कॉपी पर फोकस नहीं
कई स्टूडेंट्स के मन में भ्रम रहता है कि बी कॉपी लेने से मार्क्स ज्यादा मिलते हैं,लेकिन शिक्षकों का मानना है कि यह भ्रम मात्र है। कॉपियां जांचते समय मार्क्स हमेशा सही जवाब के लिए मिलते हैं,न कि कॉपियां भरने के लिए। इसलिए कॉपी भरने पर फोकस न रखें। जवाब साफ और स्पष्ट लिखने की कोशिश करें। जहां पर डायग्राम की जरूरत है,वहां बनाएं। जहां पर जरूरी बात को अंडरलाइन करना हो,वहां जरूर अंडरलाइन करें।
3-ओवर कॉन्फिडेंस सही नहीं
परीक्षा के दौरान ज्यादातर स्टूडेंट्स को लगता है कि उन्हें यह सवाल बहुत अच्छी तरह से आता है। इस बात को लेकर कॉन्फिडेंट होना अच्छा है,लेकिन कई बार स्टूडेंट्स इतना निश्चिंत हो जाते हैं कि जब समय कम रह जाता है तो सबसे खराब जवाब उसी सवाल का लिखते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि सबसे पहले उन्हीं सवालों के जवाब लिखें जो आपको अच्छी तरह से आते हों। जवाब आता है,यह सोचकर अति उत्साहित न हों और न ही लापरवाही बरतें।
4-रिजल्ट नहीं,जवाब पर जोर
आमतौर पर स्टूडेंट्स पूरी परीक्षा के दौरान सिर्फ और सिर्फ रिजल्ट के बारे में सोचते रहते हैं। शिक्षकों का कहना है,परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स का फोकस अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर होना चाहिए,न कि इतने या उतने अंक आने चाहिए। अगर एग्जाम हॉल में सारा फोकस सवालों के बेहतर जवाब लिखने पर रहेगा तो निश्चित तौर पर परीक्षाफल आपकी उमीद से बेहतर होगा और असर दिखाई देगा।
5-हैंडराइटिंग में बदलाव नहीं
ज्यादातर स्टूडेंट्स की कॉपी में शुरुआत में राइटिंग सुंदर और पढ़ने योग्य होती है,लेकिन जैसे-जैसे जवाब बढ़ते हैं,हैंडराइटिंग खराब होती जाती है। एक समय के बाद पढ़ पाना मुश्किल होने लगता है,ऐसा करने से बचें। जवाब लिखने की स्पीड ऐसे मेंटेन रखें कि राइटिंग शुरू से लेकर अंत तक साफ.सुथरी बनी रहे। मार्क्स स्कोर करने में राइटिंग का भी अहम रोल होता है क्योंकि जवाब समझना आसान होता है।
9 व 11वीं की परीक्षा 3 फरवरी से हो गईं शुरू
इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा भी सीबीएसई की तरह 1 अप्रैल से नया सत्र प्रारंभ किया जा रहा है। जिससे कक्षा 9वीं व 11वीं की बोर्ड परीक्षा से 3 फरवरी से शुरू हो गई हैं। 9वीं व 11वी के लिए भी उत्तर पुस्तिकाएं व प्रश्न पत्र आ चुके हैं, जिन्हें पुलिस की निगरानी में रखवाया गया है। वहीं उत्तर पुस्तिकाएं एक्सीलेंस स्कूल में बंद कमरे में अधिकारियों की देखरेख में रखी गई हैं।
निशा मेहरा- सहायक आयुक्त - आदिवासी जनजाति विभाग,झाबुआ
रखी जाएगी नजर
इस बार 1 अप्रैल से नया सत्र प्रारंभ होगा,इसलिए 3 फरवरी से 9 व 11वीं की परीक्षाएं प्रारंभ हो गई हैं। बोर्ड परीक्षाएं 25 फरवरी से होंगी। परीक्षाओं पर निगरानी रखने संवेदनशील केंद्रों पर प्रेक्षक नियुक्त रहेंगे। एप के जरिए थाने से प्रश्न पत्र उठाने से लेकर ले जाने तक की लोकेशन से नजर रखी जाएगी।
हरीश कुंडल- सीएम राइज स्कूल प्राचार्य,झाबुआ

