बसों के इंतजार में खड़ा 100 करोड़ का टर्मिनल, अंदर होने लगा भंडारे का आयोजन
इंदौर: मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा 100 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम लागत से बनाए गए आधुनिक टंट्या मामा भील अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) कुमेड़ी का संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस विशाल परिसर से जहाँ बसों के संचालन का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सावन के पवित्र महीने में परिसर के भीतर भंडारे का आयोजन होने के बाद से इसके वास्तविक उपयोग और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राचीन शिव मंदिर और बिना अनुमति आयोजन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुमेड़ी आईएसबीटी परिसर के भीतर स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर में सावन मास के पावन अवसर पर एक धार्मिक भंडारे का आयोजन किया गया था। इस दौरान टर्मिनल भवन के अंदर ही पूरियां तली गईं और यात्रियों के बैठने के लिए बनाई गई आधुनिक कुर्सियों व सीटों पर श्रद्धालुओं को कतारबद्ध बैठाकर महाप्रसाद वितरित किया गया।
बताया जा रहा है कि इस आयोजन का नेतृत्व क्षेत्र के एक स्थानीय नागरिक सुभाष चौधरी द्वारा किया गया था, लेकिन इसके लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) से किसी भी प्रकार की आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आईडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) परीक्षित झाड़े ने कहा कि उन्हें इस आयोजन की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी और वे इस पूरे मामले की पूरी जाँच करवाएंगे।
दो साल बीतने के बाद भी बसों का संचालन ठप
आईडीए ने कुमेड़ी में इस भव्य अंतरराज्यीय बस टर्मिनल के निर्माण और इसके भू-अर्जन पर जनता के करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। इस टर्मिनल को हवाई अड्डे जैसी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, लेकिन लगभग दो साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी यहाँ से नियमित बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। यहाँ तक कि बसों के शुरू होने की कोई निश्चित तारीख भी अभी तक तय नहीं की जा सकी है। यही वजह है कि करोड़ों की लागत से तैयार यह बहुउपयोगी परिसर अपने मूल उद्देश्य से भटककर अन्य गतिविधियों का केंद्र बनता नजर आ रहा है।
राजनीतिक हलचल और कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी
इस धार्मिक भंडारे में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु शामिल हुए, जिसमें शहर कांग्रेस कमेटी के कई पदाधिकारी और वार्ड पार्षद भी पहुँचे और उन्होंने प्रसाद ग्रहण किया। इस आयोजन में विपक्षी नेताओं की मौजूदगी के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। गौरतलब है कि कुमेड़ी आईएसबीटी के शुरू होने में हो रही लगातार देरी को लेकर विपक्ष पहले से ही सरकार और प्रशासन को घेरता रहा है, और अब इसी परिसर में हुए इस आयोजन ने एक नया सियासी मोड़ दे दिया है।
फिलहाल, आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण इस बस टर्मिनल को जल्द से जल्द यात्रियों के लिए शुरू करने की माँग जोर पकड़ रही है, ताकि करोड़ों रुपये की इस परियोजना का वास्तविक लाभ आम जनता और यात्रियों को मिल सके।

